इंदौर। हत्या वाली रात चली थी दो गोलियां, शव को नमक डालकर दोबारा दफनाया…’दृश्यम’ स्टाइल मर्डर केस के आरोपी ने पूछताछ में खोले कई राज – देखें VIDEO

हत्या के मुख्य आरोपी रोहित से पूछताछ की जा रही है।

फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर इंदौर में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस को कई बातों का पता चला। आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की तो उस रात हुई घटना की हकीकत सामने आई। 1 मई की रात को पुरानी खुड़ैल तालाब के पास एक नहीं दो गोलियां चली। एक गोली आरोपी के दोस्त के पैर के आर-पार निकल गई। दूसरी गोली ने एक युवक की जान ले ली थी।

पहले जान लेते है पूरा मामला

ये पूरा मामला खुड़ैल थाना क्षेत्र का है। सेमलिया चाऊ में रहने वाले विशाल पिता अजय चौहान 1 मई को शादी में जाने का बोलकर घर से निकला पर वापस नहीं लौटा। 2 मई को उसके मोबाइल से मैसेज आया कि वह सांवरिया सेठ जा रहा है, लेकिन वह कॉल नहीं उठा रहा था।

परिवार को शंका हुई तो 3 मई को परिजन खुड़ैल थाने पहुंचे और शिकायत की। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर विशाल की तलाश शुरू की। सूत्रों से पुलिस को सेमलिया चाऊ में ही रहने वाले रोहित पर शक हुआ।

पुलिस ने रोहित को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की तो फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर विशाल की हत्या का मामला सामने आ गया। रोहित की विशाल की बहन से दोस्ती थी। विशाल उसे बहन से दूर रहने का बोलता था।

जमीन खोदी तो निकल आई लाश

रोहित से पूछताछ के बाद विशाल की गुमशुदगी का मामला हत्या में बदल गया। रोहित ने हत्या के बाद विशाल की लाश को जमीन में दफन कर दिया था। लाश की तलाश पुलिस को छोटी खुड़ैल तालाब ले पहुंची, जहां रोहित की निशानदेही पर पुलिस ने जमीन खोदकर विशाल की 15 से 16 दिन पुरानी लाश को बाहर निकाला और उसका पीएम करवाया।

इस हत्याकांड में रोहित की तीन लोगों ने मदद की। घटना वाली रात को रोहित का दोस्त वीरेंद्र पिता बहादुर सिंह दायमा उसके साथ था। उसके सामने ही ये हत्याकांड हुआ

हत्या वाली रात चली दो गोलियां

खुड़ैल थाना प्रभारी करणी सिंह शक्तावत ने बताया कि हत्या वाली रात को रोहित अपने दोस्त वीरेंद्र के साथ घटना स्थल पर था। यहीं पर उन्होंने विशाल को बुलाया था। विशाल के आने के बाद उनके बीच झगड़ा हो गया। झगड़े में पहली गोली चली जो वीरेंद्र के पैर के आर-पार हो गई। इसके बाद रोहित ने दूसरी गोली चलाई जो विशाल को लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।

विशाल की मौत के बाद उन्होंने तालाब के पास ही शव को दफना दिया और देसी पिस्टल, जिससे गोली चलाई उसे तालाब में फेंक दिया। कुछ दिन बाद जब बारिश हुई तो रोहित को लगा कही लाश बाहर ना आ जाए। इसलिए उसने अपने परिचित बबलू खाडपा और सोनू परमार को 40 हजार रुपए दिए और दोबारा घटना स्थल पर पहुंचे।

यहां उन्होंने खुदाई की और लाश के ऊपर खूब सारा नमक डाला और लाश को गहराई में दफन कर दिया, लेकिन पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

उज्जैन से तीन महीने पहले खरीदी देसी पिस्टल

खुड़ैल थाना प्रभारी ने बताया कि रोहित से देसी पिस्टल के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि तीन-चार महीने पहले वह उज्जैन गया था। उसका देसी पिस्टल खरीदने के लिए एक व्यक्ति से संपर्क हुआ था। तीस हजार रूपए में उसने पिस्टल खरीदी थी, जिससे उसने वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस को आशंका है कि रोहित ने विशाल को मारने की प्लानिंग काफी समय पहले ही बना ली थी। तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, रोहित पुलिस रिमांड पर है, उससे ओर भी पूछताछ की जा रही है।

पिस्टल की तलाश में जुटी पुलिस

थाना प्रभारी ने बताया कि रोहित से पूछताछ में पता चला कि उसने हत्या के बाद पिस्टल तालाब में ही फेंक दी थी। तालाब में पिस्टल की तलाश का जा रही है। पुलिस गोताखोर, ग्रामीण और चुंबक की मदद से पिस्टल को तालाब में तलाश कर रही है। रविवार को दिन में भी पुलिस ने पिस्टल की तलाश की थी, लेकिन उस वक्त तक पिस्टल नहीं मिली थी। थाना प्रभारी का कहना है कि पिस्टल की सर्चिंग जारी है।

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