माननियों की लड़ाई… महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में BJP MLA और NCP नेता के बीच झड़प। देखे वीडियो

महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. इस बीच विधान भवन परिसर के अंदर गुरुवार (17 जुलाई) को हंगामा खड़ा हो गया. बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी-(एसपी) नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच झड़प हो गई. दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और मारपीट तक की नौबत आ गई.

महाराष्ट्र में सदन के परिसर में भयंकर हाथापाई)

वीडियो में साफ तौर से देखा जा सकता है कि बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थक किस तरह से आपस में भिड़े हुए हैं. दोनों ओर से कई नेताओं और समर्थकों ने एक दूसरे के कॉलर पकड़े और हाथापाई की

विधान भवन में हुई झड़प पर शरद गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, “अगर विधायक विधानसभा के अंदर सुरक्षित नहीं हैं, तो विधायक क्यों बने रहें? पूरा महाराष्ट्र जानता है कि हमलावर कौन था. इसके बावजूद हमसे बार-बार सबूत मांगे जा रहे हैं. पूरे देश ने देखा कि हमला किसने किया.”

 

दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी- CM फडणवीस

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान भवन में हुई मारपीट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ”विधानसभा परिसर में इस तरह की घटनाएं अस्वीकार्य हैं और हमारे नाम पर शर्मिंदगी लाती हैं. यह विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति के अधिकार क्षेत्र में आता है. दोनों ने आज हुई घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है. वे दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे.”

 

ऐसी घटनाएं दोबारा न हों- नाना पटोले

 

विधान भवन परिसर में बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी (एसपी) नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच हुई झड़प पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र विधानसभा की एक परंपरा हमेशा रही है और इसके गौरव की चर्चा पूरे देश में की जाती है. हमारा उदाहरण दिया जाता है लेकिन आज जो विधानसभा परिसर में घटना हुई है, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. इसकी चिंता विधानसभा के अध्यक्ष, विधानपरिषद के सभापति, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को करनी चाहिए.”

 

उन्होंने ये भी कहा, ”मैं खुद विधानसभा अध्यक्ष था. मुझे पता है कि हमेशा मुंबई पर खतरा मंडराते रहता है. ऐसे समय में विधायक और मंत्रियों के साथ में बड़े पैमाने पर लोगों का आना और विधानसभा की सुरक्षा को तकलीफ में लाना, ये बहुत ही गंभीर बात है. दिल्ली की पार्लियामेंट भी सुरक्षित नहीं थी, अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में यहां भी हमला हुआ था.”

 

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि ये सिर्फ अध्यक्ष और सभापति की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हम सभी जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों का इसका ध्यान रखना चाहिए. विधानसभा के अध्यक्ष, विधानपरिषद के सभापति, मुख्यमंत्री के पास पावर और जो महाराष्ट्र की बदनामी हो रही है उसे रोकना चाहिए.”

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