
रूस में बन रही कोरोना की वैक्सीन Sputnik V 95 फीसदी प्रभावी पाई गई है. इस वैक्सीन को बना रहे डेवलपर्स ने मंगलवार को जानकारी दी कि इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों पर किए गए दूसरे अंतरिम विश्लेषण में यह वैक्सीन 95 फीसदी प्रभावी पाई गई है.रूस की राजधानी मॉस्को मेंस्थित दि गामालेया नेशनल सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने कहा है कि वैक्सीन की पहली खुराक दिए जाने के 28वें दिन क्लिनिकल ट्रायल डाटा के दूसरे अंतरिम विश्लेषण में वैक्सीन 91.4 फीसदी प्रभावी साबित हुई है।
रूस के प्रत्यक्ष निवेश फंड (आरडीआईएफ) के सीईओ किरिल दिमित्रीव ने मंगलवार को एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्पुतनिक वी वैक्सीन न केवल सबसे ज्यादा प्रभावी है बल्कि दुनिया की सबसे ज्यादा सस्ती वैक्सीन में से भी एक होगी। किरिल ने कहा कि वैक्सीन को दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच रखा जा सकता है, जो कि इसके वितरण में अहम रहेगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीन 95 फीसदी से ज्यादा प्रभावी है, जो कि न केवल रूस के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर है। बता दें कि भारत की दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी लैबोरेटरी, स्पुतनिक वी वैक्सीन के क्लिनिकल परीक्षण के साथ-साथ इसके वितरण पर भी सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में जहां इसका परीक्षण चल रहा है वहां के नियामकों से बात चल रही है।
क्या होगी स्पुतनिक वी वैक्सीन की कीमत
किरिल ने वैक्सीन की कीमत को लेकर कहा है कि यह दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन में से एक होगी। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 740 रुपये से भी कम होगी। समान प्रभावी क्षमता वाली वैक्सीनों के मुकाबले इसकी कीमत लगभग आधी है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना ने भी अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन के 94.5 फीसदी प्रभावी होने का दावा किया है।