
बदलते मौसम के साथ, खासकर सर्दियों में अक्सर लोगों की तबीयत खराब हो ही जाती है। लोग बुखार, खांसी, जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि सर्दियों के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे बीमारियां शरीर को जल्दी जकड़ लेती हैं। खासकर इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा संभल कर रहने की जरूरत है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता व्यस्कों के मुकाबले कम होती है। इन्ही सब बीमारियों से बचने के लिए हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी बीमारियों से बच सकते हैं।
सामान्य फ्लू के लक्षण
बदन दर्द
बुखार
सिर दर्द
मांसपेशियों में खिंचाव
नाक बंद होना
खांसी
हालांकि कुछ इसी तरह के लक्षण कोरोना वायरस के भी हैं। इसलिए दोनों में फर्क करना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए बेहतर होगा कि आप 3-4 के बाद एक बार डॉक्टर से जरूर मिल लें। अब आइए जानते हैं कि वायरल बुखार और फ्लू से बचने के लिए कौन से घरेलू उपाय जरूरी हैं।
दूध में हल्दी मिलाकर पीएं
दूध हो या हल्दी, दोनों ही सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। ऐसे में अगर आप इन दोनों को मिलाकर पीएं तो इससे और भी ज्यादा फायदा मिलेगा। दरअसल, हल्दी एंटीबायोटिक का काम करती है, इसलिए इसे दूध में मिलाकर पीना बेहतर होगा। आप हर रोज रात में सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में थोड़ी सी हल्दी मिला लें और उसे पी जाएं। यह सेहत के साथ-साथ आपको सर्दी-खांसी और वायरल फ्लू से भी बचाएगा।
च्यवनप्राश भी है फायदेमंद
वैसे तो लोग हर समय च्यवनप्राश खाना पसंद करते हैं, लेकिन यह बदलते मौसम में ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल से बनाया जाने वाला च्यवनप्राश एक आयुर्वेदिक उत्पाद है, जो सर्दी-जुकाम से बचाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बेहतर करता है।
सर्दी-जुकाम और खांसी है तो भाप लें
अगर आपको सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या है तो भाप लेना सबसे बेहतर घरेलू उपाय है। इससे बंद नाक की समस्या खत्म हो जाती है और सीने में जकड़न से भी आराम मिलता है। आप सादे पानी की भी भाप ले सकते हैं या फिर गर्म पानी में पुदीने की पत्तियां या अजवाइन की पत्तियां डालकर भाप ले सकते हैं। यह खांसी के साथ-साथ गले में खराश या दर्द से भी राहत देता है।