पात्रता खत्म फिर भी बंगले पर कब्जा: चुनाव हारे मंत्री, पूर्व सांसद-मंत्री और अफसरों पर मोहन सरकार सख्त, प्रभात झा के बंगले को 13 जनवरी तक खाली करने का अल्टीमेटम, नहीं तो जबरन बेदखली और 30 गुना किराया

विधानसभा चुनाव हारने और मंत्री पद जाने के बाद पात्रता खत्म होने के बावजूद अपने बंगलों में डटे हुए हैं। ऐसे नेताओं पर अब मोहन सरकार सख्ती बरतने जा रही है। बिना पात्रता के सरकारी घरों में रहने वाले पूर्व मंत्रियों और अफसरों से अब सख्ती से बंगले खाली कराए जाएंगे। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को भेजे गए नोटिस में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि यदि 13 जनवरी तक बंगला खाली नहीं किया तो प्रशासन बल प्रयोग कर बेदखली की कार्रवाई करेगा।

पद नहीं लेकिन बंगला बरकरार पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। इसके बावजूद वे बंगले में दो साल से डटे हुए हैं। वहीं, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी वर्तमान में विधायक न होने के बावजूद मंत्री रहते मिले बंगले को खाली नहीं कर रहीं हैं। ऐसी ही स्थिति भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की है। सांसद न होने के बाद भी वे सरकारी बंगले में डटी हुई हैं।

संपदा संचालनालय से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रभात झा के परिवार को पहले ही 6 जनवरी को नोटिस दिया गया था, जबकि रामपाल को इससे पहले नोटिस दिया जा चुका है। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पात्रता समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा। मंत्रियों वाले बंगलों में रह रहे विधायक

  • डॉ. प्रभुराम चौधरी (विधायक सांची)
  • भूपेन्द्र सिंह(विधायक खुरई)
  • गोपाल भार्गव (विधायक रहली)
  • मीना सिंह (विधायक मानपुर)

भारी-भरकम किराया वसूली होगी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया तो भारी भरकम किराया वसूला जाएगा। नियमों के मुताबिक, पहले तीन महीने तक सामान्य किराया, इसके बाद अगले तीन महीनों के लिए 10 गुना किराया और इसके बाद भी आवास खाली नहीं होने पर 30 गुना तक किराया वसूलने का प्रावधान है। विधि विभाग ने इस तरह की वसूली को मंजूरी दे दी है।

7 अफसरों को भी बंगला खाली करने के नोटिस

संपदा संचालनालय के अनुसार, राजधानी भोपाल में चार आईएएस अधिकारियों समेत कुल सात अफसरों को भी बेदखली नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कुछ आईपीएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

पात्रता से ऊपर की श्रेणी के बंगलों में रह रहे विधायक आमतौर पर मंत्रियों को बी और सी टाइप बंगले आवंटित किए जाते हैं। लेकिन, वर्तमान में बीजेपी और कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक ऐसे हैं जो पात्रता से ऊपर वाली श्रेणी के बंगलों में रह रहे हैं। इनमें अधिकांश ऐसे विधायक हैं जो पहले मंत्री रह चुके हैं। इन माननीयों के पास पात्रता से ऊपर वाले बंगले

  • यादवेन्द्र सिंह विधायक टीकमगढ़ (पूर्व मंत्री)- बी-23, (74 बंगले)
  • राजेश शुक्ला बब्लू विधायक बिजावर – सी-20, शिवाजी नगर
  • अजय सिंह विधायक चुरहट(पूर्व नेता प्रतिपक्ष)- सी-19, शिवाजी नगर
  • संजय पाठक विधायक विजयराघवगढ़(पूर्व मंत्री) – सी-26, शिवाजी नगर
  • सुरेन्द्र पटवा विधायक भोजपुर (पूर्व मंत्री)- बी-3 (74 बंगले)
  • अर्चना चिटनीस विधायक बुरहानपुर (पूर्व मंत्री)- सी-28, शिवाजी नगर
  • डॉ. विक्रांत भूरिया विधायक झाबुआ – सी-1 (74 बंगला)
  • ओमप्रकाश सखलेचा विधायक जावद (पूर्व मंत्री) सी-16, शिवाजी नगर

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