
पूरे साल अपने खौफ में रखने वाला Corona साल बीतते-बीतते भी दहशत फैला रहा है. अभी हाल में ब्रिटेन में Corona की घातक स्ट्रेन सामने आई है, जिससे सारी दुनिया अलर्ट पर है. अब इसी बीच बेल्जियम से भी एक और डराने वाली खबर सामने आई है.
क्रिसमस के दिन हर बच्चों को सांता का इंतजार रहता है। इस दिन जब सांता क्लॉस आता है तो वो बच्चों के लिए गिफ्ट लाता है, लेकिन बेल्जियन में एक सांता क्लॉस 18 लोगों के लिए मौत का देवता बनकर आया।
बेल्जियन के मोल में स्थित हेमलरिजेक केयर होम में दिसंबर की शुरूआत में एक व्यक्ति सांता क्लॉस बनकर आया था। इस दौरान उसने बुजुर्ग लोगों के साथ समय बिताया।
सिंटरक्लास और काले चेहर में उनके सहायकों जिन्हे ज्वर्ट पीट (‘ब्लैक पीट’) के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने इस महीने की शुरुआत में 121 निवासियों और मोल, एंटवर्प के हेमलरिजेक केयर होम में 36 कर्मचारियों को संक्रमित कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब यह व्यक्ति सांता क्लॉस की ड्रेस पहनकर केयर होम आया था, तब उसे यह नहीं पता था कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित है। हालांकि, बाद में जब वो बीमार पड़ा तो उसने अपना टेस्ट करवाया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बाद इस केयर होम में एक-एक करके लोग कोरोना की चपेट में आने लगे। खबर के अनुसार, अभी तक 121 लोग और 36 स्टाफ संक्रमित हो चुके हैं। खबर के मुताबिक, क्रिसमस से एक दिन पहले और क्रिसमस के दिन पांच लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जिसके बाद केयर होम के अभी तक 18 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
जब से केयर होम के लोग कोरोना से संक्रमित होने लगे, उसके बाद अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि ऐसा हुआ क्यों और इसी दौरान उन्हें सांता बनकर आए व्यक्ति पर शक हुआ।
केयर होम के कर्मचारी लोगों का मनोबल बढ़ाना चाहते थे, और इसलिए उन्होंने सांता क्लॉज का प्लान किया था। केयर होम के कर्मचारियों ने बताया कि जब सांता आया था, तब वह अस्वस्थ महसूस नहीं कर रहा था।
केयर होम में बुजुर्गों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों के अनुसार, जिस आदमी ने सांता के कपड़े पहने थे, वह वास्तव में एक चिकित्सक है जो अन्य समय पर निवासियों की देखभाल में मदद करता है।
बता दें कि, इस शहर की जनसंख्या 35 हजार की है और लोग वायरस को नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं। मोल के अधिकारियों ने कहा कि सांता कई जगहों पर गया जिसमें बैठक कक्ष भी शामिल है।
मेयर ने बताया कि शुरुआत में कहा गया कि सांता ने सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध फोटो देखकर लगता है कि उन्होंने ऐसा नहीं किया था। हालांकि, बेल्जियम के टॉप वैज्ञानिक ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता है कि सांता के आने से इतने लोग संक्रमित हुए हो।