मेक्सिको में सेना के ऑपरेशन में कुख्यात ड्रग सरगना एल मेंचो ढेर, 20 राज्यों में भड़की हिंसा; जालिस्को लॉकडाउन, 32 की मौत

मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। मेक्सिको के रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला के मुताबिक मेंचो की लोकेशन का पता उसकी गर्लफ्रेंड के जरिए चला। सेना उसे लंबे समय से ट्रैक कर रही थी।

मेक्सिको में मेंचो समर्थकों ने कई गाड़ियों और विमानों में आग लगा दी।

एल मेंचो की मौत के बाद सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन हुए। BBC के मुताबिक मेंचो के समर्थकों ने 20 राज्यों में हिंसा फैला दी। कई जगह रोडब्लॉक लगाए, गाड़ियों और 20 से ज्यादा सरकारी बैंक शाखाओं में आग लगा दी गई।

जालिस्को में लॉकडाउन के हालात हैं। ये शहर फीफा 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग शहरों में कम से कम 32 मौतें हुईं हैं, जिसमें 25 सैनिक शामिल है। ऑपरेशन के दौरान सेना ने बख्तरबंद गाड़ियां और रॉकेट लॉन्चर सहित बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए।

सेना के ऑपरेशन के दौरान एल मेंचो घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा अन्य 8 अपराधी भी मारे गए।

मेक्सिको के एक पेट्रोल पंप को कार्टेल ग्रुप के समर्थक ने अपने कब्जे में ले लिया, फिर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया।

मेंचो की गर्लफ्रेंड के साथी पर नजर रख रही थी सेना

ट्रेविला ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि खुफिया एजेंसियों ने एल मेंचो की गर्लफ्रेंड से जुड़े एक भरोसेमंद साथी की पहचान की थी। उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।

इसी व्यक्ति ने एल मेंचो की प्रेमिका को जालिस्को के पास एक कंपाउंड में पहुंचाया था, जिसका पीछा करते-करते सेना कैंपस तक पहुंच गई। जब महिला वहां से निकली तो अधिकारियों को यकीन हो गया कि भारी सुरक्षा के बीच एल मेंचो कंपाउंड के अंदर ही मौजूद है।

इसके बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत ऑपरेशन शुरू कर दिया और एक दिन बाद पूरे इलाके को घेर लिया। उन्होंने बताया कि सेना की घेराबंदी के दौरान मेंचो के वफादार बंदूकधारियों ने सेना पर फायरिंग शुरू कर दी।

सेना ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें मेंचो घायल हो गया। उसके साथी उसे लेकर पास के जंगल में भाग गए। काफी मशक्कत के बाद सैनिकों ने उसे खोज निकाला। घायल माफिया को हेलिकॉप्टर से मेडिकल सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने और उसके दो बॉडीगार्ड ने दम तोड़ दिया।

136 करोड़ रुपए का इनामी था मेंचो

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो, जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था। जालिस्को कार्टेल मेक्सिको में ड्रग्स बनाने और बेचने, स्थानीय कारोबारियों से वसूली करने और कई इलाकों में लोगों को डराकर रखने के लिए कुख्यात रहा है।

इस कार्टेल की मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से मेक्सिको पर एल मेंचो पर एक्शन लेने का दबाव बना रहे थे।

पहले भी ऐसी हिंसक घटनाएं हुईं

मेक्सिको में पहले भी जब किसी बड़े कार्टेल नेता को पकड़ा गया या मारा गया है, तब सरकार और कार्टेल के बीच हिंसक टकराव हुआ है। कई बार गिरोह के अंदर ही सत्ता की लड़ाई छिड़ जाती है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एल मेंचो की मौत से पहले 2016 में सिनाओला कार्टेल के सरगना एल चापो की गिरफ्तारी और 2024 में अल मायो की गिरफ्तारी के वक्त भी देश में ऐसा ही हुआ था।

2019 में जब अल चापो के बेटे ओविदियो गुजमान को पकड़ा गया था, तब उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को घंटों तक बंधक बना लिया था और सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। इसलिए अब भी डर है कि हालात और बिगड़ सकते हैं।

अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जालिस्को कार्टेल के पास नया नेता साफ तौर पर तय है या नहीं। अगर अंदरूनी लड़ाई शुरू हुई तो खून-खराबा और बढ़ सकता है।

मेक्सिको पर एक्शन लेने को दबाव बना रहे थे ट्रम्प

जालिस्को कार्टेल (CJNG) कार्टेल 2009 में बना था। एल मेंचो की लीडरशिप में यह मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग नेटवर्क बन गया था। यह कोकीन, मेथामफेटामिन और हाल के वर्षों में फेंटानिल जैसी सिंथेटिक ड्रग्स अमेरिका भेजता था।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेंचों की मौत से मेक्सिको और अमेरिका के रिश्तों में सुधार हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प मेक्सिको पर दबाव बना रहे थे कि वह कार्टेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वह सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं। इसी साल फरवरी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया।

मेक्सिको सरकार ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमले से देश की संप्रभुता का उल्लंघन होगा, लेकिन खुफिया जानकारी के स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है।

मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी

मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है।

अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है।

दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं।

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