सीएम का संदेश— बेटों को जबरन राजनीति में मत लाओ, मंच पर लेडी टीआई राज्य मंत्री से भिड़ीं, भाजपा नेता को कुत्ते ने काटा

इशारों-इशारों में सीएम ने दे दिया बड़ा संदेश मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा विधायक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन नेताओं को बड़ा संदेश दिया, जो अपने बेटों को राजनीति में फिट करने को लेकर टेंशन में हैं। सीएम ने दो उदाहरण देकर अपनी बात समझाई।

उन्होंने कहा- मैं लोकतंत्र के दो उदाहरण आपको देना चाहूंगा। हम एक विक्रमादित्य का नाम जानते हैं। उन्होंने गणतंत्र की स्थापना की। इतना बड़ा साम्राज्य बनाया, लेकिन अपने बच्चों को राजा नहीं बनाया। ये हमारे लिए उदाहरण है।सीएम ने आगे कहा- इसी प्रकार से द्वारकाधीश, भगवान कृष्ण के काल में, वे तो समर्थशाली थे। नाती-पोते, पूरा बड़ा परिवार था, लेकिन उन्होंने भी अपने बच्चों को राजा नहीं बनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बने हैं। अगर बच्चों में दम होगा, बच्चे समझेंगे तो बन जाएंगे। हम जबरदस्ती लाकर बनाने से कई बार हमारी राजनीति भी खराब हो जाती है। हालांकि, सीएम ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन समझने वाले समझ गए होंगे।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने बेटों को एडजस्ट करने वाले नेताओं को दिया बड़ा संदेश।

लेडी टीआई ने कर दी राज्य मंत्री की फजीहत श्योपुर में पहले राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी ने मंच पर मौजूद कराहल की महिला टीआई यास्मीन खान को खरी-खोटी सुनाई। फिर टीआई ने माइक अपने हाथ में लेते हुए नेता जी को हाथों-हाथ जवाब दे दिया।हुआ यूं कि राज्य मंत्री सीताराम आदिवासी पनवाड़ा माता मेले में अव्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे थे। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि मेले में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कमी रही। कई श्रद्धालुओं को असुविधा हुई।

उन्होंने टीआई की ओर इशारा करते हुए कहा- फालतू नाटक नहीं करें। ऐसे टीआई कई चले गए। जातिवाद कर रहे हैं आप। जब से ये टीआई साहब आए हैं, तब से घटनाएं हो रही हैं। कई घटनाएं हो गई हैं।

इस पर टीआई यास्मीन खान ने भी मंच से ही कहा- मुझे लगता है कि यहां बैठे एक या दो लोगों को छोड़ दें तो हमसे किसी को कोई शिकायत नहीं रही होगी। अगर किसी को शिकायत है तो अपना हाथ ऊपर कर दें।

टीआई ने आगे कहा- हमारे स्टाफ ने सुबह से शाम तक, धूप में, भूखे रहकर ड्यूटी की है। लेकिन अपने पर्सनल हित के लिए, पर्सनल दुश्मनी के लिए पूरे स्टाफ और पूरे पुलिस प्रशासन को दोषी कहना कहीं से भी उचित नहीं है।

टीआई ने कहा कि अगर आप पर्सनल हित के लिए सीताराम आदिवासी के कान भरते हैं, तो ये चीज ठीक नहीं है। टीआई ने जो कहा, उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। अब लोग कह रहे हैं कि महिला पुलिस अधिकारी ने भरे मंच से नेता जी की फजीहत कर दी। ये है कि अपनी ही पार्टी में सम्मान को तरस रहे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी को भी ऐसी उम्मीद नहीं रही होगी। वे कई बार अपनी ही पार्टी में उपेक्षा और अधिकारियों की अनदेखी की शिकायत कर चुके हैं। ऐसे में ये वाकया उनके लिए किसी झटके से कम नहीं है।

श्योपुर में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी को टीआई ने मंच पर दिया जवाब।

डॉग बाइट के शिकार बन गए एमआईसी सदस्य आपको याद होगा, इंदौर में भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में एमआईसी सदस्य और पार्षद मनीष शर्मा उर्फ मामा ने मिथुन स्टाइल में जमकर डांस किया था। उन्हीं भाजपा पार्षद मनीष मामा को कुत्ते ने काट लिया। वे दौड़ते-दौड़ते सरकारी अस्पताल पहुंचे और इंजेक्शन लगवाकर अपना इलाज कराया।

अब इस घटना की पूरे इंदौर में जमकर चर्चा हो रही है। लोग चटकारे ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि इंदौर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी नगर निगम ने कार्रवाई के नाम पर  नहीं किया।

अब कुत्ते ने एमआईसी सदस्य और पार्षद मनीष शर्मा को ही काटकर ये साबित कर दिया है कि शहर में आवारा कुत्तों का कितना आतंक है। लोग कह रहे हैं कि जब जिम्मेदार खुद डॉग बाइट के शिकार बने, जब खुद पर बीती, तो उम्मीद की जा सकती है कि शायद समस्या का कोई हल निकले।

इंदौर में एमआईसी सदस्य और भाजपा पार्षद मनीष शर्मा को कुत्ते ने काट लिया।

गंदगी देख खुद सफाई में जुट गए मंंत्री प्रद्युम्न सिंह ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एक बार फिर सफाई अभियान में जुटे नजर आए। वे अचानक सरकारी अस्पताल पहुंच गए। वहां उन्होंने देखा कि पानी की टंकी के पास गंदगी पसरी थी। फिर क्या था, मंत्री जी ने झाड़ू उठाया और खुद सफाई शुरू कर दी।

मंत्री तोमर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल परिसर में नियमित साफ-सफाई के निर्देश दिए। यह है कि मंत्री ने इसका वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर भी किया है। अब लोग कह रहे हैं कि मंत्री की पब्लिसिटी भी हो गई और उन्होंने अधिकारियों को संदेश भी दे दिया।हालांकि, लोग यह भी कह रहे हैं कि एक दिन ऐसा करने और वीडियो बनाने से क्या होगा, लगातार नजर रखनी होगी, तभी व्यवस्थाएं सुधर सकती हैं।

ग्वालियर के सरकारी अस्पताल में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर खुद सफाई करने में जुट गए।

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