इंदौर में डेली कॉलेज के इंस्टाग्राम पेज पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। डेली कॉलेज की तरफ से ही इस मामले में शिकायत की थी।
डेली कॉलेज इंदौर।
जिसके बाद चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर किया था। केस दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच ने बुधवार को एक अहेड मीडिया की संचालिका को बयान के लिए बुलाया और उनके बयान दर्ज किए।
दरअसल, 25 मार्च 2026 को क्राइम ब्रांच ने शिकायत के बाद चार लोगों पर केस दर्ज किया था। मामले में एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि डेली कॉलेज के ही गजेंद्र सिंह ने शिकायत की थी। वॉइज ऑफ डीसी नाम से फेक पेज बनाया था। मामले को इन्वेस्टिगेशन में लिया है। नोटिस जारी कर सभी के बयान लिए जा रहे हैं।

राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच, इंदौर।
25 मार्च को दर्ज हुआ था मामला
क्राइम ब्रांच में 25 मार्च 2026 को केस दर्ज किया था। इस मामले में चार लोग संदीप पारेख, अनुराग जैन, रंजीत सिंह नामली और मानवीर बायस के खिलाफ कायमी की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया था कि जुलाई 2025 में वॉइस ऑफ डीसी नाम से एक इस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया। इसका पहले नाम वॉइस ऑफ डेली कॉलेज था।
जिस पर सोसाइटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के खिलाफ झूठी, असत्य, अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और परेशान करने वाली पोस्ट की थी। साथ ही कई अन्य जानकारी भी दी थी। जिसके बाद मामले में कायमी की गई थी।
पेज के लिए कुछ ही कंटेंट बनाए थे
क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को अहेड मीडिया की संचालिका अलीशा सैनी को बयान के लिए बुलवाया था। उनसे कई बातों की जानकारी लेकर उनके बयान दर्ज किए गए।
मीडिया से चर्चा में अलीशा सैनी का कहना है कि वॉइस ऑफ डेली कॉलेज नाम का ग्रुप बनवाया था। उसे अनुराग जैन और संदीप पारेख हैंडल कर रहे थे। नवंबर 2025 में उनके बोर्ड ऑफ गवर्नर के लिए हमसे संपर्क किया था।
उस पेज के लिए लिमिटेड कंटेंट है। तीन एआई वीडियो है, एक दो शूट वीडियो है। ऐसे 8 से 9 वीडियो का कंटेंट हमने डिजाइन करवाया था।

3 फरवरी को पेज सस्पेंड होने का पता चला
अलीशा सैनी ने बताया कि दिसंबर में जब इसकी शिकायत हुई और हमारी जानकारी में आया तो हमने कहा कि कैंपेन और पेज के लिए काम नहीं कर पाएंगे। जिसके साक्ष्य आज यहां पर सब्मिट कर दिए हैं। दिसंबर से हम इस कैंपेन से जुड़े नहीं है।
3 फरवरी को पता चला कि एक लीगल ऑर्डर के माध्यम से इंस्टाग्राम ने इसे सस्पेंड कर दिया है। तब इसके बारे में जानकारी निकाली। तब मुझे संदीप पारेख और अनुराग जैन ने बताया कि ये ओल्ड डेलियन एसोसिएशन का अनऑफिशियल पेज नहीं है। इसका उस ग्रुप उस संस्था से कोई रिलेशन नहीं है ना ही इसका डेली कॉलेज से कोई ऑफिशियल एसोसिएशन नहीं है।
कॉलेज को उपलब्ध करा दी थी जानकारी
सैनी ने बताया कि अनुराग जैन ओडीए के ट्रेजर थे, संदीप पारेख डेली कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर थे। हमने उन पर भरोसा करके 8-10 वीडियो बनाए थे। जब पेज को सस्पेंड किया गया तो पता चला कि इस पर कुछ आपत्तिजनक कंटेंट था जो हमने नहीं बनाया था, उन्हीं के द्वारा दूसरे सोर्स से बनवाकर पेज पर डाला जा रहा था।
इस पर मैंने डेली कॉलेज से संर्पक करके मेरे पास जो जानकारी थी वह कॉलेज को उपलब्ध करा दी थी। हमने केवल 8 से 10 वीडियो कॉटेंट बनाए थे, जबकि सस्पेंड होने के पहले पेज पर 100 पोस्ट थीं, ये जो 90 पोस्ट थीं, वह हमने नहीं बनाई।बयान में हमने जो कंटेंट बनाए हैं, जो चैट हुई हैं अनुराग जैन के साथ, संदीप पारेख के साथ, रंजीत नामली के साथ। हमारा किस टाइम लाइन में एसोसिएशन था, कब तक उनके साथ काम कर रहे थे, ये सारी जानकारी बयान में दी गई है।