टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को समूह की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक ऑफिस से जुड़े आरोपों को बेहद गंभीर और पीड़ादायक बताते हुए कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी की अगुवाई में
मामले की जांच की जा रही है। चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा कि टीसीएस की शाखा से सामने आए आरोप बेहद चिंताजनक हैं और तथ्यों का पता लगाने और घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए कंपनी की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में जांच कराई जा रही है।

नासिक मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया
चंद्रशेखरन ने कहा, ”घटना को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कंपनी जांच में संबंधित एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।” उन्होंने कहा कि समूह किसी भी तरह के उत्पीड़न या दबाव को कतई बर्दाश्त नहीं करता है और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2022 से शुरू होता है, जब कथित उत्पीड़न की पहली घटनाएं सामने आईं। पिछले कुछ सालों में कई कर्मचारियों को इसी तरह की घटनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन शुरुआत में उन्होंने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में अंदरूनी तौर पर शिकायत की। हालांकि, पीड़ितों के अनुसार, इन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निर्णायक मोड़ मार्च 2026 के अंत में आया, जब नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज की गई। इससे जांच शुरू हुई और अन्य पीड़ितों को भी आगे आने का प्रोत्साहन मिला।
अप्रैल 2026 की शुरुआत तक शिकायतों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। इसके बाद नौ एफआईआर दर्ज की गईं और बाद में गिरफ्तारियां हुईं। पुलिस ने इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह मुस्लिम टीम लीडर शामिल हैं, जिनकी पहचान आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मोहम्मद, तौसीफ उथर और दानिश शेख के रूप में हुई है। इसके अलावा, एक एचआर को भी अरेस्ट किया गया है।
पुलिस की जांच के अनुसार, एचआर प्रतिनिधि ने कथित तौर पर पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज किया और उनसे कहा कि ऐसा व्यवहार मल्टीनेशनल कंपनी में आम बात है। इस दावे की अब गहन जांच हो रही है। जांचकर्ता हर एक आरोपी की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रहे हैं।
क्या थी अपराधों की प्रकृति
पुलिस ने बताया कि स्थित आईटी कंपनी में लगभग 300 कर्मचारी काम करते हैं और गिरफ्तार किए गए ज्यादातर लोग टीम लीडर हैं। कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से आठ महिला सहकर्मियों द्वारा यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, नौवीं शिकायत एक पुरुष कर्मचारी ने दर्ज कराई है