कटनी में बारातियों और लड़की वालों की पिटाई करने वाले दो सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया गया है। लेकिन पुलिस की धमकी से दोनों परिवार डरे हुए हैं। शादी वाले घरों में खुशी का माहौल नहीं है। दूल्हा-दुल्हन समेत परिवार सदमे में है।
20 अप्रैल की रात पुलिस ने डीजे बंद करने को कहा, बारातियों ने समय मांगा। एक घंटे बाद लाठीचार्ज किया।
20 अप्रैल की रात बारात मैहर जिले के अमदरा से आई थी, जो कटनी से 50 किमी दूर है। दुल्हन का घर कटनी के इंदिरा नगर में है। घर में मेहमान हैं, लेकिन शादी जैसी खुशी नहीं है। दो दिन पहले दूल्हा बने राजाराम डरे हुए दिखे। उनकी पत्नी ऋचा चौधरी के चेहरे पर भी डर और गुस्सा है। दैनिक भास्कर ने दूल्हे राजाराम वर्मा और पत्नी ऋचा से बात की।
दो तस्वीरों में देखिए 20 अप्रैल का घटनाक्रम…

चश्मा पहने पुलिसकर्मी लोगों को डंडे से मारता दिख रहा है

दुल्हन बोली- पुलिस ने हमारी सारी खुशियां छीन लीं
ऋचा कहती हैं- अपनी शादी की खुशी किसे नहीं होती, लेकिन पुलिस ने हमारी खुशियां छीन लीं। लोग शादी को जिंदगीभर याद रखते हैं, पर मैं पुलिस की मारपीट याद करूंगी। उन्होंने मेरे पति को पीटा, मुझे धक्का दिया और गालियां दीं। परिवार को भी चोट आई।
मैंने हाथ जोड़कर रोका, लेकिन मुझे भी धक्का दिया
ऋचा कहती हैं- 20 अप्रैल को शादी थी। रात में बारात आने वाली थी। मैं घर के अंदर सहेलियों के साथ सजी बैठी थी। बैंड-बाजे की आवाज आई तो सबने कहा बारात आ गई है।
घर के लोग बारातियों की ओर गए। बताया गया कि बारातियों और पुलिस में बहस हुई है। कुछ देर बाद बाराती खाना खा रहे थे। करीब एक-डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने बच्चों, बड़ों और महिलाओं को लाठी से पीटना शुरू कर दिया।पुलिस ने टेबल पर रखा खाना फेंक दिया। पिटाई में आकाश गिर गए और उन्हें घसीटकर ले जाने लगे। मैं बाहर आई और हाथ जोड़कर रोका, लेकिन मुझे धक्का दिया। फिर हमें गाड़ी में जबरन बैठा लिया।

मैंने कहा- हमें जाने दें, लेकिन वे धमकी देते रहे
ऋचा कहती हैं- हमें पीछे के रास्ते से थाने ले जाया गया। अंधेरे कमरे में मुझे और भाई को खड़ा किया। कई पुलिसवाले गालियां दे रहे थे। मैंने कहा, आज मेरी शादी है, जाने दें, लेकिन उन्होंने गालियां दीं और अपमान किया। वे नशे में थे। मैंने कहा कि पिता कर्ज लेकर शादी कर रहे हैं, हमें जाने दें, लेकिन वे धमकी देते रहे।
छोड़ तो दिया पर आगे क्या होगा, यह डर बना है
ऋचा कहती हैं- थोड़ी देर में बड़े अधिकारी आए। उन्होंने पूछा और मेरी बात सुनकर हमें छोड़ने को कहा। एक एसआई भाई को रोकना चाहता था, लेकिन मैंने मना किया, फिर तीनों को छोड़ने का आदेश हुआ।तड़के करीब पौने चार बजे हमें चौराहे पर छोड़ दिया गया। हम किसी तरह घर पहुंचे। अब आगे क्या होगा, यह डर बना है।

छोड़ते समय धमकी दी- शादी हो जाने दो, फिर देखेंगे
राजाराम की शादी दो दिन पहले हुई थी, लेकिन उनके चेहरे पर खुशी नहीं है। वे कहते हैं- बारात चौराहे से लगनी थी। तैयारी के बीच पुलिस आई और चली गई। बाद में बाराती खाना खा रहे थे, तभी पुलिस लाठी लेकर आई और लोगों को पीटना शुरू कर दिया।राजाराम कहते हैं- रात करीब दो बजे हमें गाड़ी में बैठाकर पीछे के रास्ते से थाने ले गए। वहां बदतमीजी की और मुझे पीटा। दुल्हन के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ और कोई महिला पुलिस नहीं थी। उन्होंने गालियां दीं और मोबाइल छीनकर रीसेट कर दिया। छोड़ते समय धमकी दी- शादी हो जाने दो, फिर देखेंगे।
घर सजा है, लेकिन परिवार के चेहरों पर खुशी नहीं
नीली दीवारों वाले घर की चौखट पर ‘शुभ विवाह’ लिखा है और तोरण लगा है। दीवार पर ऋचा-राजाराम का नाम है। घर सजा है, लेकिन परिवार के चेहरों पर खुशी नहीं है।ऋचा के पिता परसद्दी लाल चौधरी मजदूरी करते हैं। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। उन्होंने बेटी की शादी के लिए तीन लाख रुपए कर्ज लिया था। वे कहते हैं- शादी धूमधाम से करने की तैयारी की थी, लेकिन पुलिस ने सब बिगाड़ दिया।

हम अनुसूचित जाति के हैं, हमारे साथ ज्यादती हुई
परसद्दी लाल कहते हैं- प्रीतिभोज के दौरान पुलिस आई और लाठीचार्ज किया। बेटे, समधी और दामाद को पीटा, समधी का कंधा टूट गया। पत्नी को भी मारा। दूल्हा-दुल्हन को जबरन थाने ले गए।उन्होंने कहा- सरकार ने कानून बनाए हैं, लेकिन पुलिस ही तोड़ रही है। हमने एसपी और अजाक थाने में शिकायत दी है और आरोपियों पर SC/ST Act में FIR की मांग की है।
दुल्हन की मां के हाथ पर लाठी मारी गई
भाग्यवती चौधरी कहती हैं- मैं मेहमानों को बचाने हाथ जोड़ रही थी, लेकिन पुलिस ने मुझे पीटा। बुलाए गए मेहमान घायल होकर भूखे लौट गए। पुलिस के कारण शादी की रस्में पूरी नहीं हो सकीं। तड़के 4 बजे छोड़ने के बाद जल्दी में बाकी रस्में कर विदाई हुई।

अब जानिए किस बात को लेकर विवाद हुआ था…?
आकाश ने बताया- रात 12:30 बजे बारात लग रही थी। पुलिस ने डीजे बंद करने को कहा, बारातियों ने समय मांगा। पुलिस चली गई, लेकिन एक घंटे बाद लौटकर लाठीचार्ज किया। बाद में दो एसआई को लाइन हाजिर किया गया और कुछ लोगों पर केस दर्ज हुआ।
ASP बोले- लोग नशे में थे, पुलिस पर पथराव किया
एएसपी संतोष कुमार डेहरिया ने कहा कि पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस पहुंची। वहां लोग नशे में थे और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए।