हम भोपाल को तालाबों का शहर कहते हैं, लेकिन इंदौर भी इस तमगे का माद्दा रखता है। कम ही लोगों को पता है कि इंदौर में 49 तालाब हैं। यह संख्या सर्वे ऑफ इंडिया के रिकॉर्ड में दर्ज है। दैनिक भास्कर ने डेढ़ महीने तक एक-एक तालाब को खोजा तो पता चला कि 603 एकड़ के सात तालाब तो पूरी तरह गायब हो गए हैं।

इनकी जगह पर खेत, बिल्डिंग, मैरिज हॉल, ईंट भट्टे फैक्टरी और अन्य तरह का अतिक्रमण हो गया है। बाकी बचे 42 तालाबों में से भी ज्यादातर के कैचमेंट एरिया में अवैध कब्जे हो चुके हैं।
यही वजह है कि मार्च-अप्रैल में ही शहर के ज्यादातर इलाकों के बोरिंग जवाब दे रहे हैं। बायपास के आसपास स्थिति और खराब है। यहां ग्राउंड वाटर लेवल लगातार गिरता जा रहा है। गर्मी में टैंकरों के भरोसे ही रहना पड़ रहा है।
इंदौर के तालाबों पर अब तक की सबसे बड़ी रिपोर्ट… डेढ़ माह में खोजा एक-एक तालाब

कभी था बिचौली मर्दाना तालाब, अब उससे गुजर रहा बायपास
स्थान: बिचौली मर्दाना तालाब का क्षेत्र टोपोशीट में जितना है, वास्तविक स्थिति में उसका आधा भी नहीं रह गया है। बड़े हिस्से में बायपास, सर्विस रोड और अन्य निर्माण हो गए हैं।