मोदी के मन की बात को मन में उतारने का संकट… मोहन के बाद हेमंत ने भी दी नसीहत… कौशल किशोर चतुर्वेदी

मोदी के मन की बात को मन में उतारने का संकट… मोहन के बाद हेमंत ने भी दी नसीहत…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 मई 2026 को दो दिन लगातार यह अपील कर चुके हैं कि वैश्विक संकट के दौर में भारत के नागरिक सोना न खरीदें और तेल का प्रयोग बहुत सीमित करें। और अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई आग्रह है तो अपेक्षा की जाती है कि भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता इसका पालन करने में सबसे आगे खड़े नजर आएंगे। मोदी है तो मुमकिन है… का नारा भाजपा कार्यकर्ताओं की जुबां पर मानो स्थाई तौर पर अंकित है। लेकिन मोदी की तेल की बचत करने की अपील भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं को शायद रास नहीं आ रही है। गिने-चुने जनप्रतिनिधि इसका पालन करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन वहां भी डर है कि ऐसे जनप्रतिनिधि भी कहीं फोटो सेशन तक सीमित होकर न रह जाएं। क्योंकि व्यावहारिक तौर पर इसकी संभावना भी अधिक है। मोदी की दो दिन की अपील और 11 मई 2026 को कैबिनेट बैठक से पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनप्रतिनिधियों से किए गए आग्रह के बाद भी तीसरे दिन का मध्य प्रदेश का नजारा शायद यही बयां कर रहा था कि मोदी है तो भी सब कुछ मुमकिन नहीं है। आखिरकार भाजपा जनप्रतिनिधियों के मिले-जुले बर्ताव से आहत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल को भी जनप्रतिनिधियों को खासतौर पर यह नसीहत देनी पड़ी कि वैश्विक संकट और मोदी की अपील का खास तौर पर ध्यान रखा जाए। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में मोदी के मन की बात को मन में उतारने की हिम्मत मध्यप्रदेश के भाजपा कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि कर पाते हैं या नहीं। यदि इस स्तर पर मोदी की अपील का असर नहीं होता है, तो प्रदेश के नागरिकों से मोदी के आग्रह पर खरा उतरने की अपेक्षा करना शायद बेमानी होगी।
12 मई को मध्य प्रदेश में जनप्रतिनिधियों के सैकड़ों वाहनों के काफिलों वाले दो फोटो वायरल हुए हैं। पाठ्य पुस्तक निगम के नवागत अध्यक्ष सौभाग्य सिंह, पदभार ग्रहण के दौरान 500 से अधिक गाड़ियाँ लेकर भव्य प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। इस काफिले को देखने वाले लोगों की नजरों में मोदी की अपील हवा में तैरती नजर आई। अब सौभाग्य सिंह को सौभाग्य से पाठ पुस्तक निगम के अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करने का सौभाग्य मिला, तब उनके समर्थकों के उत्साह को मोदी की अपील के नाम पर दबाने का दुस्साहस भला कौन करता। और दूसरा फोटो विधायक प्रीतम लोधी का वायरल होता नजर आया। करेरा बगीचा सरकार मंदिर तक शक्ति प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों चार पहिया वाहनों के साथ लोधी का काफिला, मानो यही कह रहा था कि मोदी सामने हैं तब ही ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नारा जुबां पर आता है। बाकी समय तो प्रदर्शन के बिना कुछ भी मुमकिन नजर नहीं आता।
हालांकि, भोपाल में दो फोटो वह भी नजर आए जिनमें विधायक भगवान दास सबनानी और लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा की सवारी करते मोदी की अपील पर सौ फीसदी खरे उतरे दिखे। पर फिर वही बात कि क्या इस तरह की स्थिति रोजमर्रा की दिनचर्या में इन जनप्रतिनिधियों के लिए संभव है। या फिर प्रतीकात्मक तौर पर यह अपील फोटो में सिमटकर रह जाने वाली है। हालांकि मोदी ने भी जनप्रतिनिधियों को दिखावा करने की अपील कतई नहीं की है। बल्कि साफ तौर पर यही कहा है कि जितना हो सके तेल बचाया जाए। ऐसे में अगर बिना तामझाम के अकेली गाड़ी में बैठकर जनप्रतिनिधि अपना काम करते रहें, तब भी उनका बहुत बड़ा योगदान माना जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण गहरे आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। इस युद्ध ने वैश्विक सप्लाई चेन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिसके चलते पेट्रोलियम उत्पाद, गैस, उर्वरक, खाद्य तेल, गोल्ड सहित दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में व्यापक वृद्धि हुई है। दुनिया के अधिकांश देश इस संकट की मार झेल रहे हैं और उनके विदेशी मुद्रा भंडार पर भी भारी दबाव बना हुआ है। ऐसी कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने इस संकट के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित रखा है तथा देशवासियों को आर्थिक झटके से बचाने का प्रभावी प्रयास किया है। जबकि भारत पेट्रोलियम, उर्वरक और खाद्य तेल जैसे कई क्षेत्रों में आयात पर निर्भर है, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने संतुलित आर्थिक प्रबंधन के माध्यम से देश की स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ता और प्रदेशवासियों से संकट की इस घड़ी में देशहित सर्वाेपरि रखकर एकजुट होकर कार्य में जुटने का आग्रह किया है।खण्डेलवाल ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी कार्यकर्ता एवं प्रदेशवासी प्रधानमंत्री की अपील के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए आत्मसंयम एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की भावना को अपनाएं। प्रधानमंत्री की अपील केवल आर्थिक प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति हमारे कर्तव्यबोध और जिम्मेदारी का भी संदेश है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आयात पर निर्भर वस्तुओं जैसे पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्य तेल, गोल्ड, रासायनिक उर्वरक, विदेशी ब्रांडेड वस्तुओं तथा अनावश्यक विदेश यात्राओं में संयम बरतने का आग्रह किया है, ताकि देश की विदेशी मुद्रा की बचत हो और आर्थिक दबाव कम किया जा सके।
हो सकता है कि अब खासतौर पर मध्यप्रदेश भाजपा के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के आग्रह को आत्मसात कर कम से कम तेल को बचाने और सोना न खरीदने की बात को अपने मन में उतारकर एक आदर्श जनप्रतिनिधि और आदर्श भाजपा कार्यकर्ता के रूप में खरे साबित होंगे। और आने वाले दिनों में मोदी के मन की बात को मन में उतारने का संकट कम से कम भाजपा जनप्रतिनिधियों के मामले में देखने को नहीं मिलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल की मोदी की अपील पर खरा उतरने की नसीहत भी कारगर साबित होगी…।

 

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं

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