रीवा में सरकारी शिक्षक ने दो दिन में दूसरी बार की आत्महत्या की कोशिश: नस काटने के बाद सुनवाई नहीं हुई तो खाया जहर, टीआई और पत्रकार पर प्रताड़ना के आरोप; सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

रीवा में सरकारी शिक्षक अनिल कुमार तिवारी ने दो दिन के अंदर दोबारा आत्महत्या करने की कोशिश की। 21 मई (गुरुवार) को उन्होंने कलाई की नस काट ली थी। शुक्रवार को जब उन्हें होश आया तो बेटे से पूछा- कोई कार्रवाई हुई क्या? हमारी फरियाद किसी ने सुनी क्या…

रीवा में सरकारी टीचर ने दो दिन में दोबारा आत्महत्या की कोशिश की।

जब उन्हें पता चला कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं तो निराश होकर उन्होंने जहर खा लिया। उन्हें फिर से संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

फिर धमकी मिली- मरने की तमन्ना जरूर पूरी करेंगे

भाई धीरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि अनिल को गंभीर हालत में अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। जब वे घर पहुंचे तो पता चला कि आरोपी गांव में कह रहे हैं कि अगर वह अस्पताल से बच कर आया तो हम जिंदा नहीं छोड़ेंगे। उसकी मरने की तमन्ना जरूर पूरी करेंगे। प्रशासन और पुलिस की उदासीनता से परेशान होकर उन्होंने फिर से आत्मघाती कदम उठा लिया।मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर राहुल मिश्रा का कहना है कि किसी मरीज की हालत को देखते हुए ही उसे एडमिट या डिस्चार्ज करने का निर्णय लिया जाता है।

सरकारी शिक्षक अनिल कुमार तिवारी को दोबारा संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फर्जी मुकदमे में फंसाया, अपमानित किया

सीएम राइज स्कूल (शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल) लालगांव में पदस्थ शिक्षक अनिल कुमार तिवारी ने कलाई काटने से पहले 5 पेज के सुसाइड नोट में विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्र शर्मा और पत्रकार निशांत मिश्रा उर्फ अंकित को अपनी दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

बेटे ने कहा- हरा-भरा पेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद

पीड़ित शिक्षक के बेटे के मुताबिक, विवाद एक हरे-भरे पेड़ को काटने से शुरू हुआ। आरोप है कि मिश्रा परिवार ने उनकी जमीन पर लगा पेड़ बिना अनुमति काट दिया। विरोध करने पर शिक्षक को धमकियां दी गईं और उनके खिलाफ थाने में फर्जी केस दर्ज करा दिया गया। बेटे का कहना है कि पिता इस घटनाक्रम से मानसिक रूप से बेहद आहत थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

अनिल ने दोबारा आत्महत्या की कोशिश की, इससे उनकी पत्नी सदमे में हैं।

अब मैं किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहा

“मैं अनिल कुमार तिवारी पूरे होशो-हवास में यह लिख रहा हूं कि मैंने आज तक कोई अपराध नहीं किया। मुझे, मेरे भाई और मेरे लड़के को एक अवैध मामले में जबरन फंसाया जा रहा है। परमानंद मिश्रा, गीता मिश्रा और उसके बेटे निशांत मिश्रा उर्फ अंकित (पत्रकार) ने अधिकारियों से मिलकर यह साजिश रची।

मुख्य रूप से विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्र शर्मा ने पैसे लेकर मुझे बिना किसी अपराध के फंसा दिया। मेरी 28 वर्ष की साफ-सुथरी नौकरी पर हितेंद्र शर्मा ने दाग लगा दिया। उसे पुलिस में नहीं, बल्कि जल्लाद होना चाहिए था। पता नहीं इसने अब तक कितने निर्दोष लोगों को इसी प्रकार प्रताड़ित कर मार डाला होगा। सच्चाई स्पष्ट करने के लिए अंकित मिश्रा (उर्फ निशांत) और हितेंद्र शर्मा के मोबाइल की कॉल डिटेल चेक की जाए।

अनिल के जहर खाने की जानकारी मिलते ही परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए।

परमानंद के फौजी बेटे ने गोली मारने की धमकी दी

परमानंद के परिवार ने मुझे बहुत प्रताड़ित किया है। परमानंद का बड़ा बेटा फौज में है, उसने 15 मई को फोन पर मुझे गोली मारने की धमकी दी। जांच होने पर सब स्पष्ट हो जाएगा, अन्यथा ऊपर की अदालत में भगवान भोलेनाथ इन सभी पापियों को दंड अवश्य देंगे।

कलेक्टर की कार्रवाई से निराशा

कलेक्टर महोदय, नरेंद्र सूर्यवंशी जी, आपको अपने कर्मचारी पर थोड़ा भरोसा होना चाहिए था। आपने मेरे उत्कृष्ट कार्य के बदले पारितोषिक देने की जगह, मेरे लिए दंड तय कर दिया। मैंने जिस क्षेत्र में भी काम किया, पूरे मन से और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ किया था।

21 मई को टीचर ने अपनी कलाई काट ली थी। उन्होंने 5 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था।

सीबीआई जांच और दोषियों को जेल भेजने की मांग

मेरी वरिष्ठ अधिकारियों से गुजारिश है कि इस मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मानवाधिकार आयोग मामले की जांच कराकर दोषियों को जेल भिजवाएं, ताकि मेरे जैसा कोई और निर्दोष मारा न जाए।

इसके पहले परिवार के सदस्यों ने गुरुवार को एसपी गुरुकरण सिंह से भी शिकायत की थी। उन्होंने कहा- परिवार का कहना है कि शिक्षक एकतरफा कार्रवाई होने से परेशान थे। उनकी फरियाद थाने में नहीं सुनी गई, जिस वजह से आत्मघाती का कदम उठाया। मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

बंदूक के साथ निशांत मिश्रा उर्फ अंकित।

बेटी ने कहा- अब पूरा परिवार करेगा सामूहिक आत्महत्या

अनिल की बेटी प्रिया तिवारी ने बताया कि पत्रकार मेरे पापा के पीछे पड़ गया। उसने मेरे पापा की जिंदगी नर्क बना दी। वो सांस नहीं ले पा रहे और न ही बोल पा रहे। डॉक्टर जवाब दे चुके हैं। जब कोई कार्रवाई ही नहीं करना तो सरकार किस लिए है? मेरा पूरा परिवार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगा चुका है। एक ईमानदार आदमी को आखिरकार विवश होकर अपने लिए मौत चुनना पड़ती है। ये सिस्टम अंधा और बहरा हो चुका है। हमें अनाथ कर दिया, इसलिए अब पूरा परिवार सामूहिक सुसाइड करेगा, जिसका जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *