अशोकनगर के रहने वाले अशोक कुमार शर्मा भावुक हो उठे और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उनकी बेटी कॉन्स्टेबल निशा शर्मा (29) ने मंगलवार (9 जून) सुबह अपने सरकारी क्वार्टर में चादर से पंखे के सहारे फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया।
मंगलवार शाम पीएम के बाद परिवार शव लेकर अशोकनगर रवाना हुआ, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
3 तस्वीरें देखिए…

निशा ड्यूटी के दौरान के कुछ वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड करती थी।

इंस्टाग्राम पर शेयर एक रील में निशा मंदिर में हाथ जोड़ते हुए दिख रही है।

बॉय कट में रहती थी, ड्रेसिंग भी लड़कों जैसी
निशा शर्मा शुरू से ही बॉय कट में रहती थी। उसकी ड्रेसिंग भी लड़कों जैसी थी। वह फर्राटेदार बुलेट चलाती थी। उसे टैटू का भी शौक था और हाथ पर टैटू बनवाया हुआ था। उसे अक्सर दबिश में भेजा जाता था। अपराधियों में उसका खौफ था। वह पूरी तन्मयता से नौकरी करती थी।

जो खुद नहीं रोई, सबको रुलाकर चली गई
निशा के साथ काम करने वाली महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि उसे कभी उदास नहीं देखा। उसके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी। वह दूसरों को दुखी देखकर उन्हें हंसाने की कोशिश करती थी। उसकी खुशमिजाज छवि पूरे पुलिस महकमे में थी। कभी सोचा नहीं था कि वह इस तरह सबको रुलाकर चली जाएगी।
चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी निशा
निशा का परिवार मूल रूप से अशोकनगर जिले के ईसागढ़ का रहने वाला था। वर्तमान में परिवार अशोकनगर के पठार मोहल्ले में रहता था। निशा चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उससे छोटी दो बहनें और सबसे छोटा भाई है। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है।

कहती थी- शादी नहीं, माता-पिता की सेवा करूंगी
निशा के पिता ने बताया कि चार साल पहले शादी की बात की थी, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया था। उसने कहा था कि उसे शादी नहीं करनी। वह भाई के साथ माता-पिता की सेवा करेगी। इसके बाद उसकी दोनों बहनों की शादी हुई।
मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
उसकी सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल सका। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और ऐसी कोई बात भी सामने नहीं आई, जिससे पता चले कि वह किसी परेशानी में थी। सुसाइड से पहले मंगलवार सुबह उसने पोहा बनाकर खाया। किचन में पोहे के बर्तन मिले।
सुबह 7 बजे के आसपास उसकी फोन पर बात हुई। दोपहर 12 बजे के आसपास पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। आशंका है कि उसने सुबह 7 से 8 बजे के बीच फांसी लगाई, क्योंकि बॉडी में गैस बनना शुरू हो गई थी। मौत के तीन-चार घंटे बाद बॉडी में गैस बनना शुरू होती है।
सोमवार को नाइट ड्यूटी की, फिर घर गई
जानकारी के अनुसार दो दिन की छुट्टी के बाद निशा सोमवार शाम गुना पहुंची। इसके बाद वह कोतवाली गई। वहां उनसे कहा गया कि नसिया जी चले जाना। निशा कोतवाली से सीधे नसिया जी पहुंची और वहां ड्यूटी की। इसके बाद वह सरकारी क्वार्टर पहुंची थी

बॉडी को अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी