इंदौर बीजेपी-संघ विवाद की इंसाइड स्टोरी: कुत्ते को पेडिग्री खिलाने की बात पर स्वयंसेवक और परिजनों की पिटाई, फिर भड़का राजनीतिक संग्राम; संघ-भाजपा आमने-सामने, पथराव-तोड़फोड़ के बीच भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे पर केस

इंदौर में शनिवार-रविवार की दरमीयान हुए संघ और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच हुआ विवाद बड़ा ही रोचक है। कुत्तों को खाना खिलाने के नाम पर शुरू हुआ विवाद इंदौर विधानसभा क्षेत्र-4 में भाजपा और संघ से जुड़े पदाधिकारियों के बीच बड़े टकराव में बदल गया।

विवाद के बाद लोगों ने शेडगे को घेरा मारा था।

पहले भाजपा के दो गुटों में मारपीट हुई, फिर समझाइश देने पहुंचे संघ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी हाथापाई कर दी गई। इसके बाद मामला थाने से सड़कों तक पहुंच गया और दिनभर तोड़फोड़, पथराव औश्र शक्ति प्रदर्शन का दौर चलता रहा।घटनाक्रम के बाद पुलिस ने भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे के खिलाफ प्राणघातक हमले का प्रकरण दर्ज किया है, भाजपा ने उन्हें विधानसभा क्षेत्र-4 के प्रभारी पद से हटा दिया है।

अब पहले जानिए कैसे शुरू हुआ संघ-बीजेपी विवाद…

शनिवार को उषा नगर में रोजाना की तरह मितेश कुत्तों को खाना खिलाने के लिए घर से निकले थे। रात में मितेश ने शेडगे के घर के बाहर कुत्तों को पेडिग्री खिलाई, इसी दौरान शेडगे और उसके साथी घर से बाहर निकले और मितेश से बात करने लगे की यहां पर कुत्तों को खाना क्यों खिला रहे हो, यहां पर गंदगी होगी।शेडगे की इस बात पर मितेश ने कहा कि मैं बर्तन साथ में लाया हुं, बर्तनों में खाना खिलाकर सफाई करके जाऊंग। मितेश की यह बात सुनते ही शेडगे और उसके साथियों ने मितेश को गाली बकने के साथ ही मारना शुरू कर दिया।

मितेश ने इस दौरान उसके पिता को बुला लिया शेडगे और उसके साथियों ने पिता के साथ भी मारपीट की, तभी वहां से सुयश अपनी पत्नी के साथ जा रहे थे उन्होंने विवाद देखा तो कहा की क्यों विवाद कर रहे हो, इसी दौरान शेडगे ने सुयश और उसकी पत्नी के साथ भी हाथापाई शुरू कर दी।

सुयश और उसकी पत्नी के साथ हाथापाई होने पर सुयश ने चेतन पाटील को घटनास्थल पर बुलाया। चेतन पाटील शारिरिक विभाग से जुढ़े हुए है इसके साथ ही युवा विद्यार्थी का काम देखते हैं। चेतन जब पहुंचा तो उसने भी शेडगे और उसके साथियों से कहा कि हमें पहचानते नहीं हो क्या हम भी संघ से है।सूत्रों ने बताया कि शेडगे ने यह सुनते ही चेतन पाटील को बूरी तरह से पीटना शुरू कर दिया।

यह चेतन पाटील की फेसबुक प्रोफाइल है।

ऐसे स्वंयसेवक को हुई विवाद में एंट्री

चेतन को जब बूरी तरह पीटा गया तो चेतन और उसक साथियों ने व्हाट्स ऐप पर मैसेज चलाया कि संघ पर हमला हुआ। सूत्रों ने बताया कि इसी दौरान आलाकमान तक खबर पहुंचाई गई की 4 नंबर क्षेत्र में बीजेपी के लोग स्वंयसेवकों के साथ ही गंडागर्दी कर रही है।संघ पर हमले की खबर सुनकर और चेतन की पीटाई देखकर रविवार को सुबह 200 से ज्यादा स्वंयसेवक ने शेडगे और उनके साथियों के यहां पर पथराव और हमला कर दिया।

ऐसे हुई एफआईआर

एक तरफ रविवार को शेडगे और उसके साथियों के घर पर 200 से ज्यादा लोगों की भीड़ तोडफोड कर रही थी तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग एफआईआर दर्ज कर करवा रहे थे।रविवार शाम 4.30 बजे जिन सात लोगों पर जानलेवा हमले सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई, उसके मुख्य आरोपी शेंडगे व शानू दिघे तो शाम 7 बजे तक अन्नपूर्णा थाने पर ही मौजूद थे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई।सोमवार को भी पुलिस न तो किसी के घर पहुंची न कोई एक्शन लिया। घटनाक्रम की रात मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य ने दोनों गुटों में समझौते के प्रयास किए थे, लेकिन अगले दिन वे भी नजर नहीं आए।

शेडगे के यहां पथराव के बाद हंगामा हुआ था।

यह लिखवाया एफआईआर में

पहले मारपीट फिर महिलाओं पर चाकू व पिस्टल अड़ाए एफआईआर के अनुसार, फरियादी जयानी आगार ने बताया, शनिवार रात हमारे साथ हुई मारपीट के बाद शेंडगे व अन्य मेरे घर पहुंचे थे। उन्होंने घर में घुसकर जानलेवा हमले का प्रयास किया। शेंडगे व शानू ने चाकू व पिस्टल अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी। घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया।

चाकू अड़ाकर मुझसे कहा कि यहां से हट जा नहीं तो चेहरा बिगाड़ दूंगा। मेरे पति, सास-ससुर, दोस्त पूनम व उनके पति परमवीर राठौर को भी पीटा। प्रणय के हाथ में टॉमी थी, उसने धमकाया कि पिस्टल निकालकर इन्हें मार दो।इसी दौरान आरोपी मनीष ने मेरे पति सुयश पर पिस्टल चलाने की कोशिश की।

यह था पूरा मामला

शेंडगे के घर के बाहर ओटले पर कुत्तों को खाना खिलाने की बात से विवाद शुरू हुआ था। मीतेश कुत्तों को खाना देने पहुंचा था। इससे नाराज शेंडगे व साथियों ने उससे मारपीट की। बीच बचाव में आए स्वयंसेवक सुयश व संघ के पदाधिकारी पाटिल के साथ भी जमकर मारपीट की गई। उसी के खिलाफ संघ कार्यकर्ताओं ने रविवार को थाना घेरा। उधर, उनके समर्थकों ने शेंडगे व दिघे के घर तोड़फोड़ की थी।

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