NEET (यूजी) की 21 जून को होने वाली पात्रता परीक्षा में कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने पर पाबंदी रहेगी। मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन-स्मार्ट वॉच भी नहीं ले जा सकेंगे। मध्य प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टरों ने परीक्षा से पहले गाइडलाइन जारी कर दी है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को लेकर निर्देश दिए हैं। परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले पहुंचे। परीक्षा को लेकर भोपाल, इंदौर-रतलाम से स्पेशल ट्रेन भी चलेगी।
री-नीट में भोपाल से कम हुए 560 अभ्यर्थी मेडिकल में प्रवेश के लिए 21 जून को होने वाली री-नीट में इस बार भोपाल में 560 परीथार्थी कम हो गए हैं। पिछली बार 14 हजार 334 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 13 हजार 774 रह गई है। परीक्षा केंद्रों की संख्या भी 33 से घटकर 32 रह गई है। एक केंद्र पर उसी दिन यूपीएससी की परीक्षा होने के कारण केंद्रों की संख्या कम की गई है।
परीक्षा से पहले ने भोपाल में स्टूडेंट्स और कोचिंग संचालकों से भी बात की। छात्रा दिव्यानी परिहार ने बताया, वह पिछले 3 साल से तैयारी कर रही है। पिछली नीट परीक्षा अच्छी हुई है। परीक्षा देकर घर भी चले गए थे और रिजल्ट का इंतजार था।
पेपर लीक की जानकारी मिलते ही वापस भोपाल आए और अब दोबारा परीक्षा देना पड़ रही है। कई बच्चे मानसिक रूप से तैयार नहीं है। पेपर लीक का डाउट है। क्या होगा, ये बता नहीं सकती। अभी सिक्योरिटी तो नहीं है, लेकिन मेहनत कर रहे हैं।

उम्मीद है अब ऐसा नहीं होगा छात्रा रौनक रघुवंशी ने बताया, नीट का पेपर एक बार लीक हो चुका है। इसलिए उम्मीद है कि अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि सरकार भी सतर्क है। एक अन्य छात्रा ने बताया कि मैंने पिछली बार परीक्षा दी थी। इस बार भी दे रही हूं। NTA परीक्षा करा रहा है। इससे उम्मीद है कि कोई गड़बड़ी नहीं होगी।
प्राची ने बताया कि अच्छी तैयारी है। पेपर लीक न हो, इसे लेकर कुछ नहीं कह सकते। एक परसेंट भी भरोसा नहीं है। छात्रा रूबी ने बताया कि पिछली बार पेपर अच्छे से हुआ था, लेकिन बाद में लीक हो गया। अब देखते हैं इस बार क्या होता है?
इंडियन एजुकेशन सिस्टम बहुत गंदा छात्रा प्रणवी उपाध्याय ने कहा कि मैं नीट की तो नहीं जेईई की स्टूडेंट हूं और परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। जब कोई पेपर लीक होता है तो लाखों सपने टूटते हैं। सरकार परीक्षाएं अच्छे से कराएं। ताकि, पेपर लीक जैसे मामले सामने न आए। इंडियन एजुकेशन सिस्टम खराब है। देश इसी सिस्टम से चलता है। इसे सुधरना चाहिए। जिम्मेदार अपनी जेबें कम भरें।

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन एवं फ्रिस्किंग की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जो दोपहर 1.30 बजे तक चलेगी। केंद्र में प्रवेश का अंतिम समय भी दोपहर 1.30 बजे निर्धारित किया गया है। सामान्य अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5.15 बजे तक आयोजित होगी।
पात्र दिव्यांगजन (PwBD) अभ्यर्थियों को स्वीकृत 65 मिनट के प्रतिपूरक समय सहित परीक्षा शाम 6.20 बजे तक संचालित की जाएगी।
2 स्लाइड से जाने पूरी गाइडलाइन

ये रहेगा ड्रेस कोड परीक्षा देने वाले बच्चों को ड्रेस कोड का भी पालन करना होगा। हल्के रंग के साधारण वस्त्र पहनने और मोटे कपड़ों, बड़े बटन, अधिक जेबों वाले परिधानों, आभूषणों, घड़ियों, बेल्ट एवं अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं से परहेज करने की सलाह दी गई है।
एक दिन पहले केंद्र देख लें स्टूडेंट्स परीक्षा के दिन किसी प्रकार की असुविधा या विलंब को देखते हुए स्टूडेंट्स को एक दिन पहले केंद्रों को देखने की सलाह दी गई है। ताकि, परीक्षा वाले दिन कोई दिक्कत न हो।
भोपाल-इंदौर में सबसे ज्यादा परीक्षार्थी भोपाल में 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इंदौर में संख्या 14 हजार से अधिक है। ग्वालियर में 5 हजार, जबलपुर में 10 हजार, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है।