दिल्ली पुलिस के एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के विरोध प्रदर्शन के बीच ये कार्रवाई की गई है. एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था.

दिल्ली पुलिस के करीब 150 कर्मियों ने शाहदरा थाने में पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद दो अधिकारियों के तबादले के विरोध में पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था और संबंधित अफसरों की पुरानी तैनाती बहाल करने के साथ कई अन्य मांगें भी उठाईं थी. प्रदर्शन में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं.
इस प्रदर्शन ने 2019 में हुए इसी तरह के एक विरोध प्रदर्शन की यादें ताजा कर दीं है. उस समय वकीलों द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमले किए जाने के बाद 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और उनके परिजन पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटे थे. तब तीस हजारी अदालत में पार्किंग विवाद से जुड़ी घटना भी शामिल थी. वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रभावित पुलिसकर्मियों को कानूनी और चिकित्सकीय सहायता देने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था.
सोमवार को हाथों में तख्तियां और पोस्टर लिए प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने ‘वर्दी का अपमान नहीं सहेंगे’ जैसे नारे लगाए. उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) निरीक्षक अरुण कुमार की पुरानी तैनाती बहाल करने की मांग की.
विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस थाने में हुई एक घटना से जुड़ा है, जिसमें वकील ललित बंसल को कथित तौर पर झड़प के दौरान सिर में गंभीर चोट लगी थी. इसके बाद थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ, जिसके विरोध में जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी और बाद में अधिकारियों के तबादले के बाद यह हड़ताल वापस ले ली गई.
पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर एक के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों को प्रदर्शन समाप्त करने के लिए मनाने की कोशिश की.
शर्मा को वशिष्ठ से बात करते और एसीपी तथा अन्य पुलिसकर्मियों से पुलिस बल से अपेक्षित अनुशासन बनाए रखने की अपील करते देखा गया. उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए. उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों से अपने साथ मुख्यालय के अंदर चलने को भी कहा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया और पुलिस आयुक्त के साथ संवाद सत्र आयोजित करने की मांग की.
प्रदर्शन में शामिल होने की अपील दिल्ली पुलिस के व्हाट्सऐप समूहों के जरिए प्रसारित की गई थी. इसमें पुलिसकर्मियों से स्थानांतरित किए गए अधिकारियों के समर्थन में मुख्यालय के बाहर जुटने को कहा गया था. बताया जाता है कि जिला पुलिस उपायुक्तों और इकाई प्रमुखों से अपने कर्मियों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कहा गया था.