सोनभद्र के इस हत्याकांड की जांच में पुलिस पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक एनसीएल के वरिष्ठ ओवरमैन रमाशंकर मिश्रा (42) 22 अगस्त को रमाशंकर ड्यूटी से करीब दो घंटे पहले घर लौट आए थे। वहां उन्होंने पत्नी प्रियंका को कथित प्रेमी विकास चौहान के साथ देख लिया। इसके बाद विवाद हुआ।
आरोप है कि प्रियंका और विकास ने रमाशंकर का गला दबाया और सिर फर्श पर पटक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, विकास ने अपने दो साथियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को बुलाया।
चारों ने शव को चादर और गमछे में लपेटकर बीना स्टेडियम-जमशीला मार्ग के पास सड़क किनारे फेंक दिया। 23 अगस्त को शव बरामद हुआ। शुरुआत में पुलिस को मामला सड़क दुर्घटना का लगा, लेकिन घटनास्थल और शव की परिस्थितियों से शक गहराया।
27 अगस्त को रमाशंकर के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत की। इसके बाद मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई।क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडेय के मुताबिक, पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रियंका, विकास, अनुराग और सोनू की भूमिका सामने आई। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रेम संबंध के अलावा हत्या के पीछे आर्थिक लाभ के एंगल की भी जांच कर रही है।

प्रियंका-विकास ने गला दबाया, सिर फर्श पर पटका
रमाशंकर मिश्रा शक्तिनगर थाना क्षेत्र की बीना कॉलोनी में पत्नी प्रियंका और दो बेटियों के साथ कंपनी के क्वॉर्टर में रहते थे। पुलिस के मुताबिक, प्रियंका और विकास चौहान के बीच प्रेम संबंध था। रमाशंकर के ड्यूटी पर जाने के बाद विकास के घर आने की बात भी जांच में सामने आई।
22 अगस्त को रमाशंकर तय समय से करीब दो घंटे पहले घर लौट आए। उन्होंने पत्नी और विकास को साथ देख लिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार, प्रियंका और विकास ने उनका गला दबाया और सिर फर्श पर पटक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद शव को फेंककर हादसा बनाने की साजिश
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद विकास ने अपने दो साथियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को बुलाया। चारों ने शव को चादर और गमछे में लपेटकर बीना स्टेडियम-जमशीला मार्ग के पास सड़क किनारे फेंक दिया।
23 अगस्त को शव मिलने पर शुरुआत में इसे सड़क दुर्घटना माना गया। बाद में मामला संदिग्ध लगने पर हत्या की जांच शुरू की गई। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडेय के मुताबिक, पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से चारों की भूमिका सामने आई। इसके बाद प्रियंका, विकास, अनुराग और सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया।

नौकरी और आर्थिक लाभ का एंगल, लेकिन पुष्टि नहीं
रमाशंकर एनसीएल में वरिष्ठ ओवरमैन थे। उनकी नौकरी और आर्थिक स्थिति को देखते हुए आर्थिक लाभ का एंगल भी जांच में शामिल है। हालांकि, अनुकंपा नियुक्ति और करीब डेढ़ लाख रुपए वेतन को हत्या की तय डील का कारण बताने की पुष्टि उपलब्ध पुलिस जानकारी से नहीं होती। इसे पुलिस जांच के एंगल के रूप में ही रखा जाना चाहिए।
रमाशंकर के परिवार के मुताबिक, प्रियंका छोटी बेटी को साथ लेकर सोनभद्र आई थी, जबकि बड़ी बेटी को रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र स्थित मायके में छोड़ दिया था। परिवार को शक है कि बड़ी बेटी ने घर में कुछ संदिग्ध देखा या सुना हो सकता है। इसकी पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।

दो घंटे पहले घर लौटे थे रमाशंकर, तभी सामने आया सच
रमाशंकर के छोटे भाई की पत्नी पूजा मिश्रा के मुताबिक, घटना वाले दिन उनकी सिकरौली में ट्रेनिंग चल रही थी और शनिवार को आखिरी ट्रेनिंग थी। आमतौर पर वे शाम करीब 5 बजे घर लौटते थे, लेकिन 22 अगस्त को करीब 3 बजे ही घर पहुंच गए।
पूजा के अनुसार, प्रियंका और विकास को रमाशंकर के तय समय से पहले लौटने का अंदाजा नहीं था। उनके अचानक घर पहुंचने पर उन्होंने दोनों को देख लिया। पूजा का दावा है कि रमाशंकर संभवतः घटना का वीडियो बनाने लगे थे, ताकि परिवार के सामने इसे सबूत के तौर पर रखा जा सके। इसी दौरान प्रियंका और विकास ने उन पर हमला कर दिया।
पूजा ने बताया कि दोनों ने रमाशंकर को फर्श पर पटक दिया, उनका गला दबाया और किसी लोहे की वस्तु से भी हमला किया। इसके बाद उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद प्रियंका ससुराल में रहने लगी और परिवार को सड़क हादसे की बात बताती रही। रमाशंकर का शव जिस रास्ते पर मिला, वहां उनके सामान्य तौर पर जाने की जानकारी परिवार को नहीं थी। इसी वजह से परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत की

पत्नी प्रियंका, विकास और दो अन्य युवकों की भूमिका सामने आई
परिजनों ने 27 अगस्त को हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ी। इसी दौरान पत्नी प्रियंका, विकास और दो अन्य युवकों की भूमिका सामने आई।
परिवार के मुताबिक, जांच तेज होने के दौरान प्रियंका ने पिता की तबीयत खराब होने का हवाला देकर मायके जाने की बात कही थी। परिजनों को शक हुआ कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए निकलना चाहती है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने प्रियंका को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
