
छह पंक्तियों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कह दी अपने मन की बात…
मध्य प्रदेश को लेकर राजनीतिक हलकों में पिछले दिनों से कई तरह की चर्चाएं जारी थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले मध्य प्रदेश के नेताओं की एक लंबी सूची सामने आई। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात
पर लगातार बात होती रही। इसके अलावा कई नेताओं की मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी हुई। और ऐसी मुलाकातें अक्सर दिल्ली से चलकर मध्यप्रदेश तक पहुंचती रहीं। साथ ही मध्य प्रदेश में
बदलाव और राजनैतिक उठा-पटक के कयास भी लगाए जाते रहे। लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करने के बाद अपने भाषण में शामिल छह पंक्तियों की कविता में एक-एक करके सारे राजनैतिक कयासों का सरल भाषा में पूरा जवाब दे दिया। सबसे पहले उनके भाषण के अंतिम दो पैरा पर नजर डालते हैं।
यदि कल पराकाष्ठा तक पहुंचना है तो, आज परिश्रम करना होगा, यदि कल सफल होना है, तो आज संघर्ष करना होगा, यदि कल कंगूरे का कलश बनना है तो आज नींव का पत्थर बनना होगा । आइए, आने वाले 20 वर्षों में विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए, प्रदेश के लोक और सरकार के तंत्र, दोनों कंधे से कंधा और कदम से कदम मिलाकर चलें। और इसके बाद उन्होंने
यह पंक्तियाँ पढ़ीं…।
भीतर एक चिंगारी है, आगे बढ़ना जारी है।
संकल्प हमारा पक्का है और, सिद्धि की तैयारी है।
रात अंधेरी छट गई देखो, आजादी उजियारी है।
लहर-लहर लहराए तिरंगा, देखे दुनिया सारी है।
जन-जन का विश्वास है ताकत, जनता प्राणों से प्यारी है।
आने वाला वक्त हमारा, अब मध्यप्रदेश की बारी है।
भीतर एक चिंगारी है, आगे बढ़ना जारी है।
संकल्प हमारा पक्का है और, सिद्धि की तैयारी है।
यह पंक्तियाँ साफ तौर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मन की बात को सामने ला रही हैं। भीतर एक चिंगारी है, आगे बढ़ना जारी है। यानी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मन की बात की शुरुआत इन्हीं पंक्तियों से हो रही है। और बात को आगे बढ़ाते हुए आने वाली पंक्ति समझाती है कि संकल्प हमारा पक्का है और, सिद्धि की तैयारी है। यानि कि मध्य प्रदेश की मोहन के संग यात्रा अब संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ रही है। और इसके आगे की दो पंक्तियाँ बात को पूर्णता तक ले जा रही हैं। रात अंधेरी छट गई देखो,आजादी उजियारी है।
लहर-लहर लहराए तिरंगा, देखे दुनिया सारी है। और इसके आगे की दो पंक्तियां शायद मध्यप्रदेश में राजनैतिक स्थिरता को स्वीकार कराते हुए यह साफ संदेश दे रही हैं कि वक्त फिलहाल डॉ. मोहन यादव का ही है। और उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास द्वारा इतिहास रचने का भी है। जन-जन का विश्वास है ताकत, जनता प्राणों से प्यारी है। आने वाला वक्त हमारा, अब मध्यप्रदेश की बारी है।
तो मुख्यमंत्री के भाषण के कुछ खास विन्दुओं में यह भी था कि आजादी का ये महोत्सव, इसलिए भी अविस्मरणीय हो गया है क्योंकि, आज राष्ट्रीय पर्व पर, राष्ट्रीय गीत वन्दे-मातरम् का भी गायन हो रहा है। माननीय यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जनकल्याण को केन्द्र में रखते हुए भारत को, आधुनिक, विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में, अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन में, आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है। तो मध्य प्रदेश के संदर्भ में यह भी उन्होंने बताया कि हमने ‘’एक देश- एक विधान- एक प्रधान एक निशान’’ के विचार को धरातल पर उतारकर, सबके लिए एक जैसा कानून लागू कर रहे हैं। समान नागरिक संहिता एक ओर भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त कर समरसता का संचार करेगी तो दूसरी ओर महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाएगी। समरसता के संत गुरू रविदास जी महाराज की 650वीं जयन्ती का उत्सव हम 18 अगस्त, 2026 से प्रदेश भर में मनाने जा रहे हैं।
तो मुख्यमंत्री ने अपनी प्राथमिकता वाली उस योजना का भी जिक्र किया जिसकी चर्चा फिलहाल सबसे ज्यादा हो रही है। उन्होंने कहा कि लोक का तंत्र पर भरोसा ही सुशासन की पहली सीढी है। जन-कल्याण यदि साध्य है तो, जन-विश्वास और जनसंवाद उसके साधन। इसी लक्ष्य के साथ सरकार ने दिनांक 07 अगस्त-2026 से ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान ’ प्रारंभ किया है। जन-विश्वास अभियान का लक्ष्य स्पष्ट है- ‘’न देरी, न दूरी’’। समाधान से उत्थान के पवित्र भाव के साथ, इस अभियान का प्रथम चरण 08 जनवरी-2027 तक संचालित किया जाएगा ।
और इसके साथ ही मध्य प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए उन्होंने भरोसा जताया। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने मंत्र दिया है-वोकल फॉर लोकल, लोकल गोज ग्लोबल। मध्यप्रदेश इसमें अपनी पंक्ति भी जोड़ रहा है – गर्व से कहो, यह मध्यप्रदेश में बना है! भारत जब, एक दिन ट्रिलियन डॉलर के वस्तु निर्यात का इतिहास रचेगा, तो उसमें हृदयप्रदेश की धड़कन, सबसे तेज सुनाई देगी।
तो स्वतंत्रता दिवस समारोह पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कार्यकाल की ढाई साल की उपलब्धियां तो गिनाईं ही, साथ में छह पंक्तियों में अपने मन की पूरी बात भी मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ आबादी के सामने रख दी। अब जिसको भी जो मतलब निकालना हो वह मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में शामिल इन छह पंक्तियों में गोता लगा सकता है। निश्चित तौर से, हमारा दावा है कि गोता लगाने वाला व्यक्ति पूरी तरह से यह अनुभव कर लेगा कि मध्यप्रदेश दतिया उपचुनाव की हार को गंभीरता से ले रहा है, लेकिन इसके निहितार्थ, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं हैं। मध्यप्रदेश डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सबसे तेज विकास का इतिहास बनाने को तैयार है…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।