धीरेंद्र शास्त्री बोले- भगवान और भक्ति का भी चल रहा ट्रेंड, कभी साईं बाबा तो कभी खाटू श्याम की धूम; कहा- जब कुछ परमानेंट नहीं, तो इंसान कैसे?

शिवपुरी :बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बयान फिर सुर्खियों में है. मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा स्थित ‘बगीचा धाम-श्रीराम राजा सरकार धाम’ में बागेश्वर बाबा श्रीराम कथा कह रहे हैं. कथा के चौथे दिन उन्होंने आस्था, धर्म और बदलते दौर को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बन गया है. पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आजकल भगवान और उनकी भक्ति का भी एक ‘ट्रेंड’ सा चल पड़ा है. यहां कुछ भी परमानेंट नहीं है. लोग भगवान बदलते रहते हैं, तो इंसान का क्या.

​कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “आजकल भगवान का भी ट्रेंड चल रहा है. फैशन की तरह दौर बदलता है. कभी गुरुवार को साईं बाबा खूब पुजते थे. उनके दरबार में भारी भीड़ जुटती थी, तो कभी खाटू श्याम बाबा की धूम मच जाती है. और अब नीम करौरी बाबा के यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है.” ​उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि समय के साथ भगवान की जय-जयकार और आस्था का केंद्र बदलता रहता है, इस जगत में कुछ भी परमानेंट (स्थाई) नहीं है.

​अपने इस बयान को आगे बढ़ाते हुए पं. धीरेंद्र शास्त्री ने जीवन के शाश्वत सत्य पर भी बात की. उन्होंने मंच से कहा, ” इस संसार में कुछ भी स्थाई या परमानेंट नहीं है. जब भगवान परमानेंट नहीं हैं, तो इंसान कैसे खुद को परमानेंट समझ लेते हैं?” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “आज हम कथा सुना रहे हैं, तो कल कोई और सुनाएगा. यह संसार परिवर्तनशील है, इसलिए किसी भी चीज को लेकर अहंकार या स्थाई होने का भ्रम नहीं पालना चाहिए.”

करैरा के बगीचा धाम में चल रही कथा 

करैरा के बगीचा धाम में चल रही कथा

​करैरा के बगीचा धाम में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया. इस दौरान कथा व्यास ने शिव-पार्वती विवाह और श्रीराम जन्मोत्सव के मनमोहक प्रसंग सुनाए, जिन्हें सुनकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु झूम उठे. कथा के बीच

एक बेहद खास पल तब आया, जब कथा की शुरुआत में ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक नवजात शिशु का नामकरण किया. उन्होंने उस बच्चे का नाम प्यार से ‘राघव’ रखा, जिसे देखकर बच्चे के परिवारजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

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