खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद की 21 वर्षीय युवती की मौत के मामले में बुधवार को जांच शुरू कर दी गई है. युवती की हल्दी समारोह के दौरान लगाए गए उबटन (हल्दी पेस्ट) से कथित रूप से गंभीर एलर्जी होने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी।

खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दौलत सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। कसरावद के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के नेतृत्व में एक टीम गठित कर पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतका के घर पहुंची और पंचनामा तैयार कर मामले से जुड़ी जानकारी एकत्र की।

डॉ चौहान के अनुसार, हल्दी समारोह में करीब 15 लोगों को उबटन लगाया गया था, लेकिन केवल दुल्हन राखी की तबीयत बिगड़ी। उसे पहले खरगोन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि परिजन उसे बीच में इंदौर के एक निजी अस्पताल भी ले गए और फिर वापस एमवाय अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।उन्होंने बताया कि इंदौर से शव वापस लाने के बाद बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

कसरावद बस स्टैंड के सामने पहाड़ी पर रहने वाले गजू नाथ के घर में शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। घर सज चुका था और दरवाजे पर शादी के तोरण भी टंगे थे, लेकिन खुशियों की जगह मातम छा गया।
गजू नाथ ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं और सबसे बड़ी बेटी 21 वर्षीय राखी की शादी खामखेड़ा गांव में तय हुई थी। 26 अप्रैल को बारात आने वाली थी।22 अप्रैल को दिन में हल्दी की रस्म हुई थी। परिवार में उत्सव का माहौल था और मेहमान भी पहुंचने लगे थे। 25 अप्रैल को मंडप और 26 अप्रैल को विवाह एवं फेरे होने थे।लेकिन हल्दी की रस्म के बाद रात में राखी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसके गले
शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए।
गजू नाथ ने बताया, “रात में ही हम उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे ICU में भर्ती किया गया।”उन्होंने कहा कि अगले दिन डॉक्टरों ने यह कहते हुए उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया कि गले की जांच के लिए जरूरी मशीनें यहां उपलब्ध नहीं हैं।परिजनों के मुताबिक एमवाय अस्पताल में एक्स-रे, ईसीजी समेत कई जांचें की गईं, लेकिन गले की हालत बिगड़ती गई और चेहरे की सूजन भी कम नहीं हुई।
गजू नाथ ने आरोप लगाया कि हालत में सुधार नहीं होने पर परिवार राखी को इंदौर के गुमाश्ता नगर स्थित एक निजी अस्पताल ले गया। वहां कुछ इलाज के बाद अस्पताल स्टाफ ने इलाज महंगा होने की बात कहकर उन्हें वापस एमवाय अस्पताल ले जाने की
उन्होंने बताया, “हम बेटी को वापस एमवाय अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहां से सीधे हम उसे कसरावद ले आए।”जिस दिन घर में मंडप की रस्म होनी थी, उसी दिन बेटी का अंतिम संस्कार करना पड़ा। परिवार ने स्वीकार किया कि शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
परिजनों ने बताया कि हल्दी और चिकसा स्थानीय बाजार से खुले पैकेट में मंगवाए गए थे।इधर, खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर जिलेभर में खाद्य पदार्थों और मसालों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न दुकानों परअचानक निरीक्षण कर हल्दी और अन्यमसालों के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एच.एल.
अवास्या ने बताया कि घटना सामने आने के बाद कसरावद क्षेत्र की दुकानों से भी हल्दी और अन्य मसालों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं।उधर कसरावद के थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन ने बताया कि उन्हें इस मामले की किसी प्रकार की सूचना प्राप्त नहीं हुई है.