मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए एक्टर इमरान खान को देश छोड़ने के लिए कहा गया है. इमरान खान मशहूर बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के भांजे हैं. अब उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं.

फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की तरफ से ये आदेश जारी किया गया है, जो गृह मंत्रालय के तहत काम करता है. ऐसे में सवाल है कि तमाम लोगों ने सीजेपी प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, लेकिन आमिर खान के भांजे इमरान को ही देश छोड़ने का नोटिस क्यों दिया गया है? आइए पूरा मामला समझते हैं.
OCI कार्ड धारक हैं इमरान
दरअसल इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं. उनके पास अमेरिका की नागिरकता है और भारत दोहरी नागरिकता नहीं देता है, ऐसे में उन्हें भारत की तरफ से ओवरसीज सिटिजनशिप (OCI) कार्ड दिया गया है. ऐसे में उन्हें भारत में किसी भी तरह के ऐसे प्रदर्शन में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है, जो प्रशासन की नजर में गैरकानूनी हो. यही वजह है कि उन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है. हालांकि OCI कार्ड के नियमों में सीधे तौर पर ये नहीं लिखा गया है कि प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो सकते हैं. इससे पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इमरान खान को डिपोर्ट करने के लिए एक शिकायत FRRO को दी थी.
क्या होता है OCI?
जिन लोगों के पास भारत की पूर्ण नागरिकता नहीं होती है, उन्हें OCI कार्ड जारी किए जाते हैं. भारतीय मूल के उन लोगों के लिए ये सुविधा है, जो किसी दूसरे देश के नागरिक हैं और लंबे वक्त के लिए भारत में भी रहते हैं. ये एक तरह का आजीवन वीजा है. OCI कार्डधारकों को भारत में वोटिंग का अधिकार नहीं मिलता है, साथ ही वो चुनाव भी नहीं लड़ सकते हैं. भारतीय नागरिकों को मिलने वाले बाकी सभी अधिकार भी पूरी तरह इन पर लागू नहीं होते हैं.
कब किया जाता है डिपोर्ट?
किसी भी OCI कार्डधारक को भारत में कोई कानून तोड़ने या फिर नियमों का उल्लंघन करने के बाद डिपोर्ट किया जा सकता है. अगर किसी प्रदर्शन में शामिल होने पर ओसीआई कार्डधारक ने नियम तोड़ा हो या फिर कानून का उल्लंघन किया हो तो ये भी डिपोर्टेशन का कारण बन सकता है. यही चीज इमरान खान के साथ भी हुई है, उन्हें सीजेपी प्रदर्शन में शामिल होने के बाद हिरासत में भी लिया गया था.
OCI कार्ड हो सकता है रद्द?
इमरान खान का OCI कार्ड भी केंद्र सरकार रद्द कर सकती है, इसका अधिकारी गृह मंत्रालय को होता है. नागरिकता अधिनियम की धारा 7D के तहत ऐसा किया जा सकता है. संविधान का सम्मान नहीं करने, देश की सुरक्षा के साथ समझौता करने या फिर धोखाधड़ी से OCI कार्ड हासिल करने के बाद आमतौर पर कार्ड रद्द कर दिया जाता है. हालांकि इमरान खान ने ऐसा कोई बड़ा अपराध नहीं किया है, ऐसे में उन्हें सिर्फ अभी के लिए डिपोर्ट किया जा सकता है.