इंदौर में ड्रग तस्कर को 5 स्टार होटल में बंधक बनाने के मामले में एसीपी की जांच रिपोर्ट के बाद अब पूरे प्रकरण की स्क्रूटनी की जा रही है। जांच में सामने आया है कि एक पुलिस कर्मी रोजनामचे में दिल्ली जाने की एंट्री की, जबकि टॉवर लोकेशन धार के गुणावद क्षेत्र की मिली है।
अपने बयानों में ASI भूपेंद्र सिंह गुर्जर, मुकेश सिंह जादौन समेत दोनों आरक्षकों कपिल और लोकेंद्र ने एक साथ आरोपी को पकड़ने धार के बड़ौद जाने की बात कही थी। जबकि रोजनामचे में आरक्षक कपिल ने दिल्ली जाने की बात लिखी, लेकिन उसकी टॉवर लोकेशन धार के गुणावद की निकली। यही नहीं रोजनामचे में भी इन्होंने अलग-अलग डेट दर्ज की है।
एसीपी आदित्य पटले ने जांच निष्कर्ष में स्पष्ट लिखा है कि तस्कर को विजय नगर थाने से लाना-ले जाना और बिना किसी वैधानिक कार्रवाई के छोड़ना प्रमाणित पाया गया है।
तस्कर को छोड़ने के बदले आंशिक रूप से लाभ प्राप्त किया गया। रिपोर्ट में दोषियों के नाम भी स्पष्ट तौर पर दर्ज किए गए हैं। टीआई के संबंध में भी उल्लेख किया है कि उनका अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं होना पाया गया है।
इधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि एसीपी की सौंपी गई जांच रिपोर्ट की तकनीकी तौर पर न तो दोबारा जांच की जा सकती है और न ही उसमें कोई बदलाव किया जा सकता है। केवल रिपोर्ट की स्क्रूटनी ही संभव है।
ऐसे में जांच रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं को लेकर अब अधिकारियों के स्तर पर भूमिका स्पष्ट की जा रही है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जांच रिपोर्ट अब तक टेबल-टू-टेबल ही क्यों घूम रही है और दोषी पाए गए लोगों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
जानिए बयान में किसने क्या कहा…

चारों ने एक ही मुलजिम को पकड़ने की बात बताई
एसीपी की रिपोर्ट के अनुसार सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह गुर्जर और मुकेश सिंह जादौन 17 नवंबर 2024 से 24 नवंबर 2024 तक इंदौर से बाहर होना पाए गए। वहीं, कपिल सोनानिया 14 नवंबर 2024 से 22 नवंबर 2024 तक इंदौर से बाहर होना पाए गए। जबकि इन्होंने एक ही मुलजिम को पकड़ने के लिए जाने की बात अपने बयान में कही है।
वहीं, जाने की तारीख रोजनामचे में अलग-अलग दर्ज पाई गई है। एक तरफ दिल्ली जाना बताया गया है, जबकि दूसरी तरफ सीडीआर में मोबाइल की टावर लोकेशन गुणावद, जिला धार की मिली है। गुणावद, जिला धार में तस्कर शाहरुख को पकड़ने जाने की बात सामने आई है। कपिल की टावर लोकेशन भी गुणावद की मिली है, जिसके आधार पर आरोपी वसीम को पकड़ा गया। वसीम ने अपने बयान में भी यही बात कही है।

एसीपी की जांच में निकला यह निष्कर्ष
सहायक पुलिस आयुक्त आदित्य पटले की जांच का निष्कर्ष यह निकला है कि सउनि अर्जुन सिंह परिहार, प्रआर प्रमोद, आरक्षक लोकेंद्र खिची, आरक्षक पंकज पाटिल द्वारा बड़ौद से वसीम पिता राजू खान को इंदौर लेकर आए और थाने पर न लाकर किसी होटल में रखा। इतना ही नहीं वसीम के कथन और परिजनों के कथन से वसीम को विजय नगर थाने से लाना-ले जाना बिना किसी वैधानिक कार्यवाही के छोड़ना प्रमाणित पाया गया। वसीम को छोड़ने के बदले लाभ प्राप्त करना, अंशिक रुप से प्रमाणित पाया जाता है।

एसीपी आदित्य पटले की जांच रिपोर्ट में यह निकला निष्कर्ष।

जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की टॉवर लोकेशन का जिक्र किया है
टीआई ने कहा-मैंने ही अर्जुन को सौंपी थी जांच
टीआई ने अपने बयान में कहा कि 21 नवंबर 2024 को पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 805/24, धारा 8/22 एनडीपीएस, सउनि अनिल पाठक द्वारा दर्ज कर उसकी अग्रिम विवेचना सउनि अर्जुन सिंह परिहार को सौंपी गई थी। अपराध क्रमांक 805/24, धारा 8/22 एनडीपीएस के आरोपी अजहर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपी के लिए न्यायालय से पीआर प्राप्त किया गया था। मैंने भी आरोपी अजहर से पूछताछ की थी, जिसमें उसने जब्तशुदा माल शाहरुख से लेना बताया था।
शाहरुख की मोबाइल लोकेशन साइबर सेल से प्राप्त की गई थी, जो बड़ौद, जिला आगर मालवा के आसपास की थी। विवेचक सउनि अर्जुन सिंह परिहार द्वारा मेमोरेंडम की तस्दीक के लिए संदेही शाहरुख की तलाश में टावर लोकेशन के आधार पर अग्रिम विवेचना के लिए सउनि अर्जुन सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक प्रमोद शर्मा और आरक्षक पंकज पाटिल को लेकर प्राइवेट कार से बड़ौद, जिला आगर मालवा भेजा था।
वहां से अर्जुन सिंह परिहार ने बताया कि शाहरुख ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है। तब मैंने कहा कि पुरानी लोकेशन के आधार पर आसपास तलाश कर लो और संबंधित थाने में सूचना देकर नियमानुसार कार्रवाई करना।
