इंदौर में भले ही नगर निगम ने बीआरटीएस कॉरिडोर को हटा दिया हो, लेकिन शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक की समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। खासकर जहां ब्रिज निर्माण का काम चल रहा है, वहां सड़कों के संकरे होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार देर शाम पीक टाइम में ग्राउंड रिपोर्ट की। टीम ने निरंजनपुर चौराहे से राजीव गांधी चौराहे तक का सफर तय किया, जिसमें करीब 45 मिनट का समय लगा।
ब्रिज निर्माण ने बढ़ाई परेशानी
बीआरटीएस हटने के बाद कई जगह सड़कें चौड़ी हो गई हैं, लेकिन जहां एलिवेटेड ब्रिज का काम चल रहा है, वहां हालात उलट हैं। निरंजनपुर चौराहे पर निर्माण कार्य के चलते दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। यहां से दोपहिया और चारपहिया वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही है।
सत्यसाईं से विजय नगर तक सबसे ज्यादा जाम
शाम 7:25 बजे टीम निरंजनपुर से निकली। महिंद्रा शोरूम चौराहे तक पहुंचने में डेढ़ मिनट लगे, लेकिन इसके बाद ट्रैफिक का दबाव बढ़ता गया। सत्यसाईं चौराहे से विजय नगर और भमोरी चौराहे के बीच सबसे ज्यादा परेशानी देखने को मिली।
सड़क के बीच चल रहे काम के कारण वाहन सर्विस रोड और फुटपाथ से भी गुजरते नजर आए। विजय नगर चौराहे पर संकरी सड़क और चारों ओर से आ रहे ट्रैफिक के चलते दो सिग्नल लगने के बाद रास्ता साफ हुआ।

नवलखा चौराहे पर सिग्नल ने रोका
भमोरी के बाद एलआईजी, पलासिया, गीताभवन, व्हाइट चर्च और GPO चौराहों पर ट्रैफिक सामान्य रहा। हालांकि नवलखा चौराहे पर सिग्नल टाइमिंग ने चालकों को रोके रखा। यहां रेड लाइट 125 सेकंड से ज्यादा और ग्रीन सिर्फ 25 सेकंड की होने से दो बार सिग्नल का इंतजार करना पड़ा।
इसके बाद सड़क चौड़ी होने और ब्रिज कनेक्टिविटी के कारण ट्रैफिक सामान्य मिला और टीम सीधे भंवरकुआं होते हुए राजीव गांधी चौराहे पहुंची।
45 मिनट में पूरा हुआ सफर
टीम शाम 7:25 बजे निरंजनपुर चौराहे से निकली और 8:11 बजे राजीव गांधी चौराहे पहुंची। यानी करीब 45 मिनट में यह दूरी तय हुई, जो पीक टाइम में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की हकीकत बयां करती है।