
दीपके की कीर्ति पर ग्रहण लगाता झारखंड…
जंतर मंतर पर अपना जलवा बिखेर चुके अभिजीत दीपके उसको जो काम है और जेन-ज़ी झारखंड की राजधानी रांची पहुँचते पहुंचते बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही जंतर मंतर पर केंद्र सरकार को घेरने वाला विपक्ष भी अब मैदान में नजर नहीं आ रहा है।
अभिजीत दीपके ने झारखंड जाने पर साफ कर दिया है कि वह खुद रांची नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन देवेंद्र नाथ महतो की अगुआई में चल रहा है और वह उनकी जगह अपना चेहरा नहीं चमकाना चाहते हैं। दीपके का यह स्टैंड जेन-ज़ी के आगामी आंदोलनों पर ग्रहण लगातार नजर आ रहा है।झारखंड का आंदोलन यह तय करने वाला है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जेन-ज़ी की सफलता थी अथवा जेन-ज़ी को एक्सपोज करने के लिए केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व की विशेष रणनीति थी। दिल्ली में जंतर मंतर के बाद जेन-ज़ी का झारखंड में आंदोलन
यदि संयोग है तो वह पूरी तरह से भाजपा नेतृत्व के पक्ष में नजर आ रहा है। और यदि यह एक सामान्य प्रक्रिया के तहत जेन-ज़ी का आंदोलन है तो निश्चित तौर से अभिजीत दीपके की कड़ी परीक्षा है। जिस तरह दीपके ने अपनी विचारधारा को उजागर करते हुए कहा था कि वह अंबेडकर,महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की विचारधारा पर आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस शासित प्रदेश में दीपके की रणनीति आंदोलनों का भविष्य तय करने में प्रमुख भूमिका है निभाएगी।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि वह झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन में खुद हिस्सा लेने नहीं जाएंगे। जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले दीपके ने पहले कहा था कि वह टाइफाइड होने की वजह से झारखंड नहीं जा पा रहे हैं। लेकिन अब उन्होंने कह दिया है कि वह रांची के आंदोलन में अपना चेहरा नहीं चमकाना चाहते हैं। सीजेपी के संस्थापक ने छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के प्रति अपना समर्थन जाहिर करते हुए कहा कि उनकी टीम पहुंचकर आंदोलनकारियों की मदद कर रही है।
अभिजीत दीपके ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए रांची में छात्रों पर हुए बल प्रयोग की निंदा की। इस दौरान उनसे बार-बार यह सवाल किया गया कि वह खुद कब झारखंड जाकर इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे तो दीपके ने साफ किया कि वह इस आंदोलन का चेहरा देवेंद्र नाथ महतो को ही रहने देना चाहते हैं और वह नहीं चाहेंगे कि फोकस उनसे हटे। इस आंदोलन के नेता देवेंद्र नाथ महतो हैं जो 9 दिनों से अनशन पर हैं।
यह हास्यास्पद ही है कि अभिजीत दीपके ने रांची में विधानसभा मार्च के दौरान हुए बलप्रयोग की आलोचना कर इतिश्री कर ली है। उन्होंने कहा है कि’झारखंड में जो भी हुआ वह बहुत खराब था। जैसा हमने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर देखा था वैसा ही नजारा झारखंड में देखा गया, जहां छात्रों पर टीयर गैस और लाठियां बरसाई गईं। मुझे यह समझ नहीं आता कि जब राजनीतिक दल प्रदर्शन करते हैं तो लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता है? इसका प्रयोग छात्रों पर ही क्यों होता है? मेरी देवेंद्र नाथ महतो से भी बात हुई जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बताया कि पुलिसवालों ने उनपर लाठियां चलाईं, मारा-पीटा। वह अस्पताल में हैं और उनकी हालत चिंताजनक है। सभी सरकारों को सोचना चाहिए कि छात्रों पर अत्याचार करके आपको क्या मिलता है, ये छात्र अपने अधिकार-भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। ऐसे छात्रों पर लाठीचार्ज-क्रूरता नहीं होनी चाहिए।’
जंतर मंतर पर आक्रोश जताते अभिजीत दीपके शायद रांची के आंदोलन में उपदेशक बनते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में वह कहीं न कहीं जेन-ज़ी के साथ छलावा करते साफ नजर आ रहा है। और जिस तरह से जंतर मंतर पर जेन-ज़ी ने आपत्तिजनक और अश्लील चेहरा दिखाया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको माफ़ कर बड़ा दिल दिखाया… वर्तमान स्थिति में दीपके के व्यवहार से अब जेन-ज़ी उससे छिटकती ही नजर आने वाली है। और इसके साथ ही गैर राजनीतिक कॉकरोच जनता पार्टी का भविष्य भी अंधकारमय नजर आ रहा है। 2029 लोकसभा चुनाव के आते-आते दीपके का दीपक शायद ही कोई रोशनी विखेरता नजर आने की स्थिति में रह सके। कुल मिलाकर झारखंड, दीपके कि कम समय में अर्जित कीर्ति पर ग्रहण लगाता नजर आ रहा है…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।