यह दर्द उस पिता का है, जिसने अपने इकलौते बेटे को एक ऐसे शख्स की हवस का शिकार होने की वजह से खो दिया, जिसे लोग धर्मगुरु और कथावाचक मानकर सम्मान देते थे। 10 जून की रात छिंदवाड़ा में दमुआ के हनुमानगढ़ मंदिर के भीतर जो हुआ, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
सागर साहू को चाचा और भाई समेत जेल भेज दिया गया है।
दैनिक भास्कर को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, खुद को ‘शर्मा महाराज’ बताने वाला कथावाचक सागर साहू वृंदावन से कथा सीखकर आया था। वहां से वापस आकर हनुमानगढ़ स्थित अन्नपूर्णा माता मंदिर में रहने वाली बुजुर्ग महिला की सेवा कर उसने लोगों का भरोसा जीता।
महिला की मौत के बाद उसने मंदिर परिसर में गाय के चारे के नाम पर एक कमरा तैयार किया, जहां पुलिस को कूलर, फर्नीचर और अन्य सुविधाएं मिलीं। उसने इसी कमरे में युवक से कुकृत्य करके उसकी हत्या कर दी। इसके बाद चाचा-भाई की मदद से शव को वहीं मंदिर के पास फेंका। हालांकि, अब तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

घर से मंदिर जाने का कहकर निकला था युवक
10 जून की रात युवक अपने घर पर हनुमानगढ़ मंदिर जाने का कहकर निकला। रात करीब 10 बजे तक जब वह वापस नहीं लौटा तो पिता ने कॉल किया, लेकिन मोबाइल आउट ऑफ रेंज आता रहा। इसी बीच कथावाचक सागर साहू खुद युवक के घर पहुंचा और बोला- आपका बेटा मेरा मोबाइल लेकर कहीं गया है।
सागर ने युवक के फोन ले जाने की बात कही तो परिवार को कुछ गड़बड़ लगी, क्योंकि उसके पास खुद का महंगा मोबाइल था। इसके बाद वह मंदिर पहुंच गए। वहां बेटे की बाइक खड़ी थी, लेकिन हैंडल लॉक नहीं था। परिवार के मुताबिक, वह हमेशा अपनी बाइक को लॉक करता था। रात 11 बजे से लेकर करीब 2 बजे तक ग्रामीणों ने मंदिर परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला।
लकड़ियों और कपड़ों से शव छिपाने की कोशिश की
रात करीब 2 बजे पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई। करीब आधे घंटे तक अंधेरा रहा और तलाशी अभियान धीमा पड़ गया। जैसे ही बिजली लौटी, मंदिर के बाजू में 3 फीट ऊंची दीवार के नीचे युवक का शव मिला, जिसे लकड़ियों और कपड़ों से ढककर छिपाने की कोशिश की गई थी।
वहां मौजूद लोगों का शक सागर पर ही गया। उन्होंने उसे पकड़ लिया और फिर पुलिस को सौंप दिया।

भूसा रखने वाले कमरे में किया अप्राकृतिक कृत्य
सागर साहू ने पुलिस पूछताछ में जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि 10 जून की शाम युवक मंदिर आया था। उस वक्त परिसर में कोई नहीं था। आरोपी उसे गाय का भूसा रखने वाले कमरे में ले गया और वहां उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया।विरोध करने पर युवक ने परिजन को सबकुछ बताने की बात कही, जिससे सागर घबरा गया। बदनामी के डर से उसने कमरे में रखी गाय बांधने वाली रस्सी से युवक का गला घोंट दिया।

पहले कमरे में छिपाया, फिर बाहर फेंका शव
सागर ने बताया कि हत्या के बाद शव को कमरे में छिपा दिया। फिर रात 2 बजे बिजली गुल होने पर अपने चाचा संतोष साहू और चचेरे भाई नमन साहू की मदद से शव को बाहर निकालकर दीवार के नीचे फेंक दिया ताकि मामला हादसा या बाहरी हमला लगे।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मंदिर के पीछे पहाड़ी से मृतक का अंडरवियर और बाइक की चाबी बरामद की। हालांकि, उसका मोबाइल और हाथ का कड़ा अब भी गायब हैं।

हवस मिटाने इकलौती संतान की हत्या की
सागर ने जिस युवक की हत्या की, वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह बेहद सीधा-सादा और कम बोलने वाला युवक था।मां ने बताया कि बेटा घर में बाथरूम जाने से पहले भी बताता था। 10वीं क्लास में पढ़ाई के दौरान वह गंभीर बीमारी से जूझ चुका था। मन्नतों के बाद उसकी जान बची थी।

सोशल मीडिया अकाउंट से कथा के वीडियो हटाए
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट से कथा वाचन और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़े वीडियो और रील्स हटा दीं। हालांकि, उसकी डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है।
