आय से अधिक संपत्ति मामले में ACE शिवराम सेमिल पर लोकायुक्त का शिकंजा, संपत्ति 17 करोड़ के पार; 25 बैंक खाते मिले, 62.89 लाख जमा राशि के बाद खाते फ्रीज

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के एडिशनल चीफ इंजीनियर (ACE) शिवराम सेमिल की आय से अधिक संपत्ति मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। लोकायुक्त पुलिस की जांच में अब तक सेमिल और उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों का आंकड़ा बढ़कर 17.12 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

लोकायुक्त अब यह जांच कर रही है कि 33 साल की सरकारी सेवा के दौरान इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की गई। साथ ही उन्हें वर्तमान पद से हटाने के लिए ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनी को पत्र भी भेजा गया है।

25 बैंक खातों में मिले 62 लाख रुपए

लोकायुक्त की जांच में सेमिल और उनके परिवार से जुड़े 25 बैंक खातों का पता चला है। इनमें एसबीआई और आईडीबीआई बैंक के खाते शामिल हैं। खाते शिवराम सेमिल, उनकी पत्नी रामबेटी, बेटा सौरभ, बहू सुनीता और उनसे जुड़ी फर्मों के नाम पर संचालित पाए गए हैं।जांच में शुभम इलेक्ट्रिकल और कॉर्निश पावर्जोन से जुड़े छह बैंक खाते भी सामने आए हैं। इन खातों में कुल 62.89 लाख रुपए जमा मिले हैं। इसके अलावा सौरभ सेमिल के नाम एफडी की भी जानकारी मिली है।

शिवराम सेमिल के यहां छापे के दौरान जांच करते अधिकारी।

मुरैना में प्लॉट, जमीन और मकान का खुलासा

जांच के दौरान मुरैना स्थित संपत्तियों की भी जानकारी सामने आई है। यहां एक मकान मिला है, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है। मकान में रखे घरेलू सामान की कीमत लगभग 7.51 लाख रुपए बताई गई है।इसके अलावा मुरैना में 20×40 फीट का प्लॉट और करीब सवा बीघा कृषि भूमि होने की जानकारी भी मिली है। इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज पंजीयन विभाग से जुटाए जा रहे हैं।

सेमिल के अलग-अलग ठिकानों पर लोकायुक्त ने की थी कार्रवाई।

बैंक खाते फ्रीज, निवेश की जानकारी तलब

लोकायुक्त ने सेमिल, उनके परिवार और संबंधित फर्मों के बैंक खाते फ्रीज करा दिए हैं। आयकर विभाग से उनके और परिवार के सदस्यों के आयकर रिटर्न की जानकारी मांगी गई है।साथ ही सेबी को पत्र भेजकर शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों की जानकारी भी तलब की गई है।

प्रमोशन के एक हफ्ते बाद कार्रवाई

शिवराम सेमिल को हाल ही में पदोन्नति मिली थी। प्रमोशन के करीब एक हफ्ते बाद ही लोकायुक्त ने उनके इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना सहित नौ ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी।पहले चरण की जांच में 14.54 करोड़ रुपए की संपत्ति सामने आई थी। अब यह आंकड़ा बढ़कर 17.12 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। लोकायुक्त का कहना है कि जांच अभी जारी है और नए दस्तावेज मिलने पर संपत्तियों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।