महाकाल की पहली सावन सवारी पर बड़ी चुनौती: एक व्यक्ति का चलना मुश्किल, रामघाट से ढाबा रोड तक खुदी सड़कें और फैला मलबा; की में सामने आई सवारी मार्ग की बदहाली

उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर की सावन माह की पहली सवारी 3 अगस्त को निकलेगी। सिर्फ 20 दिन बाकी है। 14 जुलाई तक की स्थिति में पारंपरिक सवारी मार्ग के कई हिस्सों की स्थिति फिलहाल खराब है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और विभिन्न विकास कार्यों के चलते फिलहाल इस मार्ग से सवारी निकालना चुनौती बना हुआ है।

जिसमें हरसिद्धि पाल से रामघाट, गणगौर दरवाजे के सामने ढाबा रोड और आसपास के हिस्सों में चौड़ीकरण, सीवरेज और पाइपलाइन बिछाने का काम जारी मिला है। कई स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं। मिट्‌टी-गिट्‌टी और मलबा बिखरा पड़ा है। स्थिति ऐसी है कि कहीं-कहीं सड़क पर एक व्यक्ति का चलना भी दूभर है।

स्थिति को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। 20 जुलाई से पहले सवारी मार्ग पर चल रहे सभी निर्माण कार्य हर हाल में पूरे का कहा है। ताकी सवारी अपने पारंपरिक स्वरूप में सुरक्षित निकाली जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

30 जुलाई को शुरू होगा सावन

सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होगी। पहली सवारी 3 अगस्त को निकलेगी। इस दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचेंगे और सवारी में भी शामिल होंगे।

4.68 करोड़ से चौड़ीकरण, कई जगह निर्माण कार्य

आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मुख्य मार्ग का 4 करोड़ 68 लाख रुपए की लागत से 15 मीटर चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसके तहत चिन्हित भवनों को हटाने के साथ रिटर्निंग वॉल का निर्माण भी जारी है।

वहीं, ढाबा रोड पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। गणगौर दरवाजे के सामने अमृत मिशन 2.0 के तहत पाइपलाइन डाली जा रही है। रामघाट तक कई सड़कें खुदी हुई हैं और चौड़ीकरण में टूटे मकानों का मलबा भी मार्ग पर पड़ा है।

मार्ग के आधे हिस्से में चौड़ीकरण के बाद नाली और सीसी रोड का निर्माण चल रहा है, जबकि शेष हिस्से में सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की जा रही है। सवारी मार्ग से जुड़ी कई गलियां भी पूरी तरह उखड़ी हुई हैं।

तस्वीरों में देखिए मौके की स्थिति

सवारी मार्ग पर बैरिकेड्स लगाकर कार्य किया जा रहा है।

जेसीबी की मदद से सड़क पर पड़ी मिट्टी हटाई जा रही है।

 

पूरे मार्ग की स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा सड़क पर मिट्‌टी फैली है।

रास्ते की हालत ऐसी है कि यहां से पैदल चलना भी मुश्किल है।

कहीं-कहीं रोड की स्थिति ऐसी है कि पैदल एक ही व्यक्ति निकल सकता है।

भक्त मंडल ने की स्थिति स्पष्ट करने की मांग

सवारी मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसे लेकर शयन आरती भक्त मंडल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रशासन सवारी मार्ग की वास्तविक स्थिति जल्द स्पष्ट करे और इसकी जानकारी सार्वजनिक करे।

निगम आयुक्त ने अधिकारियों को दिए निर्देश

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने छत्री चौक से सत्यनारायण मंदिर तक चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने छत्री चौक से ढाबा रोड तक रात्रिकालीन शिफ्ट में सीआरएम कर जल्द डीएलसी का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

कमरी मार्ग चौराहे पर नाली निर्माण के दौरान जलभराव की स्थिति मिलने पर वैकल्पिक पाइपलाइन के माध्यम से पानी निकासी की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि बारिश के दौरान ढाबा रोड से सत्यनारायण मंदिर तक मार्ग खराब होने पर ठेकेदार तुरंत चूरम डालकर रास्ता सुगम बनाए।

हर सोमवार 2 से 4 लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर की सावन माह में निकलने वाले सवारी में शामिल होने के लिए प्रति सोमवार करीब 2 से 4 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। राजसी सवारी में यह संख्या बढ़कर करीब 8 लाख तक जा सकती है।

ढाई किमी का मार्ग, 40 मिनट का समय करीब ढाई किमी के सवारी मार्ग में चल रहे कार्य श्रद्धालुओं के लिए बाधा बनेंगे। मंदिर से सवारी 4 बजे निकलती है। इसके बाद गुदरी चौराहा होती हुई बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से शाम करीब 40 मिनट बाद रामघाट शिप्रा तट पर पहुंचेगी।

यहां पर पूजन अर्चन करने के बाद 5:30 बजे सवारी मंदिर के लिए रवाना होगी, जहां पर रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होती हुई शाम 7 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर में वापस आएगी।