
महिला आर्थिक सशक्तिकरण का यह सिलसिला चलता रहे…
मध्यप्रदेश में महिला आर्थिक सशक्तिकरण की बात करें तो लाड़ली बहना योजना खुद-ब-खुद जुबां पर आ जाती है। 2023 विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी सूझबूझ से लाडली बहना योजना शुरू कर जीत पर दांव लगाया था। एक हजार रुपये से शुरू हुई। यह योजना अब पन्द्रह सौ रुपए प्रति माह पहुंच गई है। पहले यह भी संशय व्यक्त हुआ कि लाडली बहना अब बंद हो जाएगी। लेकिन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसे ₹3000 प्रतिमाह तक करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। और उम्मीद यही है कि 2028 विधानसभा चुनाव के पहले तक
मोहन का यह लाड़ली बहना मास्टर प्लान 2023 की तुलना में ज्यादा असरकारी साबित होगा।
लाडली बहना योजना की अक्टूबर में जारी की गई राशि की खासियत यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि के पावन पर्व पर बहनों को यह सौगात दी है। तो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर रीफिल के लिए 115 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नवरात्रि के पावन पर्व पर 14 अक्टूबर 2026 को प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख लाड़ली बहनों को लाड़ली बहना योजना की 41वीं किश्त की सौगात दी। राज्य सरकार बहनों के बैंक खातों में हर माह 1500 रुपए की राशि ट्रांसफर कर रही है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 65 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। हमारी सरकार सच्चा वादा-पक्का काम के भाव से प्रदेश की जनता से किए गए जनकल्याण के सभी वादे पूरा करते हुए आगे बढ़ रही है। प्रदेश की आधी आबादी के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के एक चौथाई जिलों में हमारी बहनें कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उमरिया जिले के बांधवगढ़ को प्रभु श्रीराम, माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद मिला है। उमरिया में विरासनी देवी का आशीर्वाद मिला है। उमरिया में विरासनी देवी का आशीर्वाद लेना सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किश्त की राशि बहनों के बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1834 करोड़ रुपये से अधिक राशि अंतरित की। उन्होंने इसके साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना और लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर रीफिल के लिए 115 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहना सम्मेलन में 144 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य दलों की सरकारों के दौर में प्रदेश के महिला बाल विकास विभाग का बजट केवल 350 करोड़ रुपए हुआ करता था, लेकिन अब राज्य सरकार ने 47 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान महिला कल्याण के लिए किया है। आज बहनों को लाड़ली बहना योजना के 1500 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस रिफिलिंग अनुदान राशि दी गई है। इसके लिए प्रदेश की 23 लाख से अधिक बहनों को 115 करोड़ रुपए से अधिक राशि अंतरित की गई है। राज्य सरकार गैस रिफिल अनुदान के 3 साल में 1600 करोड़ की सहायता बहनों को दे चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने माताओं-बहनों की सुविधा के लिए पक्के मकान और शौचालय बनवाएं।
तो लाड़ली बहना योजना अंतर्गत जून 2023 में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी बहनों को पहली मासिक आर्थिक सहायता राशि अंतरित की गई थी। अब तक बहनों को 41 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन के त्यौहार पर लाड़ली बहनों को 4 बार 250-250 रुपये की विशेष सहायता राशि शगुन के रूप में दी गई। महिलाओं को लगातार आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान किया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका एक्सप्रेस की चाबियाँ महिलाओं को सौंपी। हर परिवार बने समृध्द की थीम पर लघु उद्यमिता, हर दीदी बनें उद्यमी पर आजीविका एक्सप्रेस ऐसे मार्ग पर आवागमन को सुगम बनाएगी जहां पर आजीविका दीदियों के लिए यातायात की सुविधा का अभाव है। पाली विकासखंड अंतर्गत सेवा महिला संघ चौरी सेक्टर में 8 लाख 50 हजार रूपये की लागत से आजीविका एक्सप्रेस क्रय की गई है। इस वाहन में महिला ड्रायवर को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे होने वाली आमदनी उस महिला दीदी की होगी।
तो मध्य प्रदेश में भी जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस खुद को लगातार मजबूत कर 2028 में सत्ता पाने की भरपूर कोशिश में जुटी है लेकिन भाजपा सरकार के लाड़ली बहना योजना जैसे मील के पत्थर कांग्रेस की राह को कठिन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। इसलिए फिलहाल यही कहा जा सकता है कि महिला आर्थिक सशक्तिकरण का यह सिलसिला चलता रहे… ताकि मध्य प्रदेश महिलाएँ आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ अपने फैसले विश्वास के साथ लेने में सक्षम हो सकें…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।