प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज 16% तक महंगा हो गया और आपको पता भी नहीं चला। एयरटेल ने अपने रिचार्ज के दाम बढ़ाने के बजाय, सीधे कई प्लान ही खत्म कर दिए। जियो प्राइम मेंबरशिप ले आई है। इस ‘साइलेंट हाइक’ के बाद भी अगले 3-4 महीनों में दाम और बढ़ने के आसार हैं।
सवाल-1: मोबाइल रिचार्ज चुपचाप 16% तक महंगे कैसे हो गए?
जवाब: भारत के टेलिकॉम मार्केट में अभी 3 प्राइवेट कंपनी – जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आईडिया और 1 सरकारी यानी BSNL की हिस्सेदारी है।एयरटेल ने 5 प्लान बंद किए
12 अगस्त 2026 को एयरटेल ने 249 रुपए, 299 रुपए, 579 रुपए, 619 रुपए और 649 रुपए वाले अपने 5 प्रीपेड प्लान बंद कर दिए। इन कैटेगरी में अब लोगों को जो दूसरे प्लान लेंगे होंगे, वो 5 से 16% तक महंगे हैं।मिसाल के लिए 299 वाले प्लान में 28 दिन तक रोजाना 1.5GB डेटा मिलता था, अब कंज्यूमर्स के पास अगला ऑप्शन 349 रुपए का है। इसमें 28 दिनों के लिए रोजाना 2GB डेटा मिलता है। ये कीमत में करीब 16% की बढ़ोत्तरी है।
जियो ने प्राइम मेंबरशिप शुरू की
जियो ने कोई प्लान बंद नहीं किया है, बल्कि एक ‘जियो प्राइम’ मेंबरशिप शुरू की है। इसके तहतहालांकि वोडाफोन-आईडिया और BSNL ने हाल-फिलहाल में कोई प्लान बंद नहीं किया है। एंट्री लेवल पर कुछ नए प्लान शुरू किए हैं।
सवाल-2: आगे रिचार्ज कब और कितने महंगे होने वाले हैं?
जवाब: कई रिसर्च और एनालिसिस से जुड़े संस्थानों के मुताबिक, प्रीपेड टैरिफ प्लान में अगला प्राइस हाइक अक्टूबर से लेकर दिसंबर 2026 तक हो सकता है…शेयर बाजार से जुड़े रिसर्च संस्थान ‘सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च’ के मुताबिक, जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया अगले 3 से 4 महीनों में प्रीपेड प्लान 15% तक महंगे कर सकते हैं।
वहीं एक्सिस कैपिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गौरव मल्होत्रा के मुताबिक, ये सभी कंपनियां प्रीपेड प्लान में अगले 3 से 6 महीने में 10-12% की बढ़ोत्तरी का ऐलान कर सकती हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, 199 रुपए में 28 दिन में टोटल 2GB डाटा वाला प्लान अभी मौजूद है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी जगह 219 रुपए में 3GB डेटा का प्लान लाया जा सकता है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने जियो की प्राइम मेंबरशिप से होने वाली प्राइस हाइक का एक अनुमान दिया है। इसके मुताबिक, जियो के टैरिफ अगले 6 महीनों में बढ़ सकते हैं। जबकि महीने के 25 रुपए के हिसाब से कंज्यूमर्स को साल के 300 रुपए देंगे होंगे। ऐसे में कंज्यूमर्स की बचत इस पर निर्भर करेगी, कि जियो के प्लान महंगे होने का ऐलान कब तक होगा।मोतीलाल ओसवाल ने दो सिनैरियो बताए हैं, आसान भाषा में समझते हैं…
1. अगर हाइक अगले 6 महीने में हो
मान लीजिए जियो 299 वाला प्लान 50 रुपए बढ़ाकर 349 रुपए का कर देता है।ये मेंबरशिप में 299 का ही मिलता रहेगा। यानी हर महीने 50 रुपए की बचत होगी।300 रुपए की मेंबरशिप फीस अगले 6 महीने में वसूल हो जाएगी।कंपनी को भी ARPU में करीब 46 रुपए प्रति महीना का फायदा होगा।

सवाल-3: इससे पहले मोबाइल रिचार्ज के दाम कब और कितने बढ़े?
जवाब: 5 सितंबर 2016 को रिलायंस ने ‘जियो’लॉन्च किया और 31 दिसंबर 2017 तक सभी सर्विसेज, यानी अनलिमिटेड डेटा, वॉयस कॉल और रोमिंग बिल्कुल फ्री कर दीं।जियो के मुकाबले बाकी कंपनियों को भी अपने दाम घटाने पड़े। एयरटेल ने अपने डेटा टैरिफ 80% तक सस्ते किए और आइडिया ने भी 67% तक की कटौती की।2016 में जियो के लॉन्च से पहले भारत में 1GB डेटा की कीमत करीब 225 रुपए थी। जियो की एंट्री के बाद भारत में डाटा की कीमत दुनिया में सबसे सस्ती हो गई। 2018-19 तक 1GB डेटा का औसत दाम घटकर सिर्फ 7.7 रुपए रह गया।
इसके बाद 3 बार प्रीपेड डाटा टैरिफ बढ़ाए गए…दिसंबर 2019: 40% तक बढ़ोत्तरीएयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने 3 दिसंबर 2019 से अपने प्लान 41% तक महंगे किए, जबकि जियो नेदिसंबर 2021: 20% तक बढ़ोत्तरी
दिसंबर 2021 में औसतन 20% तक टैरिफ बढ़े। एयरटेल ने 249 रुपए में 1.5 GB/ दिन वाला 28 दिन का प्लान 299 रुपए का कर दिया।वहीं जियो ने 199 रुपए में 1.5 GB रोजाना डाटा वाला प्लान 239 रुपए और 249 रुपए में 2GB डाटा वाला प्लान 299 का कर दिया। इसी परसेंटेज से बाकी प्लान भी महंगे हुए।
जुलाई 2024: 19% तक बढ़ोत्तरी
1 जुलाई 2024 से जियो ने अपने प्लान 25% तक महंगे कर दिए। जियो का 299 वाला प्लान 349 रुपए का हो गया। इतनी ही बढ़ोत्तरी एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने भी की।रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक, इस पूरे राउंड में तीनों कंपनियों ने औसतन 17-19% तक टैरिफ बढ़ाए।इससे टेलिकॉम सेक्टर का ‘एवरेज रेवेन्यू पर यूजर’, ARPU यानी प्रति यूजर कंपनियों की कमी 2024 के 182 रुपए से बढ़कर 2026 तक 225-230 रुपए पहुंचने का अनुमान है, यानी करीब 25% की
सवाल-4: आखिर कंपनियां रिचार्ज महंगे क्यों कर रही हैं?
जवाब: 3 बड़ी वजहें हैं…1. प्रति यूजर कमाई अब भी दुनिया में सबसे कमटेलिकॉम कंपनियां हर महीने एक ग्राहक से जितना पैसा कमाती हैं, उसे ARPU यानी ‘एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर’ कहते हैं।मान लीजिए एक कंपनी के 10 करोड़ ग्राहक और महीने की कमाई 2,000 करोड़ रुपए है, तो हर ग्राहक से औसतन 200 रुपए महीने का ARPU जनरेट हुआ। कंपनियां चाहती हैं कि ये ARPU बढ़े।अगस्त 2025 में एयरटेल का ARPU 250 रुपए, जियो का 209 रुपए और वोडाफोन-आइडिया का 165 रुपए था। 2024-25 में पूरे सेक्टर का औसत ARPU 174.46 रुपए है।
जबकि अमेरिका में बड़ी टेलिकॉम कंपनियों का ARPU करीब 4,300 रुपए, यूरोप में करीब 1,000 रुपए और चीन में करीब 600 रुपए है। यानी भारत का ARPU अमेरिका के मुकाबले करीब 17 गुना कम और चीन के मुकाबले करीब 3.5 गना कम है।

2. 5G नेटवर्क पर हुए खर्च की वसूली
पिछले कुछ सालों में जियो और एयरटेल ने पूरे देश में 5G नेटवर्क के टावर लगाने, स्पेक्ट्रम खरीदने और नई तकनीक पर अरबों रुपए खर्च किए हैं। जून 2026 तक देश में करीब 4.6 लाख 5G टावर लग चुके हैं, जो देश के करीब 99% जिलों और 80% आबादी को कवर करते हैं।
आउटलुक बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो ने अपने 5G नेटवर्क पर 2 लाख करोड़ रुपए और एयरटेल ने करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं, लेकिन दोनों कंपनियों ने अब तक 5G डेटा के लिए अलग से कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया है।अब कंपनियां 5G डेटा को फ्री बेनिफिट की जगह प्रीमियम सर्विस की तरह पेश करके इसका रिटर्न निकालना चाहती हैं।
3. कर्ज और सरकारी बकाया चुकाने का दबाव
टेलिकॉम कंपनियों पर सरकार का पुराना बकाया भी है, जिसे AGR यानी ‘एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू’ कहा जाता है। इसे चुकाने के लिए कंपनियों को ज्यादा कमाई चाहिए। सबसे ज्यादा दबावमुताबिक, बकाया चुकाने और अपने पास कैश-फ्लो बनाए रखने के लिए वोडाफोन-आइडिया को 2027 से 2030 के बीच अपने प्लान में 45% तक बढ़ोत्तरी करनी पड़ सकती है।
2019 में AGR से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के चलते वोडाफोन-आइडिया को 50,922 करोड़ रुपए और एयरटेल को 23,044 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड घाटा हुआ था। इसके तुरंत बाद कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाने का ऐलान कर दिया था।