मुंबई:अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने टाइगर श्रॉफ को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने एक बार सलमान खान की तारीफ की थी. रविवार को जुहू के एक मैदान में फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे टाइगर श्रॉफ पर दो शूटरों ने उनकी बीएमडब्ल्यू कार पर सात राउंड फायरिंग की थी.

टाइगर श्रॉफ हमले में नया खुलासा, सलमान की तारीफ का जिक्र
इसके बाद हमलावर एक अन्य साथी के साथ बाइक पर फरार हो गए. इस घटना में टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर और एक राहगीर घायल हो गए थे. उसके बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक सदस्य ने टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी. उसके अगले ही दिन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से गिरफ्तार कर लिया गया था.
सलमान खान की तारीफ को बताया वजह
NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार अब पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने कहा है कि वर्ष 2022 में एक फिल्म प्रमोशन कार्यक्रम के दौरान टाइगर श्रॉफ ने सलमान खान की तारीफ करते हुए कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में असली ‘टाइगर’ सिर्फ सलमान खान हैं. जांचकर्ताओं के अनुसार आरोपी का कहना है कि यह बयान गैंग द्वारा टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की वजहों में से एक हो सकता है. पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है.
पुरानी रंजिश से जुड़ा है मामला
जांच में यह भी सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई और सलमान खान के बीच विवाद की जड़ें काफी पुरानी हैं. यह विवाद 1999 के उस मामले से जुड़ा माना जाता है जिसमें सलमान खान पर फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार का आरोप लगा था. बिश्नोई समुदाय काले हिरण को पवित्र मानता है और इसी कारण गैंग की ओर से पहले भी सलमान खान को धमकियां दिए जाने की बात सामने आती रही है.
सोशल मीडिया से ले रहे थे अपडेट
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पुलिस जांच से जुड़ी जानकारियों पर नजर रख रहे थे. पुलिस को शक है कि जांच से संबंधित अपडेट इंटरनेट कॉल के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचाए जा रहे थे. सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी रेहान लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता दिखाई दिया. जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमलावरों को संदेशों के जरिए यह जानकारी मिल रही थी कि भागने के लिए इस्तेमाल की गई बाइक अंधेरी में बरामद हो चुकी है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जांच से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं आरोपियों तक कौन पहुंचा रहा था.
ऐसे पकड़े गए आरोपी
सूत्रों के अनुसार टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दिए थे. पूरी साजिश के दौरान शूटर और उनके हैंडलर इंटरनेट आधारित VoIP कॉल के जरिए संपर्क में थे. हालांकि फरारी के दौरान आरोपियों ने एक सामान्य फोन कॉल किया, जो पुलिस के लिए अहम सुराग बना. जांच में पता चला कि आरोपियों ने मुंबई के बोरीवली से सूरत जाने के लिए एक निजी कैब बुक की थी. फायरिंग के बाद वे अंधेरी से लोकल ट्रेन के जरिए बोरीवली पहुंचे और फिर कैब से सूरत गए. कैब चालक को की गई एक कॉल पुलिस के रडार पर आ गई. इसके बाद मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल सूरत पहुंची और चालक से पूछताछ की
टाइगर श्रॉफ फायरिंग घटना के बाद सदमे में, अभी तक बयान दर्ज नहीं
टाइगर श्रॉफ 18 अक्टूबर को उनकी कार पर हुई फायरिंग की घटना के बाद कथित तौर पर काफी परेशान हैं. मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ ने पुलिस को बताया कि इस घटना से वह स्तब्ध हैं और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है. अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि हमलावर कौन थे, उन्होंने फायरिंग क्यों की या इस हमले के पीछे किसका हाथ था. क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, घटना से मानसिक रूप से परेशान होने के कारण अभी तक टाइगर श्रॉफ का औपचारिक बयान दर्ज नहीं किया गया है. अधिकारी ने बताया कि पुलिस जल्द ही उनका बयान दर्ज करेगी.