
ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या रविवार को उस समय भावुक हो गए जब उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता को याद किया और कहा कि किस तरह से वह अपने बेटे का सपना पूरा करने के लिए दूसरे शहर आ गए थे. पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में भारतीय जीत के नायक विराट कोहली रहे जिन्होंने नाबाद 82 रन की पारी खेली लेकिन वह हार्दिक थे जिन्होंने उनका पूरा साथ दिया. हार्दिक ने 40 रन बनाए और कोहली के साथ शतकीय साझेदारी निभाई.
हार्दिक ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, “मैं केवल अपने पिताजी के बारे में सोच रहा था. मैं अपने पिता के लिए रोया था. मैं अपने बेटे को प्यार करता हूं लेकिन मैं जानता हूं क्या मैं वह कर पाऊंगा जो मेरे पिताजी ने मेरे लिए किया था. वह अपने साढ़े छह साल के बच्चे का सपना पूरा करने के लिए दूसरे शहर आ गए थे. उन्हें नहीं पता था कि जहां आज मैं हूं वहां पहुंच पाऊंगा. इसलिए यह पारी उनके लिए है.”
उन्होंने कहा, “मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा. यदि उन्होंने मुझे मौका नहीं दिया होता तो मैं आज यहां खड़ा नहीं होता. उन्होंने बहुत बलिदान दिए. वह अपने बच्चों की खातिर दूसरे शहर में बस गए. मैं तब छह साल का था और और वह दूसरे शहर में बस गए और वहीं उन्होंने व्यवसाय किया. यह बहुत बड़ी बात है.”
जीत के लिए 160 रन के लक्ष्य के जवाब में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही लेकिन कोहली ने अकेले किला लड़ाते हुए 53 गेंद में छह चौकों और चार छक्कों की मदद से नाबाद 82 रन की आतिशी पारी खेलकर दिवाली से एक दिन पहले ही पूरे भारत में जश्न की शुरुआत कर दी.
भारतीय टीम को आखिरी दो ओवरों में 31 रन की जरूरत थी. हारिस रऊफ के डाले 19वें ओवर की आखिरी दो गेंदों पर कोहली ने दो छक्के लगाए जिससे आखिरी ओवर में लक्ष्य 16 रन का रह गया. पहली ही गेंद पर हार्दिक पांड्या को मोहम्मद नवाज ने आउट कर दिया. दूसरी गेंद पर दिनेश कार्तिक ने एक और तीसरी गेंद पर कोहली ने दो रन निकाल. चौथी गेंद नो बॉल रही जिस पर कोहली ने छक्का जड़ दिया.
अब तीन गेंद में छह रन चाहिए थे. अगली गेंद वाइड रही जिसके बाद बाई के तीन रन बने लेकिन पांचवीं गेंद पर कार्तिक आउट हो गए. आखिरी गेंद पर एक रन लेकर आर अश्विन ने टीम को जीत दिलाई.