70 किलोमीटर की दूरी पर एक-दूसरे पर खूब बरसे विपक्ष और सत्ता पक्ष… कौशल किशोर चतुर्वेदी

70 किलोमीटर की दूरी पर एक-दूसरे पर खूब बरसे विपक्ष और सत्ता पक्ष…
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ 1 नवंबर 2026 को अपना स्थापना दिवस समारोह मना रहे थे, तब दिल्ली और रोहतक में एक-दूसरे से 70 किलोमीटर की दूरी पर विपक्ष और सत्ता पक्ष खूब बरसे। इस जुबानी बारिश में दोनों ने ही एक-दूसरे को खूब कोसा। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता अब सीधे मोदी-शाह को अपना निशाना बना रहे हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को ‘वोट चोरी’ के आरोप में कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई होगी और फिर नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नंबर आएगा। तो रोहतक में नितिन नवीन ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस और विपक्षी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं को चुनौती दे रहे हैं। यानि कि इधर महारैली और उधर पदयात्रा। रोहतक में नितिन नवीन का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च पूरी तरह से कांग्रेस हटाओ और देश बचाओ के उद्देश्य पर केंद्रित रहा।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली में मोदी सरकार पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन देश में “लोकतंत्र को ख़त्म नहीं होने देगा। ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना ‘देश को सही रास्ते पर लाने की दिशा में पहला कदम’ है।” राहुल गांधी ने कहा, “अमित शाह जी ने कहा कि ‘नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे।’ मैं आपको उल्टा बताता हूं- नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते। अगर जाना भी चाहेंगे, हम उन्हें नहीं जाने देंगे।”
”नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी आप बात समझिए। ज्ञानेश कुमार के बाद हम आपके सामने खड़े होने जा रहे हैं। आप भूलिए मत कि आपने वोट चोरी की है, कहीं नहीं जाएंगे आप। आपके ख़िलाफ़, नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़, अमित शाह के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई होगी।”

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 1 नवंबर 2026 को हरियाणा के रोहतक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा और रैली के दौरान एक भाषण दिया। उन्होंने विपक्षी दलों पर घुसपैठियों का बचाव करने और अवैध अप्रवास के मुद्दे पर एनडीए सरकार की स्थिति की आलोचना करने का आरोप लगाया। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र किया और 1 नवंबर के दिन राहुल गांधी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने समाजवादी पार्टी (यूपी), राजद (बिहार), कांग्रेस (हरियाणा) और ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल) का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी पराजित नेता आज देश और जनता को चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है, जो 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानकर उनकी सेवा कर रहे हैं।
यह जो दृश्य है यह भारत के मतदाताओं को आगामी लोकसभा चुनाव तक दिखने वाला है। सत्तापक्ष गर्जना करेगा तो विपक्ष महागर्जना
करने से पीछे नहीं हटेगा। और इसी कोलाहल में एक बार फिर भारतीय मतदाता अपने मन की बात दर्ज कराकर लोकतांत्रिक फैसला सुना देगा। फिलहाल, तो यही कहा जा सकता है कि 1 नवंबर को सत्तर किलोमीटर की दूरी पर भारतीय राजनीति के सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर खूब बरसे। और शायद राजनीति के इस आलम की वजह से ही मानसून भी बेवजह आंधी तूफान और बारिश की साजिश रच रहा है। एक सामान्य आम नागरिक के नजरिए से देखा जाए तो बेहतर यही है कि शांतिपूर्ण तरीके से राजनीतिक दलों के विचारों को मन में उतार कर अपना फैसला सुरक्षित रखा जाए…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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