गौपालक सम्मेलन का शाही संकेत… गौपालक मोहन के नेतृत्व में बनेगा विकसित मध्यप्रदेश… कौशल किशोर चतुर्वेदी

गौपालक सम्मेलन का शाही संकेत… गौपालक मोहन के नेतृत्व में बनेगा विकसित मध्यप्रदेश…
डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के 2 साल 9 महीने और 20 दिन बाद एक बार फिर गौपालक सम्मेलन के रूप में 3 अक्टूबर 2026 उनके लिए एक विशिष्ट दिन बनकर आया। 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले डॉ. मोहन यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उपस्थित होकर संबल प्रदान किया था। तो 3 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गौपालक सम्मेलन के जरिए यह साफ कर दिया कि विकसित मध्यप्रदेश की यात्रा अब गौपालक मोहन के साथ ही आगे बढ़ने वाली है। और इस यात्रा में मोहन के सारथी की भूमिका में वह खुद हैं। अमित शाह के भाषण के अंत से अगर हम शुरुआत करें तो उन्होंने जाते-जाते इतना ही कहा कि मोहन ने मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 10 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर अगले तीन साल में 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने की बात कही है। और इसके आगे उन्होंने विशेष रूप से यह जोड़ा कि इस यात्रा में मोहन अकेले नहीं है, हम उनके साथ हैं। तो यह बात साफ है कि गौपालक सम्मेलन के जरिए यह शाही संकेत ही था कि अगले 3 साल यानि अक्टूबर 2029 तक का समय और तब तक अगर मध्यप्रदेश में 2028 के बाद भाजपा सरकार ही इस लक्ष्य को पूरा करेगी तो मुख्यमंत्री के रूप में मोहन यादव ही नजर आएंगे। यानी कि साफ है कि समय, काल परिस्थिति यदि अनुकूल रही तो मध्यप्रदेश और मोहन की यात्रा लंबी चलने वाली है। और अमित शाह ने दशहरा मैदान में अपने हाव भाव और संकेतों के जरिए यह शाही संकेत दिया है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में मोहन के प्रति नकारात्मकता का भाव रखने वाले लोगों की अब कोई जगह नहीं है।
गौपालक सम्मेलन के मंच ने यह तस्वीर भी साफ कर दी है कि जिस तरह केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही सब काम हो रहा है, उसी पैटर्न पर मध्य प्रदेश के राजनेता भी यह स्वीकार कर लें कि मंत्रालय कोई भी हो और मंत्री कोई भी हो लेकिन मध्यप्रदेश में भी मोहन के नेतृत्व में ही सभी कार्य होने का भाव भाजपा का हर नेता अपने मन में बना ले। गौपालक सम्मेलन के मंच ने यह बता दिया है कि लक्ष्मण रेखा के पार जाने की किसी को भी जरूरत नहीं है। बेहतर यही है कि सभी अपनी-अपनी मर्यादा में रहें। गौपालक सम्मेलन ने यह भी साफ कर दिया है कि अब पुराने नारे लखपति दीदी से आगे गौपालक लखपति दीदी का नारा जल्दी ही मध्यप्रदेश में गूंजने वाला है। यह नारा मोहन को सशक्त करेगा। और यदुवंशी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिए भले ही औद्योगिकीकरण और विकास के दूसरे काम पूरे मनोयोग से करते नजर आ रहे हैं लेकिन उनके मूल में यदुवंश की झलक नजर आती रहेगी। उनके यह प्रयास उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक यदुवंशी नेता के रूप में सफलतापूर्वक प्रतिस्थापित करेंगे। कृष्णपाथेय और गीता भवन जैसे मोहन द्वारा उठाए गए कदमों के साथ ही गौपालक सम्मेलन के मंच से जब उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा दिवाली के दूसरे दिन पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक विकासखंड में चयनित वृंदावन ग्राम में उन्नत पशुपालकों को पशुओं की प्रतियोगिता कराई जाएगी। यानि पूरे 313 ब्लॉकों में चयनित एक-एक वृंदावन गांव में प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें प्रथम विजेता पशुपालक को एक लाख, द्वितीय विजेता को 50,000 और तीसरे नंबर पर रहने वाले पशुपालक को 25000 रुपए पुरस्कार दिया जाएगा। इससे साफ हो गया कि गौपालक और यदुवंशी परंपराओं को राज्य स्तर पर पुनर्जीवित कर यह संदेश दिया जाएगा कि मध्यप्रदेश में अब यदुवंशी मुख्यमंत्री है। और इसके जरिए ही राष्ट्रीय स्तर पर मोहन की यादव नेता होने की छवि को निखारा जाएगा।
और इस पूरी कहानी का मतलब यह भी नहीं है कि दुग्ध उत्पादन के कार्य में किसी एक वर्ग के लोग ही शामिल रहेंगे। जो भी पशु पालेगा वह गौपालक होगा और इसमें प्रदेश के सभी अन्नदाता भी शामिल रहेंगे तो सभी जाति वर्ग के लोग गौपालन के जरिए अपनी आय बढ़ाकर लखपति समूह में शामिल हो सकेंगे। मोहन सरकार और मोहन यादव का यह प्रयास उन्हें एक बड़ी उपलब्धि के रूप में, सबके प्रति समभाव का अद्वितीय उदाहरण बनकर, एक जननायक के रूप में स्थापित करेगा। जिन्हें गौपालक सम्मेलन में मंच से सम्मानित किया गया उसमें सभी जाति-वर्ग और हिंदू-मुस्लिम चेहरे नजर आए। यह गौपालक मध्य प्रदेश में शामिल सभी वर्गों की तस्वीर को ही सामने रखने वाला दृश्य था।
और अपनों को जो संकेत दिए वह अपनी जगह है लेकिन विपक्ष को भी आईना दिखाने में अमित शाह ने कोई कमी नहीं की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा नकारात्मक राजनीति की है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सहकारिता और दुग्ध क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का सबसे बड़ा लाभ गौपालकों और पशुपालकों को मिलने वाला है। आजादी के बाद से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों की मांग रही थी कि केंद्र में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय बनाया जाए, लेकिन कांग्रेस के शासन में 75 साल तक ऐसा नहीं हुआ। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना हुई, जिससे सहकारी व्यवस्था को नई दिशा मिली है। उन्होंने दावा किया कि जहां बिचौलिये करीब 35 रुपए प्रति लीटर की दर से दूध लेते हैं, वहीं सहकारी व्यवस्था से गौपालकों को 55 रुपए प्रति लीटर की कीमत मिलेगी।
इसके साथ ही अमित शाह ने एक और बड़ी घोषणा कर यह साफ कर दिया कि विपक्ष कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन भाजपा का विजय रथ रुकने वाला नहीं है। मध्य प्रदेश और देश को नक्सल मुक्त करने की बड़ी उपलब्धि के बाद शाह ने साफ किया कि दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश को नारकोटिक्स और नशा मुक्त कर दिया जाएगा।
तो 35 हजार गौपालकों की उपस्थिति को मध्य प्रदेश में ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए शाह ने कहा कि यह पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए संकल्प और ऊर्जा का प्रतीक है। ‘सहकार से समृद्धि’ की थीम पर केंद्रित राज्य स्तरीय सम्मेलन में मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें मिली हैं। सौगातें और सहकार अपनी जगह है, लेकिन गौपालक सम्मेलन का शाही संकेत यही है कि गौपालक मोहन के नेतृत्व में ही मध्यप्रदेश विकसित बनने की यात्रा जारी रखेगा…और मध्यप्रदेश के सभी भाजपा नेताओं की यह गाँठ बाँधने में ही भलाई है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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