
राष्ट्र की दो अहम तस्वीरें… मोदी के सरकार प्रमुख रूप में 25 साल…और राहुल की मोदी,शाह,भागवत और ज्ञानेश पर सीधी मार…
भारत के राष्ट्रीय परिदृश्य में 7 अक्टूबर 2026 की दो तस्वीरें बहुत खास हैं। पहली तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल के 25 साल पूरे होने पर
पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का आशीर्वाद लेने की है। और दूसरी तस्वीर राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा की गिरफ्तारी की है। राहुल गांधी द्वारा मोदी, शाह, भागवत और ज्ञानेश कुमार को नहीं छोड़ने की चुनौती देना, भाजपा, आरएसएस और निर्वाचन आयोग को एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। ये दोनों ही तस्वीरें विशेष संदेश देती नजर आ रही हैं। दुनिया के एक ताकतवर नेता के रूप में शुमार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आडवाणी के पारस्परिक संबंध और व्यवहारों की लंबी श्रृंखला राजनीति में जगजाहिर है। और यह सभी को मालूम है कि 2014 के बाद यह बात असंभव सी प्रतीत होती है कि आडवाणी द्वारा मोदी को आशीर्वाद दिया जाए। पर मोदी ने आडवाणी से मिलने की औपचारिकता को कभी खत्म नहीं किया, यह भी उतनी ही खास बात है। तो दूसरी तस्वीर भी उतनी ही खास है। राजनीतिक जीवन में 2004 में पहली बार सांसद बने राहुल गांधी ने दस साल यूपीए की सत्ता में युवराज की तरह शीर्ष भूमिका का निर्वहन किया है। लेकिन उसके बाद
का उनका और कांग्रेस का संघर्ष किसी से छिपा नहीं है। और संघर्ष का उनका सफर अब उस मुकाम पर है जब वह
मोदी-शाह, भागवत और ज्ञानेश कुमार को सीधी चुनौती देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में सत्ता के मुकाम तक पहुँचने का उत्साह भरते नजर आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात कर हालचाल जाना और आशीर्वाद लिया।25 साल पहले शुरू हुआ उनका यह सफर आज एक खास पड़ाव पर पहुंच गया। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तब से सरकार के प्रमुख के तौर पर उनकी जिम्मेदारी लगातार आगे बढ़ती रही। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 12 साल तक जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेंद्र मोदी 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद से वह लगातार प्रधानमंत्री के पद पर हैं। और दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय और ताकतवर नेताओं में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। अच्छी बात यही है कि जनसेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। और मुलाकात के बाद मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘आडवाणी जी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। जनसेवा और राष्ट्रीय जीवन में उनके दशकों के योगदान ने एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने भारत की प्रगति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।’
तो दूसरी खास तस्वीर यह है कि दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विपक्ष का प्रदर्शन 7 अक्टूबर को भी जारी रहा। विपक्षी सांसदों के साथ प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी बोले, “नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार चाहे जो कर लें, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे। ये मेरी गारंटी है कि हम उन चारों को न्याय के कटघरे में लेकर आएंगे।” वहीं प्रियंका गांधी ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे सांसदों के साथ वो कैसा बरताव कर रहे हैं। वो हम सांसदों की पिटाई कर रहे हैं। पुलिस वालों ने मुझे कई जगह खरोंच पहुंचाई। उन्होंने हमें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।” विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें।
जेन-जी द्वारा धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा लेने के बाद उत्साह से भरे विपक्ष का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी भले ही ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा लेने में सफल न हों लेकिन यह बात सौ फीसदी सच है कि उनके यह प्रयास कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खास उत्साह भरने में सफल हो रहे हैं। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सफलता के 25 साल पूरे करने के बाद भाजपा के शीर्षस्थ नेता लालकृष्ण आडवाणी का आशीर्वाद लेकर निश्चित तौर से यही रणनीति बनाएँगे कि 2047 तक भारत की कमान भाजपा के ही हाथों में बनी रहे। हालाँकि भविष्य की तस्वीर वक्त के हाथों में है… यह सभी मानते हैं।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।