उज्जैन में साइबर ठगी का नया तरीका: सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुप का फायदा उठाकर अधिकारी बन साइबर ठगों ने महिला सीएचओ से 60 हजार रुपये ठगे

उज्जैन जिले में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी कर्मचारियों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है. दरअसल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) टीना पाल ने उज्जैन एसपी कार्यालय आकर शिकायत दर्ज कराई है कि हेल्थ ब्लॉक के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप में एक संदेश आने के बाद उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया. ग्रुप में आए संदेश के कारण उन्होंने फोन करने वाले को अधिकारी समझ लिया. इसी भरोसे का फायदा उठाकर साइबर ठग ने उनसे 60 हजार रुपये की ठगी कर ली

पीड़िता टीना पाल के अनुसार, हेल्थ ब्लॉक के व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश साझा किया गया था कि संबंधित अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र में शौचालय और पानी की व्यवस्था को लेकर जानकारी लेंगे, इसलिए उनका सहयोग किया जाए. कुछ देर बाद उनके पास फोन आया. कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए सरकारी सहायता राशि दिलाने की बात कही और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा.

60 हजार रुपए की ठगी
टीना पाल का कहना है कि फोन करने वाला लगातार खुद को अधिकारी बताकर दबाव बनाता रहा. उसने सरकारी सहायता राशि खाते में भेजने का भरोसा दिलाया और फोनपे पर कुछ प्रक्रिया पूरी करने तथा ओटीपी दर्ज करने के लिए कहा. उन्हें लगा कि प्रक्रिया सरकारी है, इसलिए उन्होंने उसके बताए अनुसार कदम उठाए। इसके बाद उनके खाते से 60 हजार रुपये निकल गए. ठगी का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और अन्य साथियों को भी सावधान किया. इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई.

व्हाट्सऐप ग्रुप पर फोन कर की ठगी
सीएचओ संगठन के जिला अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा का कहना है कि आधिकारिक ग्रुप में आए संदेश के कारण कर्मचारियों को लगा कि फोन वास्तव में किसी अधिकारी का है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. संगठन का कहना है कि इस घटना के बाद कई अन्य सीएचओ के पास भी इसी तरह के फोन आए, लेकिन समय रहते उन्हें सतर्क कर दिया गया. इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश साझा किया गया था, उसकी जानकारी साइबर ठग तक कैसे पहुंची. हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच की मांग की जा रही है.

शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर भी दर्ज कराई
ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करणदीप सिंह ने बताया कि महिला सीएचओ की शिकायत प्राप्त हुई हैय प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्हें अधिकारी बनकर फोन किया गया और ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान उनके खाते से करीब 60 हजार रुपये निकल गए. मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है. शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.