विकिपीडिया ने हरदीप को मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्यों की सूची में शामिल किया… कौशल किशोर चतुर्वेदी

विकिपीडिया ने हरदीप को मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्यों की सूची में शामिल किया…
भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश से एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद राज्यसभा की रिक्त हुई सीट पर हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अभी हरदीप सिंह पुरी का नामांकन दाखिल भी नहीं हो पाया है, लेकिन विकिपीडिया ने उन्हें जीता हुआ उम्मीदवार मानकर मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य की सूची में शामिल कर लिया है। वैसे तो उनकी जीत पर कोई संशय भी नहीं है, क्योंकि राज्यसभा सदस्य के लिए आवश्यक मतों की संख्या कांग्रेस के पास नहीं है। लेकिन फिर भी जीत का सर्टिफिकेट मिलने की औपचारिकता तो अभी बाकी है। और लगता है कि विकिपीडिया औपचारिकता को कोई तवज्जो न देकर यह मान चुका है कि हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्विरोध चुन लिए गए हैं। हरदीप सिंह पुरी का नाम मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए घोषित होने पर यह साफ हो गया है कि
भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के मायने बहुत सीमित माने जा सकते हैं। जो नाम ऊपर से तय हो गया वही सही है और अन्य सभी औपचारिकताएं बस बस परंपरा का हिस्सा हैं।
हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने पर कांग्रेस को निशाना साधने का मौका मिल गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव का बयान सामने आया है कि मध्यप्रदेश पहले से ही बच्चियों से दुराचार में देश मे नंबर 1 है। अब बच्चियों से इंटरनेशनल दुराचारी के दोस्त को मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजना प्रदेश को कलंकित करता है। यह फैसला भाजपा की महिलाओं एवं बच्चियों के प्रति सोच को उजागर करता है। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा द्वारा हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा का टिकट दिए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे भाजपा की राजनीतिक मंशा और खौफ बताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में नाम सामने आने को लेकर चर्चा में रहे हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा का टिकट देना भाजपा के खौफ को उजागर करता है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश के बजाय मध्यप्रदेश की सीट का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों और निजी स्वार्थों के लिए किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की इस राजनीति से स्पष्ट है कि वह मध्यप्रदेश को अपने राजनीतिक प्रयोगों की प्रयोगशाला समझती है। प्रदेश की जनता के हितों और सम्मान की अनदेखी कर अपने सियासी समीकरण साधना भाजपा की कार्यशैली बन गई है। क्या भाजपा को मध्यप्रदेश में कोई नेता नहीं मिला ? सिंघार ने कहा, हम मध्यप्रदेश को भाजपा की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी के नाम का उल्लेख होने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा द्वारा उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ऐसे कौन से कारण हैं, जिनके चलते तमाम सवालों के बावजूद हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है।
खैर, कांग्रेस के पास आरोप लगाने के अलावा कुछ भी नहीं है। कुछ समय पहले मध्य प्रदेश की रिक्त हुई तीन राज्यसभा सीटों में से कांग्रेस अपने हिस्से की एक सीट भी नहीं बचा पाई थी। और अब तो कांग्रेस को मालूम है कि सीट भाजपा के खाते में ही है। और शायद इसी सोच से सहमत विकिपीडिया ने पहले ही हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा की सूची में शामिल कर यह जता दिया है कि सीट पूरी तरह से भाजपा के खाते में है। देखा जाए तो हरदीप सिंह पुरी (जन्म 15 फरवरी 1952 ) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त राजनयिक हैं, जो 2021 से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। हरदीप सिंह पुरी (जन्म 15 फरवरी 1952 ) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त राजनयिक हैं, जो 2021 से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। मार्च 2022 में, यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के दौरान, पुरी ने एक विशेष चार-मंत्री दूत के हिस्से के रूप में कार्य किया और ऑपरेशन गंगा के तहत 6,711 छात्रों को भारत वापस लाए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री के तौर पर हरदीप सिंह पुरी भारत के इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम और पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के विस्तार के एक प्रमुख समर्थक रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान, सरकार मूल समय-सारिणी से पहले 20% इथेनॉल मिश्रण (ई20) के लक्ष्य तक पहुँच गई। अगस्त 2025 में, पुरी ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण 2014 में 1.53% से बढ़कर 2025 में 20% हो गया है, 2030 तक 20% मिश्रण का मूल लक्ष्य 2025 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने इथेनॉल के लिए प्रशासित मूल्य निर्धारण, कई फीडस्टॉक्स का उपयोग और आसवन क्षमता के विस्तार सहित नीतिगत उपायों को इस वृद्धि का श्रेय दिया। इन्हीं संदर्भों में हरदीप सिंह पुरी को कुछ-कुछ समय जा सकता है। और पुरी के इन सभी कामों ने उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ाया है। और इसीलिए विकिपीडिया ने सोच समझकर ही समय से पहले हरदीप सिंह पुरी का नाम मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्यों की सूची में शामिल कर लिया है…74 वर्षीय हरदीप सिंह और हृदय प्रदेश का नाता अब बहुत करीबी वाला माना जा सकता है।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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