IPL 2027 खेलेंगे या नहीं? MS धोनी ने ‘विंटेज गाड़ी’ वाले बयान से दिया बड़ा संकेत, दिसंबर से पहले फिटनेस के आधार पर लेंगे फैसला, CSK के संघर्ष पर भी बोले

भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने आईपीएल में अपने भविष्य को लेकर बात की. उन्होंने संकेत दिया कि दिसंबर से पहले इस बारे में कोई फैसला लिया जा सकता है कि वह एक और सीजन खेल पाएंगे या नहीं.  धोनी, जो वर्तमान में फिटनेस समस्याओं के कारण पूरा आईपीएल 2026 नहीं खेल पाए थे, बेंगलुरु में एक हेल्थकेयर इवेंट में अपने आईपीएल भविष्य को लेकर बात की, इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या वह एक और सीजन खेलना चाहते हैं, जिस पर धोनी ने मजाक में जवाब दिया, “डॉक्टर, मुझे टेस्ट से गुजरना होगा.. आपको मुझे रिपोर्ट देनी होगी, और फिर दिसंबर से पहले मुझे देखना होगा कि मैं एक और सीजन खेलने के लिए कितना फिट हूं”

IPL में खेलना जारी रखेंगे या नहीं? धोनी ने दिया जबाव

मिस्टर कूल के नाम से विख्यात हुआ धोनी ने कहा,  “और अगर मैं ऐसा नहीं कर पाता हूं, तो आपको यह पक्का करना होगा कि आप मेरे साथ सब कुछ सही करें और यह भी सुनिश्चित करें कि यह पुरानी विंटेज गाड़ी सड़क पर अच्छे से चलती रहे,  इसलिए सारा दबाव उन्हीं पर है.”

इस कार्यक्रम के दौरान, धोनी ने हाल के सालों में सीएसके के प्रदर्शन पर भी बात की और बताया कि पिछले कुछ सीजन में टीम को काफी संघर्ष करना पड़ा है.  धोनी ने कहा, “मुझे हमेशा से यही लगता रहा है कि कागज पर आप कितने अच्छे हैं, इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता, अहम बात यह है कि उस खास दिन आप कैसा खेलते हैं. खेल का फॉर्मेट जितना छोटा होता है, बेहतरीन टीमों के बीच का अंतर उतना ही कम हो जाता है.  पिछले दो सालों में सीएसके को संघर्ष करना पड़ा है, और यह एक सच्चाई है,  इससे मुंह छिपाने का कोई मतलब नहीं है.”

धोनी ने की आरसीबी की तारीफ

धोनी ने इवेंट में आरसीबी टीम की तारीफ की और कहा, “वाकई बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, और जिन्दगी ऐसी ही होती है. कभी अच्छे दिन आते हैं, तो कभी बुरे, लेकिन आप उनसे कैसे बाहर निकलते हैं और एक टीम के तौर पर किन चीजों पर काम करना चाहते हैं,  ये बातें बहुत अहम होती हैं.  जब हम जीत रहे थे, तब हमें पता था कि एक समय ऐसा भी आएगा जब हम हारने लगेंगे, और असल में आपके चरित्र की परीक्षा तब होती है जब आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे होते. तो, आरसीबी ने पिछले कुछ सालों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि हमने पिछले कुछ सालों में ऐसा नहीं किया है.

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