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बाबा महाकाल की कृपा से सीएम बने मोहन के काल में सिंहस्थ-2028 का आयोजन भव्य और दिव्य होना ही चाहिए…
बाबा महाकाल की कृपा से सिंहस्थ-2028 महापर्व का आयोजन भव्य, दिव्य, अद्भुत और अलौकिक होगा। सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन में किए जा रहे विकास कार्यों से महापर्व के पूर्व उज्जैन का सुंदर और सुव्यवस्थित विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह विश्वास दिलाया है। उन्होंने अपील की है कि सिंहस्थ के लिए संत, प्रशासन, संगठन सभी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपनी भूमिका का निर्वहन करें।
डॉ. मोहन यादव के बारे में यदि यह कहा जाए कि वह बाबा महाकाल की कृपा से ही मुख्यमंत्री बने हैं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। और खुद मोहन यादव भी इसे खुले मन से स्वीकार भी करते हैं। डॉ. मोहन यादव के काल में उज्जैन का विकास
मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से हो रहा है। और विकास के पीछे सिंहस्थ की अवधारणा सर्वप्रमुख है। सिंहस्थ और मुख्यमंत्री के महाकाल की नगरी का होने से उज्जैन के विकास में पंख लग गए हैं, ऐसा माना जा सकता है। उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी का केंद्र घोषित किया गया है। उज्जैन कहीं न कहीं विकास के मामले में इंदौर को पीछे धकेलता नजर आ रहा है। महाकाल का आशीर्वाद और उज्जैन निवासी मोहन का मुख्यमंत्री होना ही इसका आधार है। ऐसे में सिंहस्थ-2028 भव्य-दिव्य होगा और नए कीर्तिमान बनाएगा, यह उम्मीद सभी को है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत-महात्माओं के मार्गदर्शन में शासन-प्रशासन द्वारा सिंहस्थ महापर्व के लिए श्रद्धालुओं एवं साधु-संतों की सुविधा और सेवा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सिंहस्थ का आयोजन सभी की सहभागिता से होगा। जिन किसानों के पास भूमि उपलब्ध है, वे अपनी भूमि पर स्कूल, अस्पताल और हॉस्टल जैसी सुविधाएं विकसित करें, इसमें सरकार सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के साथ गौरव जुड़ा हुआ है और सनातन धर्म की पहचान संत-महात्माओं के कारण बनी है। उन्होंने सिंहस्थ की तैयारियों के लिए किए जा रहे विकास कार्यों में सभी वर्गों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों के लोगों ने धर्मस्थलों के लिए अपनी जगह उपलब्ध कराकर सहयोग किया है। अनेक नागरिकों ने अपने मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जगह भी स्वेच्छा से उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में उज्जैन के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जाएगा, जिससे ये धार्मिक स्थल और अधिक भव्य स्वरूप में नजर आएंगे।
यही कहा जा सकता है कि सिंहस्थ-2028 का इंतजार सभी सनातन अनुयायियों को है। और वैसे तो सिंहस्थ अपने आप में ही भव्य और दिव्य रहता है, लेकिन
महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन का विकास नए युग में पहुंच गया है। 2023 में डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने और सिंहस्थ के आयोजन ने उज्जैन के विकास को चार चांद लगा दिए हैं। महाकाल की कृपा बनी रहे और उज्जैन के विकास पर बरसती रहे ताकि सनातन के सभी अनुयायी 2028 में सिंहस्थ के भव्य और दिव्य होने के साक्षी बन सकें…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।