मुंबई एयरपोर्ट पर 11.82 करोड़ के हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ युवती गिरफ्तार, बैंकॉक से लाई थी ड्रग्स की खेप; अंतरराष्ट्रीय रैकेट की जांच शुरू

Drug Case: मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बैंकॉक से आई 29 वर्षीय युवती को 11.824 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया, जिसकी कीमत लगभग 11.82 करोड़ रुपये बताई गई है.

 

Mumbai Airport Drug Bust: महाराष्ट्र के मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है. बैंकॉक से मुंबई पहुंची एक 29 साल की युवती हर्षा सनी को करीब 11.824 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा (Hydroponic Weed) नामक महंगे मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 11 करोड़ 82 लाख रुपये है.

कस्टम्स अधिकारियों ने बताया कि युवती को संदेह के आधार पर रोका गया था. जांच के दौरान उसके सामान से बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुआ, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.

जानकारी के मुताबिक, हर्षा सनी एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत है. इसके अलावा वह मॉडलिंग और ग्लैमर की दुनिया से भी जुड़ी हुई है. बताया जा रहा है कि उसने पिछले वर्ष एक प्रतिष्ठित ब्यूटी पेजेंट में रनर-अप का खिताब भी हासिल किया था.

अधिकारियों के अनुसार, बैंकॉक से लौटने के बाद उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके कारण उसकी जांच की गई. प्रारंभिक जांच में उसके शरीर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ, लेकिन सामान की तलाशी में बड़ा खुलासा हुआ.

ट्रॉली बैग में छिपाकर लाई गई थी खेप

कस्टम्स विभाग के मुताबिक, युवती के एक ट्रॉली बैग में बड़ी चतुराई से छिपाए गए 12 वैक्यूम-सीलबंद (Vacuum-sealed) पैकेट मिले. इन पैकेटों में उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाकर रखा गया था. एनडीपीएस फील्ड टेस्टिंग किट से जांच के बाद इसकी पुष्टि हुई.

कस्टम्स विभाग ने हर्षा सनी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस अदालत में पेश किया, अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच शुरुआती चरण में है और इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

अदालत में क्या बोली आरोपी पक्ष?

दूसरी ओर, आरोपी के वकील प्रभाकर त्रिपाठी ने अदालत में दावा किया कि, “मेरी मुवक्किल इस बैग में रखी सामग्री के बारे में पूरी तरह से अनजान है. बचाव पक्ष के अनुसार, बैंकॉक यात्रा के दौरान एक परिचित व्यक्ति ने भरोसा जीतकर उसे यह बैग भारत ले जाने के लिए दिया था. उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि बैग में कोई अवैध वस्तु है.” हालांकि, जांच एजेंसियां इस दावे की सत्यता की जांच कर रही हैं. फिलहाल पुलिस और कस्टम्स विभाग पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हुए हैं.

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