उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने सागर जिले (Sagar district) में अवैध और जहरीली शराब (Illegal Poisonous liquor) से हुई मौतों के मामले में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचीं उमा भारती ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने धर्म और कर्तव्य का पूरी निष्ठा से पालन करना चाहिए।
क्या जिम्मेदार लोगों को अवैध शराब की जानकारी नहीं थी?
उमा भारती ने सागर शराब कांड का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि जब क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही थी, तब स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, सरपंच और पार्षद क्या कर रहे थे। उन्होंने पूछा कि क्या इन जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की जानकारी नहीं थी। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी सराहना की। उमा भारती ने कहा कि शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं।
अमानवीय टिप्पणी से बहुत दुख हुआ
जेन-जी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उमा भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री को कई लोगों ने गालियां दीं, लेकिन उन्होंने सभी को माफ कर दिया। उन्होंने बिना नाम लिए एक कवि की तीखी आलोचना की। उमा भारती ने कहा कि उस व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों को कॉकरोच बताते हुए कहा था कि ये एक हिट से छिटक जाएंगे और चप्पल से मर जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की अमानवीय टिप्पणी से उन्हें बहुत दुख हुआ और वे उस व्यक्ति का नाम भी नहीं लेना चाहतीं।
महाकाल मंदिर की घटना से सीख लेने की जरूरत
पूर्व मुख्यमंत्री ने 17 अगस्त को नागपंचमी के दौरान महाकाल मंदिर में अत्यधिक भीड़ के कारण हुई अफरातफरी की घटना पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना थी। श्रद्धालुओं को भी समझना होगा कि कुछ भगवानों की पूजा घर में भी की जा सकती है।
उमा भारती ने कहा कि प्रशासन और पुलिस की भी अपनी सीमाएं होती हैं, जो कई बार श्रद्धालुओं की आस्था के आगे टूट जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उस समय किए गए अनुमान गलत साबित हुए और यह भविष्य के लिए बड़ा सबक है।
उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि सीढ़ियों और मंदिर परिसर की क्षमता का सही आकलन किया जाए। साथ ही, भीड़ के बीच एक पंक्ति खाली रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।