अहमदाबाद:घरों में सोना रखना सुरक्षित नहीं माना जाता, इसीलिए लोग बैंकों पर भरोसा करते हैं. लेकिन सोचिए क्या हो जब आपका सोना बैंक से ही चोरी हो जाए. ऐसा ही चौंकाने वाला एक मामले गुजरात के जाम नगर से सामने आया है. सोना साफ करने के बहाने असली सोना बदलने की घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन बैंक के अंदर से सोना चोरी की घटना चौंकाने वाली है.

लोन के लिए गिरवी रखा गया सोना चुराया
जिस लाखों रुपये के असली सोने को ग्राहकों ने गोल्ड लोन के लिए भरोसे के साथ बैंक में जमा किया था, उसे बैंक के ही कर्मचारी ने निकाल लिया. इतना ही नहीं, असली सोने की ज्वेलरी की जगह डुप्लीकेट ज्वेलरी रख दी. 39.48 लाख रुपये से ज़्यादा की कीमत के कुल 342.1 ग्राम सोना चोरी कर लिया गया. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अब पता लगा रही है कि बैंक के लॉकर से सोना बदलने का यह खेल कब से चल रहा था और क्या इससे पहले भी किसी ग्राहक का सोना इस तरह से चोरी हुआ है?
बैंक कर्मी ने चुराया लाखों का सोना
घटना जामनगर के रणजीतसागर इलाके में मौजूद इंडियन बैंक की है. ब्रांच में गोल्ड लोन कस्टमर्स के असली सोने के गहने वॉल्ट में सुरक्षित रखे गए थे. इस सोने की सुरक्षा की जिम्मेदारी बैंक के सिस्टम पर थी. बैंक में चपरासी और क्लर्क का काम करने वाले हसमुखभाई पारिया के हाथ किसी तरह से वॉल्ट की चाबी लग गई. आरोप है कि 27 अगस्त को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच ब्रांच मैनेजर के चैंबर के बॉक्स से चाबी हासिल कर उसने वॉल्ट का ताला खोलकर अलग-अलग गोल्ड लोन कस्टमर्स के कुल 342.1 ग्राम असली सोने के गहने निकालकर उनकी जगह डुप्लीकेट सोने के गहने रख दिए.

असली सोने के गहने निकालकर रखे नकली गहने
कस्टमर्स को पता चले बिना ही असली सोने की जगह नकली सोना बैंक के लॉकर में रख दिया गया. शिकायत के मुताबिक, चोरी हुए सोने की कीमत 39 लाख 48 हजार 912 रुपये है. आरोप है कि ये असली सोने के गहने बाद में विजयभाई वगोरा को बेचने के लिए दिए गए थे.
बैंक लॉकर से सोना चोरी होने और नकली सोना बदलने की पूरी घटना ने बैंक के सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सिटी ‘A’ डिवीजन पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. D-स्टाफ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने विजयभाई वगोरा को चोरी का सोना बेचने जाते हुए पकड़ लिया. बैंक कर्मचारी हसमुखभाई पारिया को भी हिरासत में लिया गया है.

बैंक के सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि सोना किसे बेचा जाना था, पहले कितना सोना निकाला गया था और क्या इस चोरी में कोई और व्यक्ति भी शामिल है. खासकर, क्या आरोपियों ने पहले भी गोल्ड लोन कस्टमर्स के असली सोने के गहने निकालकर उनकी जगह नकली गहने रखे हैं, यह पुलिस के लिए जांच का एक अहम पॉइंट बन गया है. यह भी जांच की जा रही है कि चोरी का सोना दूसरे गोल्ड डीलर्स या बिचौलियों तक पहुंचा है या नहीं. पुलिस बैंक के अंदर से चाबी मिलने से लेकर सोना निकालने, नकली गहने रखने और चोरी का सोना बेचने तक की पूरी चेन को जोड़ने के लिए पूरी जांच कर रही है.