उज्जैन के शिप्रा नदी के रामघाट पर गुरुवार शाम दीपोत्सव की ड्यूटी के दौरान शासकीय अस्पताल नरवर के डॉक्टर अश्विन पोरवाल और डीएसपी रामसिंह भाभोर के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि डीएसपी ने उनका मोबाइल छीना और धक्का दिया, जिससे वे बैरिकेड्स से टकराकर घायल हो गए। इसके बाद डॉक्टर अस्पताल में भर्ती हुए और एमएलसी कराई।

डॉ. पोरवाल के अनुसार, तहसीलदार ने उन्हें एक बच्चे की ड्रेसिंग के लिए भेजा था। ड्रेसिंग कर सहयोगी के साथ लौटने पर डीएसपी ने उन्हें बैरिकेडिंग पाइंट पर रोक दिया। ड्यूटी कार्ड दिखाने के बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया। डॉक्टर का आरोप है कि इसी दौरान उनका मोबाइल छीना गया और धक्का दिया गया।
डीएसपी बोले- डॉक्टर ने महिला पुलिसकर्मियों से अभद्रता की
डीएसपी रामसिंह भाभोर ने आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि दीपोत्सव के दौरान भीड़ को मंच की ओर जाने से रोकने के लिए सभी को रोका जा रहा था। डॉक्टर गलत गेट से प्रवेश करना चाहते थे और रोकने पर उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से अभद्रता की। डीएसपी के अनुसार, उन्होंने डॉक्टर को केवल समझाने का प्रयास किया, धक्का-मुक्की नहीं की; डॉक्टर खुद गिर गए।मामला सीएमएचओ तक पहुंच गया है। वहीं महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल उनके पास इस मामले में कोई शिकायत नहीं आई है।