रिटायर्ड IPS रघुवीर सिंह मीना पर जाति प्रमाणपत्र मामले में FIR दर्ज हुई है। पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने यह कार्रवाई की। उन पर विदिशा से ST प्रमाणपत्र जारी कराकर नौकरी लेने का आरोप है। छानबीन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है।
रिटायर्ड IPS रघुवीर मीना
रिटायर्ड IPS रघुवीर सिंह मीना गुना जिले के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी ममता मीना विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। वह 2013 से 2018 तक चाचौड़ा विधानसभा से विधायक रहीं। पति-पत्नी दोनों वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तुत होकर आरक्षित वर्ग का लाभ लेने और जाति प्रमाणपत्र से संबंधित शिकायत पर पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने कार्रवाई की है।
शिकायत की जांच और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर थाना सतर्कता, पुलिस मुख्यालय, भोपाल में संबंधित निवर्तमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।

1984 में जारी ST प्रमाणपत्र समिति ने अमान्य घोषित किया
इस मामले की शिकायत राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी ने की थी। इसके बाद प्रकरण उच्च स्तरीय छानबीन समिति के पास पहुंचा। मध्यप्रदेश शासन की अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाणपत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति, भोपाल ने संबंधित प्रमाणपत्र की जांच की।
समिति ने अभिलेखों और तथ्यों की जांच के बाद पाया कि विदिशा के क्षेत्र संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा 1984 में जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किया गया है।
समिति की जांच में सामने आया कि संबंधित अधिकारी के पक्ष में 1984 में विदिशा जिले से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी किया गया था। अभिलेखों में उनके मूल निवासी होने से जुड़े तथ्यों पर भी सवाल सामने आए हैं।

शिक्षक रहते OBC, DSP बनने के बाद ST प्रमाणपत्र
जांच में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सामने आया है कि पुलिस सेवा में नियुक्ति से पहले रघुवीर सिंह मीना ने मध्यप्रदेश में शासकीय शिक्षक रहते खुद को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का अभ्यर्थी बताया था।
इसके बाद मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा के जरिए उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्ति हुई। शासकीय सेवा के दौरान पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ भी मिले।उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच में जाति प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े तत्कालीन अभिलेखों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका के तथ्य भी सामने आए हैं।प्रमाणपत्र जारी करते समय नियमों और उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं, इसकी पुलिस जांच कर रही है।

साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई
उपलब्ध तथ्यों और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को थाना सतर्कता, पुलिस मुख्यालय भोपाल में रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी, 167 और 420 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(q) के तहत FIR दर्ज की गई है।
पुलिस दस्तावेजों, संबंधित व्यक्तियों के बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना कर रही है। इसमें सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।