अनिल अंबानी की बढ़ीं मुश्किलें, LIC के ₹2,684 करोड़ के कथित धोखाधड़ी मामले में CBI का एक्शन; अनिल अंबानी समेत कई पर केस दर्ज

नई दिल्ली। अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दरअसल, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई-CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएपी) (Reliance Capital Limited – RCAP), इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी, पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है।

र के मुताबिक यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (Life Insurance Corporation of India – LIC) के निवेश से जुड़े 2684 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। हालांकि, अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने आरोपों को खारिज किया है

क्या कहा प्रवक्ता ने?
प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान में कहा, ”सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से संबंधित है। अनिल अंबानी 2005 से नवंबर 2021 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के बोर्ड में गैर कार्यकारी निदेशक/चेयरमैन रहे। नवंबर 2021 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कंपनी के निदेशक मंडल को हटाकर एक प्रशासक नियुक्त कर दिया था।” प्रवक्ता के मुताबिक अनिल अंबानी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और कानून के तहत उन्हें मिले सभी अधिकारों को वह सुरक्षित रखते हैं।

क्या है आरोप?
सीबीआई के अनुसार, एलआईसी का आरोप है कि 12 अप्रैल 2012 से 9 मार्च 2018 के बीच उसने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड द्वारा जारी किए गए पांच अपरिवर्तनीय ‘डिबेंचर’ खरीदे थे, जिनकी कुल कीमत 3,900 करोड़ रुपये थी। ये निवेश सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों, फंड की जरूरतों और मौजूदा कर्ज को फिर से री-फाइनेंस के लिए किए गए थे।

एलआईसी का आरोप है कि आरोपी व्यक्तियों ने आपराधिक साजिश रची और कई अपराध किए, जिनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक कदाचार, फंड का गलत इस्तेमाल/गबन और खातों में हेराफेरी शामिल हैं। एलआईसी का आरोप है कि आरोपियों ने गलत जानकारी देकर उसे कंपनी में निवेश करने के लिए छल से राजी किया और उसके बाद धोखाधड़ी से फंड को अन्य खातों में भेज दिया। इन कथित कृत्यों की वजह से एलआईसी को 2,684 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

पहले भी कई मामले दर्ज
सीबीआई ने बताया कि उसने पहले कई सरकारी बैंकों, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और एलआईसी से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ आठ प्राथमिकी दर्ज की थीं।

इन मामलों में अब तक छह आरोपपत्र दाखिल किये जा चुके हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बयान में कहा गया है कि मामलों की जांच चल रही है और उच्चतम न्यायालय इनकी निगरानी कर रहा है।

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