गाजियाबाद:उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी पर फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर फ्रॉड का मामला सामने आया है. क्रेडिट कार्ड धारकों से साइबर ठगी करने वाले 21 वर्षीय युवक को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक्सिस बैंक के 52 क्रेडिट कार्ड की डीटेल्स हासिल कर करीब 30 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड किया.

OTP के जरिए लाखों के फ्रॉड का आरोपी गिरफ्तार
आरोपी फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर खुद ही ऑर्डर जनरेट करता और क्रेडिट कार्ड धारकों से हासिल ओटीपी के जरिए उसका पेमेंट कराता था. इसके बाद रेस्टोरेंट से ऑर्डर की फर्जी डिलीवरी दिखाकर स्विगी से रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लेता था.
कहां से आया फ्रॉड का आइडिया?
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे यू-ट्यूब पर वीडियो देखने के दौरान इस तरह साइबर फ्रॉड करने का तरीका पता चला. इसके बाद उसने ‘श्याम की रसोई’ और ‘राधा की रसोई’ नाम के फर्जी रेस्टोरेंट बनाए और उनके लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी हासिल किए.
जांच में सामने आया है कि आरोपी को टेलीग्राम पर ‘FAST OTP BOT’ चैनल के बारे में जानकारी मिली, जहां से उसे क्रेडिट कार्ड धारकों का डेटा और अन्य जानकारी मिलती थी.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फ्रॉड करके एक्सिस बैंक के 52 क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल की. इसके बाद उसने अपने मोबाइल नंबर और बैंक खाते से फर्जी रेस्टोरेंट को स्विगी पर रजिस्टर किया.
आरोपी क्रेडिट कार्ड धारकों को जियो-जॉइन एप के जरिए वाई-फाई कॉलिंग करता था और खुद को एक्सिस बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी बताता था. वह क्रेडिट कार्ड पर लगे सर्विस चार्ज या लेट पेमेंट हटाने के नाम पर ‘सर्विस रिक्वेस्ट’ के लिए ओटीपी मांगता था. प्राप्त ओटीपी का इस्तेमाल वह अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर स्विगी ऑर्डर का भुगतान करने में करता था. इसके बाद फर्जी रेस्टोरेंट से ऑर्डर की डिलीवरी पूरी दिखाकर स्विगी से सर्विस चार्ज काटने के बाद बची रकम अपने बैंक खाते में मंगवा लेता था. बाद में रकम एटीएम और चेक के डरिए निकाल ली जाती थी.
पुलिस ने बताया कि 17 सितंबर को आरोपी ने एम. श्रीनिवास नाम के शख्स के क्रेडिट कार्ड से 38 हजार रुपये का स्विगी ऑर्डर अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर जनरेट कर साइबर फ्रॉड किया था.
साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी के पास से फ्रॉड में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप बरामद किया है. बरामद उपकरणों में ‘FAST OTP BOT’ टेलीग्राम चैनल की चैट, क्रेडिट कार्ड की डिटेल वाली गूगल शीट, फर्जी रेस्टोरेंट के एफएसएसएआई दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों से संबंधित सबूत मिले हैं. पुलिस इनकी जांच कर रही है.
पुलिस के मुताबिक, टेलीग्राम चैनल के जरिए चोरी किया गया डेटा उपलब्ध कराने के बदले जिन QR कोड पर पेमेंट किया गया, उनकी जानकारी और टेलीग्राम यूजर आईडी के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.