अमेरिका में पहली बार मौत की सजा को लाइव टीवी पर दिखाया जाएगा। पूर्व आर्मी मेजर निदाल हसन को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी
निदाल हसन पर 13 लोगों की हत्या करने और 31 लोगों को घायल करने का आरोप है।
हसन ने 2009 में टेक्सास के सैन्य अड्डे पर धार्मिक नारा लगाते हुए गोलीबारी की थी, जिसमें 13 सैनिकों की मौत हो गई थी। अब 3 दिसंबर को यहीं हसन को गोली मारी जाएगी।अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस सजा का लाइव टेलिकास्ट किया जाएगा, ताकि आम लोग इसे देख सकें। BBC के मुताबिक, 100 साल में यह अमेरिका में पहली सार्वजनिक तौर पर दी गई मौत की सजा होगी।

टेक्सास के फोर्ट हुड पर हसन के हमले के बाद अमेरिकी सैनिक अपने साथी को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए। तस्वीर 2009 की है।
हमले के बाद माना था- जिहाद के लिए किया
5 नवंबर 2009 को सेना के मनोचिकित्सक मेजर निदाल हसन निजी पिस्तौल लेकर फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पहुंचा और सैनिकों व अन्य लोगों पर अचानक गोलीबारी कर दी। यह अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुई सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी थी।उस समय अमेरिका अफगानिस्तान और इराक में युद्ध लड़ रहा था। हसन ने बाद में कहा कि वह इन युद्धों को गैरकानूनी और अनैतिक मानता था और जिहाद के लिए हमला किया था।
गोलीबारी में हसन भी घायल हुआ और कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गया। सैन्य अदालत में उसने हत्याओं की बात स्वीकार की। 2013 में उसे पहले से हत्या की योजना बनाने और हत्या की कोशिश के कुल 45 मामलों में दोषी ठहराया गया।हसन ने हमले पर कोई पछतावा नहीं जताया। सैन्य मानसिक स्वास्थ्य पैनल के सामने उसने कहा कि वह चाहता था कि हमले में उसकी भी मौत हो जाती, ताकि वह शहीद बन सके। उसका यह तक कहा कि मौत की सजा मिलने पर भी वह खुद को शहीद मानेगा।

65 साल बाद सैनिक को मौत की सजा का पहला मामला
1961 के बाद अमेरिकी सैन्य न्याय व्यवस्था के तहत मौत की सजा पाने वाला निदाल हसन पहला व्यक्ति होगा। सैन्य व्यवस्था में आखिरी बार प्राइवेट जॉन ए. बेनेट को मौत की सजा दी गई थी।हेगसेथ ने एक इंटरव्यू में कहा कि हसन को सैनिकों की एक टुकड़ी गोली मारकर मौत की सजा देगी। हेगसेथ ने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग इसे देख सकें और यह सार्वजनिक हो। लोगों को समझना चाहिए कि इस तरह के कामों के गंभीर नतीजे होते हैं।’
अदालत में अपील करने से सजा अब भी टल सकती है
अमेरिकी सैन्य कानून के तहत किसी कैदी को मौत की सजा देने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है। इसके बाद भी कानूनी अपील के चलते सजा रुक सकती है।राष्ट्रपति ट्रम्प ने 2 अक्टूबर को हसन को गोली मारकर मौत की सजा देने की मंजूरी दी थी। हालांकि, हसन के पास दोषी ठहराए जाने और सजा के खिलाफ अपील करने का विकल्प है। इससे सजा पर रोक लग सकती है।
पहले किन देशों में मौत की सजा का प्रसारण हुआ?
1. चीन
मार्च 2013 में सरकारी टीवी चैनल चार विदेशी ड्रग तस्करों को मौत की सजा दिए जाने से पहले के पलों का लाइव प्रसारण किया था।ये चारों 2011 में मेकांग नदी पर 13 चीनी नाविकों की हत्या के मामले में दोषी थे। हालांकि, उन्हें जहरीला इंजेक्शन दिए जाने का दृश्य प्रसारण में नहीं दिखाया गया था।

2. ईरान
सितंबर 2017 में ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर की वेबसाइट पर इस्माइल जाफरजादेह को फांसी दिए जाने का वीडियो साझा किया गया था।उसे 7 साल की बच्ची के रेप और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उसे पारसाबाद शहर के एक चौराहे पर लोगों के सामने फांसी दी गई थी।
3. अफगानिस्तान
यहां भी सार्वजनिक रूप से मौत की सजा दी जाती है। 22 फरवरी 2024 को तालिबान ने गजनी शहर के एक स्टेडियम में दो दोषियों को गोली मारकर मौत की सजा दी।दोनों को हत्या के मामलों में दोषी ठहराया गया था। इस दौरान हजारों लोग स्टेडियम में मौजूद थे।एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, 2025 में अफगानिस्तान में सार्वजनिक रूप से 6 लोगों को मौत की सजा दी गई थी।