मेक्सिको में बड़ा ऑपरेशन: एल मेंचो ढेर, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल का तांडव—हाईवे जाम, आगजनी; अमेरिका–मेक्सिको रिश्तों पर नजर, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी

मेक्सिको में सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया। इसके बाद देशभर में आगजनी और हिंसा शुरू हो गई है। मेंचो के समर्थकों ने बदला लेने के लिए हाईवे को जाम कर दिया है और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे हैं।

मेक्सिको में ड्रग कार्टेल के लीडर के मौत से नाराज समर्थकों ने ग्वाडलाहारा और प्यूर्टो वालार्टा इलाकों में आगजनी की।

तलपला शहर में सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा कम से कम और 9 अपराधी भी मारे गए हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। जलिस्को कार्टेल मेक्सिको में ड्रग्स बनाने और बेचने, स्थानीय कारोबारियों से वसूली करने और कई इलाकों में लोगों को डराकर रखने के लिए कुख्यात रहा है।

इस कार्टेल की मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से मेक्सिको पर एल मेंचो पर एक्शन लेने का दबाव बना रहे थे।

हिंसा की 7 तस्वीरें…

जलिस्को के टूरिस्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिख रहा है।

लोग डर के चलते एयरपोर्ट से बाहर भाग रहे हैं। एयर कनाडा ने प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर दी हैं और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की एडवाइस दी है।

नेमेसियो रूबन के समर्थकों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

कार्टेल ग्रुप के समर्थक लोगों की गाड़ियों को रोककर उनमें जबरन आग लगाई।

 

मेक्सिको के एक पेट्रोल पंप को कार्टेल ग्रुप के समर्थक ने अपने कब्जे में ले लिया, फिर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया।

कार्टेल ग्रुप के समर्थकों ने एक सुपरमार्केट में आग लगा दी। इसमें एक कार जल गई।

हिंसक प्रदर्शन में एक बस पूरी तरह जल कर खाक हो गई। आग पर काबू पाने की कोशिश करते दमकलकर्मी।

पहले भी ऐसी हिंसक घटनाएं हुईं

मेक्सिको में पहले भी जब किसी बड़े कार्टेल नेता को पकड़ा गया या मारा गया है, तब सरकार और कार्टेल के बीच हिंसक टकराव हुआ है। कई बार गिरोह के अंदर ही सत्ता की लड़ाई छिड़ जाती है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एल मेंचो की मौत से पहले 2016 में सिनाओला कार्टेल के सरगना एल चापो की गिरफ्तारी और 2024 में अल मायो की गिरफ्तारी के वक्त भी देश में ऐसा ही हुआ था।

2019 में जब अल चापो के बेटे ओविदियो गुजमान को पकड़ा गया था, तब उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को घंटों तक बंधक बना लिया था और सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। इसलिए अब भी डर है कि हालात और बिगड़ सकते हैं।

अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जालिस्को कार्टेल के पास नया नेता साफ तौर पर तय है या नहीं। अगर अंदरूनी लड़ाई शुरू हुई तो खून-खराबा और बढ़ सकता है।

मेक्सिको पर एक्शन लेने को दबाव बना रहे थे ट्रम्प

जालिस्को कार्टेल (CJNG) कार्टेल 2009 में बना था। एल मेंचो की लीडरशिप में यह मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग नेटवर्क बन गया था। यह कोकीन, मेथामफेटामिन और हाल के वर्षों में फेंटानिल जैसी सिंथेटिक ड्रग्स अमेरिका भेजता था।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेंचों की मौत से मेक्सिको और अमेरिका के रिश्तों में सुधार हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प मेक्सिको पर दबाव बना रहे थे कि वह कार्टेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वह सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं। इसी साल फरवरी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया।

मेक्सिको सरकार ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमले से देश की संप्रभुता का उल्लंघन होगा, लेकिन खुफिया जानकारी के स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है।

मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी

मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है।

अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है।

दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं।अमेरिकी सरकार ने एल मेंचो पर करीब 1 अरब रुपए का इनाम रखा था।

ट्रम्प भी ड्रग कार्टेल को खत्म करने की धमकी दे चुके

वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही जमीन पर मौजूद ड्रग कार्टेल को निशाना बनाने के लिए कार्रवाई शुरू करेगा।

ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया था कि मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल का कब्जा है। यह अमेरिका में हर साल 2.5 लाख से 3 लाख लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समुद्र के रास्ते से ड्रग्स की तस्करी को 97% तक रोक दिया है, इसलिए अब जमीन पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने योजनाओं के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी।

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने ट्रम्प के बयानों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा कि अमेरिका किसी भी क्षेत्र का मालिक नहीं है।

न्यू जेनरेशन कार्टेल के पास मशीन गन, टैंक भी मौजूद

द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार मेक्सिको के सबसे बड़े सिनालोआ कार्टेल के पास 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर हैं। ये संख्या मेक्सिको की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयरो मेक्सिको से पांच गुना ज्यादा है।

कार्टेल्स अब ड्रोन और आर्मर्ड व्हीकल्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। जैसे जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के पास मशीन गन, टैंक और बॉडी आर्मर से लैस ग्रुप्स हैं। कुल मिलाकर, कार्टेल्स की प्राइवेट सेना या मेंबर्स की संख्या 2022-2023 में 160,000 से 185,000 अनुमानित थी, जो मेक्सिको में पांचवीं सबसे बड़ी एम्प्लॉयर बनाती हैमेक्सिको गृह मंत्रालय की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार कार्टेल के पास एके-47 और एम-80 जैसे असॉल्ट राइफलों का जखीरा है। हर साल सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा ड्रग कार्टेल के कब्जे से 20 हजार से ज्यादा असॉल्ट राइफलों की बरामदगी की जाती है।

मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स सबसे ज्यादा कमाई करने वाले क्रिमिनल ग्रुप्स

मेक्सिको सरकार कार्टेल से बरामद किए जाने वाले हथियारों को खत्म करती है, ताकि इनका फिर से इस्तेमाल न किया जा सके। कार्टेल इन हथियारों को अमेरिकी माफिया से ड्रग्स की सप्लाई के बदले में लेते हैं। 5 साल के दौरान कार्टेल ने रॉकेट लॉन्चर्स भी हासिल कर लिए हैं। इनका इस्तेमाल सरकारी टोही विमानों पर हमले के लिए करते हैं।UN वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट 2025 के अनुसार मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स अब दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले क्रिमिनल ग्रुप्स हैं, जो सालाना $12.1 बिलियन (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा कमाते हैं। यह मुख्य रूप से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल की तस्करी से आता है।

भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की

मेक्सिको में हालात बिगड़ने पर भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जालिस्को (पुएर्तो वालार्टा, चापाला, ग्वाडलाहारा), तमाउलिपास (रेनोसा), मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन राज्यों में रह रहे भारतीयों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

दूतावास ने नागरिकों से सुरक्षित स्थान पर रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और भीड़ से दूर रहने की अपील की है। साथ ही परिवार और मित्रों को अपनी स्थिति की जानकारी देने को कहा है।इमरजेंसी में 911 पर संपर्क करने और सहायता के लिए +52-55-4847-7539 पर भारतीय दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

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