भोपाल में खाकी शर्मसार: बेटी की बर्थडे पार्टी के बहाने 17 वर्षीय नाबालिग को होटल ले जाकर दुष्कर्म, बाहर पहरा देता रहा साथी सिपाही; दोनों गिरफ्तार

मध्य प्रदेश पुलिस के दो आरक्षकों ने खाकी पर न केवल भद्दा दाग लगाया, बल्कि भरोसे को भी तार-तार कर दिया। मामला एक आरक्षक द्वारा अपने पूर्व सहकर्मी की नाबालिग बेटी को जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाकर दुष्कर्म करने का सामने आया है।इस दरिंदगी में उसकी मदद एक अन्य पुलिसकर्मी ने मदद भी की है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस वाले ने पूर्व सहकर्मी की नाबालिग बेटी से किया दुष्कर्म

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित संतोष सेन एसएएफ का आरक्षक है और धार जिले में पदस्थ है। इससे पहले वह भोपाल में तैनात था। यहां पदस्थापना के दौरान उसकी दोस्ती एसएएफ के ही एक पुलिसकर्मी से थी। दोनों के बीच पारिवारिक संबंध होने के कारण दूसरे पुलिसकर्मी की 17 वर्षीय बेटी भी उसके संपर्क में आई और दोनों के बीच बातचीत होने लगी।

बर्थडे के बहाने बुलाया

पुलिस जांच में सामने आया है कि बुधवार को संतोष सेन भोपाल आया था। उसने नाबालिग को फोन कर बताया कि उसके दोस्त जितेंद्र उर्फ जीत की बेटी का जन्मदिन है और उसे पार्टी में शामिल होना है।झांसे में आकर पीड़िता लाल परेड मैदान पहुंच गई। वहां संतोष अपने साथी जितेंद्र उर्फ जीत के साथ कार से पहुंचा। इसके बाद दोनों उसे पार्टी में ले जाने के बजाय एमपी नगर थाना क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में ले गए।

होटल ले जाकर किया रेप

पुलिस के मुताबिक जितेंद्र ने दोनों को होटल तक पहुंचाया और अपनी कार वहीं छोड़कर चला गया। संतोष सेन ने होटल के कमरे में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान जितेंद्र अपने बेटे के साथ सीढ़ियों पर रुककर पहरा देता रहा। रात में आरोपित संतोष सेन, जितेंद्र की कार से पीड़िता को उसके घर छोड़कर चला गया।जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपित आरक्षक संतोष सेन और उसके साथी जितेंद्र उर्फ जीत को गिरफ्तार कर लिया है।

घर पहुंचने पर पिता को बताई पूरी घटना

घर पहुंचते ही पीड़िता ने अपने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद स्वजन उसे लेकर कमला नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कमला नगर थाने में जीरो पर प्रकरण दर्ज किया।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना की शुरुआत लाल परेड मैदान से हुई थी, जो जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में आता है। इसके बाद केस डायरी जहांगीराबाद थाने भेजी गई, जहां विधिवत अपराध दर्ज किया गया।